BCCI AGM 2026: 95वीं सालाना बैठक में लिए गए बड़े फैसले, IPL की 20वीं सालगिरह से अंपायरों की पेमेंट तक
मुंबई। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की 95वीं सालाना आम बैठक (AGM) शुक्रवार, 18 सितंबर 2026 को मुंबई स्थित BCCI मुख्यालय में हुई। बैठक में IPL गवर्निंग काउंसिल, वित्तीय मामलों, अंपायरों और मैच रेफरी की पेमेंट, BCCI की नीतियों और भारतीय क्रिकेट के शताब्दी समारोह से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए।
BCCI के मानद सचिव देवाजीत सैकिया की ओर से जारी मीडिया एडवाइजरी के मुताबिक, AGM में लिए गए प्रमुख फैसले इस प्रकार हैं।
IPL गवर्निंग काउंसिल में 2 नए प्रतिनिधि चुने गए
AGM में जनरल बॉडी के दो प्रतिनिधियों को IPL गवर्निंग काउंसिल में शामिल किया गया है। इनमें शामिल हैं:
- अरुण सिंह धूमल
- एम खैरुल जमाल मजूमदार
दोनों को जनरल बॉडी के प्रतिनिधि के तौर पर IPL गवर्निंग काउंसिल में चुना गया।
2027 में IPL के 20वें संस्करण का होगा भव्य आयोजन
BCCI जनरल बॉडी ने 2027 में होने वाले IPL के 20वें संस्करण को भव्य तरीके से मनाने का फैसला किया है।
IPL का 20वां संस्करण भारतीय क्रिकेट की इस लोकप्रिय टी20 लीग के सफर में एक महत्वपूर्ण पड़ाव होगा। AGM में इसे विशेष रूप से मनाने का फैसला सर्वसम्मति से लिया गया।
2028 में BCCI की 100वीं वर्षगांठ का जश्न
BCCI ने अपने शताब्दी समारोह की तैयारियों की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। बोर्ड 2028 में अपनी स्थापना के 100 वर्ष पूरे करेगा।
फैसले के मुताबिक, शताब्दी समारोह दिसंबर 2027 से शुरू होकर पूरे 2028 तक चलने वाले कार्यक्रमों के जरिए मनाया जाएगा। BCCI के मुताबिक, यह भारतीय क्रिकेट के इतिहास में एक अहम पड़ाव होगा।
अंपायरों और मैच रेफरी की पेमेंट स्ट्रक्चर में बदलाव
AGM में अंपायरों और मैच रेफरी से जुड़ा भी अहम फैसला हुआ। जनरल बॉडी ने बेहतर पेमेंट स्ट्रक्चर और ग्रेड के रीक्लासिफिकेशन को सर्वसम्मति से मंजूरी दी। इसका उद्देश्य अंपायरों और मैच रेफरी के लिए मौजूदा भुगतान व्यवस्था और ग्रेडिंग को बेहतर बनाना है।
वित्त वर्ष 2025-26 के ऑडिटेड अकाउंट्स को मंजूरी
BCCI जनरल बॉडी ने वित्त वर्ष 2025-26 के ऑडिट किए गए अकाउंट्स स्टेटमेंट को मंजूरी दे दी। इसके अलावा वित्त वर्ष 2026-27 के सालाना बजट को भी जनरल बॉडी की मंजूरी मिल गई।
2026-27 के लिए ऑडिटर नियुक्त
AGM में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए ऑडिटर की नियुक्ति को भी मंजूरी दी गई। यह BCCI की नियमित वित्तीय और प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा है।
BCCI की नई इंटरनल कमिटी बनाई गई
BCCI की Prevention of Sexual Harassment Policy के तहत नई इंटरनल कमिटी के गठन को भी मंजूरी दी गई। यह कमिटी BCCI की कार्यप्रणाली में यौन उत्पीड़न की रोकथाम से जुड़ी नीति के तहत काम करेगी।
Age Verification Policy को किया गया अपडेट
AGM में BCCI की Age Verification Policy को अपडेट करके अपनाया गया। यह नीति खिलाड़ियों की आयु से जुड़े सत्यापन की प्रक्रिया और नियमों से संबंधित है।
दिव्यांग क्रिकेटरों के लिए सुविधाओं पर चर्चा
BCCI जनरल बॉडी ने दिव्यांग क्रिकेटरों को सपोर्ट करने के उपायों पर राज्य क्रिकेट इकाइयों के साथ चर्चा की। इसमें दिव्यांग क्रिकेटरों के विकास और प्रगति के लिए जरूरी सुविधाओं और संसाधनों पर विचार किया गया।
अजीत अगरकर के भविष्य पर भी चर्चा
AGM के दौरान सीनियर सेलेक्शन कमिटी के चेयरमैन अजीत अगरकर का भविष्य भी चर्चा में रहा। हालांकि, BCCI की आधिकारिक मीडिया एडवाइजरी में अगरकर के कार्यकाल को बढ़ाने या उनके स्थान पर किसी नए व्यक्ति की नियुक्ति का फैसला घोषित नहीं किया गया है।
बैठक के बाद BCCI के एक वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से रिपोर्टों में कहा गया कि पदाधिकारियों को सेलेक्शन कमिटी से जुड़े मामलों पर फैसला लेने का अधिकार दिया गया है।
अगरकर का मौजूदा कार्यकाल अगले महीने की शुरुआत में खत्म होने की बात रिपोर्टों में कही गई है। ऐसे में सेलेक्शन कमिटी के चेयरमैन के भविष्य को लेकर आगे फैसला BCCI पदाधिकारियों के स्तर पर लिया जा सकता है।
जूनियर सेलेक्शन कमिटी की पांचों सीटों पर भी नजर
सीनियर सेलेक्शन कमिटी के चेयरमैन के भविष्य के अलावा BCCI जूनियर सेलेक्शन कमिटी की सभी पांचों पोस्ट भरने पर भी विचार कर रही है।
हालांकि, AGM की आधिकारिक मीडिया एडवाइजरी में जूनियर सेलेक्शन कमिटी की नियुक्तियों को लेकर कोई अंतिम फैसला घोषित नहीं किया गया है।
मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन ने रखी अहम मांग
AGM के दौरान मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन (MCA) की ओर से BCCI के सामने एक अनुरोध भी रखा गया। MCA ने बोर्ड से कहा कि भविष्य में अहम मुकाबलों की मेजबानी सौंपते समय मुंबई को भी ध्यान में रखा जाए।
BCCI AGM 2026: एक नजर में बड़े फैसले
| मुद्दा | फैसला |
| IPL गवर्निंग काउंसिल | अरुण सिंह धूमल और एम खैरुल जमाल मजूमदार चुने गए |
| IPL 2027 | 20वें संस्करण को भव्य तरीके से मनाने का फैसला |
| BCCI शताब्दी | दिसंबर 2027 से 2028 तक सालभर कार्यक्रम |
| अंपायर/मैच रेफरी | बेहतर पेमेंट स्ट्रक्चर और ग्रेड रीक्लासिफिकेशन मंजूर |
| वित्त वर्ष 2025-26 | ऑडिटेड अकाउंट्स को मंजूरी |
| वित्त वर्ष 2026-27 | सालाना बजट मंजूर |
| ऑडिटर | 2026-27 के लिए नियुक्ति |
| यौन उत्पीड़न नीति | नई इंटरनल कमिटी का गठन |
| Age Verification | अपडेटेड नीति को मंजूरी |
| दिव्यांग क्रिकेट | सुविधाओं और संसाधनों पर राज्य इकाइयों के साथ चर्चा |
| अजीत अगरकर | सेलेक्शन कमिटी से जुड़े फैसले का अधिकार पदाधिकारियों को |
| जूनियर सेलेक्शन कमिटी | पांचों पद भरने पर विचार |
निष्कर्ष: BCCI की 95वीं AGM में तत्काल प्रशासनिक फैसलों के साथ भारतीय क्रिकेट के अगले कई वर्षों से जुड़े कार्यक्रमों पर भी निर्णय लिए गए। 2027 के IPL के 20वें संस्करण को विशेष रूप से मनाने और दिसंबर 2027 से 2028 तक BCCI की शताब्दी का सालभर जश्न मनाने का फैसला बैठक के प्रमुख बिंदुओं में रहा। वहीं अंपायरों और मैच रेफरी की पेमेंट व्यवस्था, आयु सत्यापन नीति और दिव्यांग क्रिकेटरों के लिए सुविधाओं को लेकर भी फैसले लिए गए।
Abhishek vs Yuvraj: गुरु से आगे निकला चेला? T20I में रन, शतक, छक्के... आंकड़े देख चौंक जाएंगे
Abhishek Sharma: भारतीय क्रिकेटर अभिषेक शर्मा इन दिनों जबरदस्त फॉर्म में हैं। क्रिकेट के फुर्तीले और रोमांच से भरे टी-20 फॉर्मेट में इन दिनों अभिषेक शर्मा का बल्ला जमकर बरस रहा है। गुरुवार रात उन्होंने महज 30 गेंदों में शतक ठोककर टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में भारत की तरफ से सबसे तेज शतक ठोक दिया। अभिषेक ने भारतीय दिग्गज क्रिकेटर रोहित शर्मा का 35 गेंद पर शतक लगाने का रिकॉर्ड तोड़ दिया। यही नहीं, अभिषेक ने अपना ही पुराना 37 बॉल पर शतक लगाने का रिकॉर्ड भी ध्वस्त कर दिया।
अभिषेक की इस पारी के बाद एक बार फिर उनकी तुलना भारतीय क्रिकेट के दिग्गज ऑलराउंडर युवराज सिंह से होने लगी है। इसकी वजह सिर्फ दोनों का आक्रामक बल्लेबाजी अंदाज नहीं है। युवराज सिंह अभिषेक के मेंटर रहे हैं और अभिषेक आज भी उन्हें अपना गुरु मानते हैं। मैदान पर अभिषेक की बल्लेबाजी में युवराज की आक्रामकता की झलक दिखाई देती है, लेकिन आंकड़ों में वह अपने गुरु से कई कदम आगे निकल चुके हैं।
युवराज को गुरु मानते हैं अभिषेक, मैदान पर भी दिखती है बॉन्डिंग
अभिषेक शर्मा के क्रिकेट सफर में युवराज सिंह की भूमिका काफी अहम रही है। दोनों के बीच गुरु-चेले जैसा रिश्ता है और अभिषेक कई मौकों पर युवराज को अपना गुरु बता चुके हैं। युवराज ने अभिषेक की बल्लेबाजी को निखारने में मदद की और उनके आक्रामक खेल को लेकर भी मार्गदर्शन दिया।
दोनों की बॉन्डिंग मैदान के बाहर भी नजर आती है। अभिषेक जब अच्छा प्रदर्शन करते हैं तो युवराज उनकी तारीफ करते हैं। वहीं, जब अभिषेक का बल्ला नहीं चलता, तो युवराज की नाराजगी भी कई बार सामने आ चुकी है। यही वजह है कि दोनों के बीच का रिश्ता सिर्फ क्रिकेट की तकनीकी सलाह तक सीमित नहीं दिखाई देता। अब अभिषेक उसी आक्रामक अंदाज को आधुनिक टी20 क्रिकेट में अपनी शैली के साथ आगे बढ़ा रहे हैं।
58 मैच में युवराज के 1177 रन, अभिषेक ने 59 मैच में बनाए 1858 रन
युवराज सिंह ने 2007 से 2017 के बीच भारत के लिए 58 टी20 इंटरनेशनल मुकाबले खेले। इस दौरान उन्होंने 51 पारियों में 1177 रन बनाए। उनका सर्वोच्च स्कोर 77 रन रहा, जबकि बल्लेबाजी औसत 28.02 और स्ट्राइक रेट 136.38 का रहा। युवराज के नाम इस फॉर्मेट में कोई शतक नहीं था, लेकिन उन्होंने 8 अर्धशतक जरूर लगाए।
वहीं, अभिषेक शर्मा ने 2024 से अब तक 59 टी20 इंटरनेशनल मुकाबलों में 58 पारियां खेलते हुए 1858 रन बना लिए हैं। उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 135 रन है, जबकि बल्लेबाजी औसत 33.17 और स्ट्राइक रेट 194.55 का है। अभिषेक के नाम 3 शतक और 12 अर्धशतक दर्ज हैं। यानी लगभग बराबर मुकाबले खेलने के बाद अभिषेक ने अपने गुरु युवराज से 681 रन ज्यादा बनाए हैं। इतना ही नहीं, अभिषेक ने युवराज के मुकाबले तीन शतक भी जड़े हैं, जबकि युवी के नाम इस फॉर्मेट में एक भी शतक नहीं था।
छक्कों और चौकों में भी अभिषेक का जलवा
युवराज सिंह को लंबे-लंबे छक्के लगाने के लिए जाना जाता था। टी20 इंटरनेशनल में उनके नाम 74 छक्के और 77 चौके दर्ज हैं। उनका आक्रामक अंदाज भारतीय क्रिकेट की पहचान बना। लेकिन अभिषेक शर्मा ने कम समय में ही छक्कों के मामले में अपने गुरु को पीछे छोड़ दिया है। अभिषेक ने अब तक 126 छक्के और 182 चौके लगाए हैं। इसका मतलब है कि अभिषेक ने युवराज की तुलना में 52 छक्के और 105 चौके ज्यादा लगाए हैं।
यह आंकड़ा बताता है कि अभिषेक की बल्लेबाजी में आक्रामकता किस स्तर की है। उनका स्ट्राइक रेट 194.55 है, जो युवराज के 136.38 के मुकाबले काफी अधिक है। हालांकि, दोनों अलग-अलग दौर में खेले हैं और टीम की जरूरतें, मैदान, विपक्षी टीमें तथा क्रिकेट का माहौल भी अलग रहा है। इसलिए आंकड़ों की तुलना को उसी संदर्भ में देखना जरूरी है।
औसत और शतकों में भी चेले का दबदबा
अभिषेक शर्मा ने न केवल ज्यादा रन बनाए हैं, बल्कि उनका बल्लेबाजी औसत भी युवराज से बेहतर है। युवराज का औसत 28.02 था, जबकि अभिषेक का औसत 33.17 है। अभिषेक ने 3 शतक और 12 अर्धशतक लगाए हैं। वहीं, युवराज के नाम 8 अर्धशतक थे। इससे पता चलता है कि अभिषेक ने टी20 इंटरनेशनल में बड़ी पारियां खेलने की क्षमता भी दिखाई है। हालांकि, युवराज की पहचान केवल उनके आंकड़ों से नहीं होती। 2007 टी20 विश्व कप और 2011 वनडे विश्व कप में उनका योगदान भारतीय क्रिकेट के इतिहास का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उनके अनुभव और बड़े मैचों में प्रदर्शन ने उन्हें एक अलग मुकाम दिया।
युवराज- अभिषेक की तुलना एक नजर में
| आंकड़ा | युवराज सिंह | अभिषेक शर्मा |
| अवधि | 2007–2017 | 2024–अब तक |
| मैच | 58 | 59 |
| पारी | 51 | 58 |
| रन | 1177 | 1858 |
| सर्वश्रेष्ठ | 77 | 135 |
| औसत | 28.02 | 33.17 |
| स्ट्राइक रेट | 136.38 | 194.55 |
| शतक | 0 | 3 |
| अर्धशतक | 8 | 12 |
| चौके | 77 | 182 |
| छक्के | 74 | 126 |
गुरु की सीख, चेले की अपनी पहचान
युवराज सिंह ने अभिषेक शर्मा के क्रिकेट सफर में मार्गदर्शक की भूमिका निभाई है। अभिषेक की बल्लेबाजी में आक्रामकता, आत्मविश्वास और बड़े शॉट खेलने का अंदाज युवराज की याद दिलाता है। लेकिन अभिषेक की अपनी बल्लेबाजी शैली भी है, जो उन्हें आधुनिक टी20 क्रिकेट में अलग पहचान देती है।
आंकड़ों के लिहाज से अभिषेक कई मामलों में युवराज से आगे निकल चुके हैं। रन, शतक, चौके, छक्के और स्ट्राइक रेट। इन सभी में अभिषेक के आंकड़े बेहतर हैं। फिर भी गुरु और चेले की तुलना सिर्फ आंकड़ों तक सीमित नहीं है। युवराज ने भारतीय क्रिकेट को जो योगदान दिया, वह उनकी विरासत का हिस्सा है, जबकि अभिषेक अभी अपना सफर तय कर रहे हैं। गुरु ने जिस आक्रामक बल्लेबाजी की नींव रखी, चेला उसी अंदाज को नई रफ्तार दे रहा है। अब देखना दिलचस्प होगा कि अभिषेक शर्मा अपने करियर में किस मुकाम तक पहुंचते हैं।
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