सिंगर गुलाब सिद्धू ने नहीं हटाई सरपंच कुट दूं लाइन:सरपंचों में नाराजगी, मूसेवाला से दोस्ती; हत्या की साजिश रचने वाले 3 आरोपी पकड़े
पंजाबी सिंगर गुलाब सिद्धू एक बार फिर चर्चा में हैं। कभी सिद्धू मूसेवाला के करीबी रहे गुलाब सिद्दू के जट्टा लव यू सॉन्ग ने उनके कई दुश्मन खड़े कर दिए हैं। सोमवार को उनकी हत्या की साजिश रचने के आरोप में पुलिस ने 3 लोगों को अरेस्ट किया। बता दें कि गुलाब सिद्धू ने सरपंचों की धमकी के बाद भी अपने गीत से विवादित लाइन नहीं हटाई। इस गीत को 2 महीने में 10 लाख व्यू मिल चुके हैं। गुलाब सिद्धू पंजाबी म्यूजिक इंडस्ट्री में कई बार कन्ट्रोवर्सी में घिर चुके हैं। मगर 8 साल करियर में ये उनकी पहली बड़ी कॉन्ट्रोवर्सी है। पहले वह सिद्धू मूसेवाला के करीबी रहे। उनके साथ 22-22 कैंहदी दुनिया सॉन्ग किया। सिद्धू मूसेवाला की हत्या से पहले उनकी दोस्ती टूट गई थी। हत्या के बाद गुलाब सिद्धू पर भी उंगली उठी और गैंगस्टर लॉरेंस से संबंधी होने के आरोप लगे। बरनाला के फरवाही गांव में जन्मे 32 साल के सिद्धू को पारले जी खा के नीं दिमाग चल दे गीत से फेम मिला था। फेम मिलने के बाद गुलाब सिद्धू कई बार विवादों से घिरे। आइए जानते हैं गुलाब सिद्धू से जुड़े विवादों के बारे में...। 2 साल में सरपंची पर दूसरा कटाक्ष सिंगर गुलाब सिद्धू का सरपंची को लेकर 1 साल पहले भी सॉन्ग रिलीज हुआ था। इसमें उन्होंने सरपंची 40 लाख रुपए में मिलने की बात कही थी। गीत के वीडियो में सरपंच का चुनाव जीतने के लिए सरेआम पैसे बांटते हुए हुए दिखाया गया था। हालांकि उस समय गीत पर कोई कॉन्ट्रोवर्सी नहीं हुई थी। उस गीत का टाइटल भी सरपंची था। अभी जिस गीत की लाइनों पर विवाद हो रहा है, उसका टाइटल लव यू जट्टा है। इस गीत के बीच में गुलाब सिद्धू कहते हैं 'सणे सरपंच सारा पिंड कुट दूं' (तेरे पीछे में सरपंचों को पीट सकता हूं)। लुधियाना के जंग ढिल्लों ने लिखा है गीत गुलाब सिद्धू के जट्टा लव यू टाइटल गीत को लुधियाना के जंग ढिल्लों ने लिखा है। सारे गीत में हथियारों को प्रमोट किया गया है। गीत की पहली लाइन ही...तेरी गुत्त जेडा कद मेरी 12 बोर दा...से हुई है। इस गीत को 2 महीने में 10 लाख व्यू मिल चुके हैं। वादे के बाद भी गीत से नहीं हटीं विवादित लाइनें तेरे पीछे सारे सरपंच कुट दूं...पर विवाद होने के बाद गुलाब सिद्धू ने माफी मांगने के बाद कहा था गीत की विवादित लाइनों को या तो हटा देंगे या फिर म्यूट कर देंगे। लेकिन यूट्यूब पर चल रहे गीत में अभी भी ये लाइनें मौजूद हैं। गुलाब सिद्धू सार्वजनिक मंच से कई बार लाइनों को म्यूट करवाने की बात कह चुके हैं। सिंगर गुलाब सिद्धू से जुड़े विवाद... अब पढ़िए सरपंच ने गुलाब सिद्धू को क्या धमकी दी थी कोटदुना गांव के सरपंच बलजिंदर ने धमकी देते हुए कहा था- मैं सभी सरपंचों को विनती करता हूं कि मेरा साथ दोगे या नहीं। लेकिन मुझे इस बात का बहुत गुस्सा है। मैं मौजूदा सरपंच हूं। गुलाब सिद्धू ने गाना गया, बढ़िया गाता है। गाने गाता रहे। मैं गुलाब सिद्धू को कहता हूं कि मुझे तू मिल तो सही, मैं उसे बताऊंगा कि सरपंचों को कैसे पीटते हैं। जिस दिन मिल गया, उसी दिन पता लग जाएगा। उसने सारे सरपंचों को कहा है, मुझसे तो ये चीज बर्दाश्त नहीं हो रही। सरपंच कोई छोटी–मोटी बात होती है, सारा गांव जिताकर सरपंच बनाता है। मैं वीडियो-वीडियो नहीं खेलता, गुलाब सिद्धू मुझे मिले, मैं उसे बताऊंगा कि कैसे सरपंच को बोलते हैं। तू भी सोचेगा कि किस सरपंच से सामना हुआ था।
90 प्रतिशत कंटेंट टीवी के लिए बनता है:आलोक जैन बोले- टेलीविजन खत्म नहीं होगा, दर्शकों की बदलती सोच के साथ हम आगे बढ़ते हैं
एक ऐसे दौर में जब अक्सर कहा जा रहा है कि टेलीविजन का प्रभाव कम हो रहा है, उसी समय कलर्स चैनल ने 18 साल पूरे कर लिए हैं और जियो हॉटस्टार डिजिटल दर्शकों की नई आदत बन चुका है। टेलीविजन और डिजिटल के इस बदलते समीकरण, दर्शकों की पसंद और कंटेंट की रणनीति पर हमारी खास बातचीत हुई जियोस्टार के आलोक जैन से। पेश है कुछ प्रमुख अंश.. सवाल: आज के समय में जब यह माना जा रहा था कि टेलीविजन खत्म होने के कगार पर है, उसी दौर में कलर्स 18 साल तक प्रासंगिक बना रहा। यह कैसे संभव हुआ? जवाब: यह धारणा कि टेलीविजन खत्म हो रहा है, पूरी तरह गलत है। आज भी भारत में 80 से 90 करोड़ लोग टेलीविजन देखते हैं। यह आज भी देश में मनोरंजन का प्राथमिक माध्यम है। लोग औसतन प्रतिदिन दो से तीन घंटे टीवी देखते हैं। कई बार हमें अपने आसपास के अनुभव के आधार पर ऐसा लगता है कि देश भर में भी वही हो रहा है, जबकि वास्तविकता अलग होती है। सवाल: डिजिटल और ओटीटी प्लेटफॉर्म के बढ़ते प्रभाव के कारण ऐसा क्यों लगने लगा कि टीवी पीछे छूट रहा है? जवाब: ओटीटी प्लेटफॉर्म इसलिए तेजी से बढ़े क्योंकि उन्होंने दर्शकों को सुविधा दी, जब चाहें, जहां चाहें कंटेंट देखने की। लेकिन इसका अर्थ यह नहीं कि टेलीविजन कमजोर हुआ है। आज लगभग 60 करोड़ लोग डिजिटल पर हैं, जबकि टीवी दर्शकों की संख्या करीब 90 करोड़ है। भारत में बनने वाला 80 से 90 प्रतिशत कंटेंट आज भी टेलीविजन के लिए ही तैयार होता है। सवाल: आपके पास एक ओर कलर्स है और दूसरी ओर जियो हॉटस्टार। दोनों प्लेटफॉर्म के बीच कंटेंट को कैसे संतुलित करते हैं? जवाब: हम इसे प्रतिस्पर्धा के रूप में नहीं देखते। हमारा उद्देश्य सिर्फ यह है कि कंटेंट अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचे। दर्शक टीवी पर देखे या डिजिटल प्लेटफॉर्म पर, यह हमारे लिए कम महत्वपूर्ण है। हम इसे ऐसे देखते हैं जैसे परिवार के दो बच्चे हों,अगर दोनों अच्छा कर रहे हैं, तो टकराव की जरूरत नहीं। सवाल: दर्शकों की बदलती पसंद को समझने के लिए आपकी रणनीति क्या है? जवाब: भारत बहुत तेजी से बदल रहा है। पिछले 10–15 वर्षों में उपभोक्ता व्यवहार में बड़ा बदलाव आया है। अगर हम इस बदलाव को नहीं समझेंगे और उसके साथ खुद को नहीं बदलेंगे, तो हम अपने आप पीछे रह जाएंगे। कंटेंट इंडस्ट्री को लगातार दर्शकों की बदलती सोच के साथ आगे बढ़ना होता है। सवाल:कलर्स पर पहले “सास–बहू ड्रामा” का टैग लगाया जाता था। अब कंटेंट में बदलाव कैसे आया? जवाब: पिछले दो वर्षों में हमने दर्शकों को गहराई से समझने की कोशिश की है। हमने यह स्वीकार किया कि जो पहले काम करता था, वही भविष्य में भी चले,यह जरूरी नहीं है। आज कलर्स पर कोई भी पारंपरिक सास-बहू शो नहीं है। महादेव एंड संस एक पिता और परिवार की कहानी है, मन्नत मां-बेटी के रिश्ते पर आधारित है, जट एंड जूलियट कॉलेज रोमांस की कहानी है। यह बदलाव धीरे-धीरे दर्शकों तक पहुंचेगा। सवाल: कई बार पूरी मेहनत के बावजूद कोई शो जल्दी बंद हो जाता है। यह स्थिति कैसे संभाली जाती है? जवाब: यह इस इंडस्ट्री की सच्चाई है। किसी शो को बनाने में एक साल लगता है, लेकिन दर्शक आधे घंटे में फैसला कर लेते हैं। यह कठिन जरूर है, लेकिन अगर आप इस इंडस्ट्री में हैं, तो इसे स्वीकार करना ही पड़ता है। कभी सफलता मिलती है, कभी नहीं, लेकिन कोशिश रुकनी नहीं चाहिए। सवाल: बिग बॉस और लाफ्टर शेफ जैसे रियलिटी शोज टीवी और डिजिटल, दोनों पर रिकॉर्ड बना रहे हैं। आगे क्या नया देखने को मिलेगा? जवाब: हमारी कोशिश यही रहती है कि जो शो अच्छा हो, वह सभी प्लेटफॉर्म पर अच्छा चले। आने वाले समय में 'डी 50' , 'स्प्लिट्सविला' , 'खतरों के खिलाड़ी' जैसे शोज आ रहे हैं। इसके अलावा जियो हॉटस्टार पर इसरो और चंद्रयान मिशन पर आधारित एक फिक्शनल सीरीज भी दर्शक देखेंगे। सवाल: कलर्स और जियो हॉटस्टार की सबसे बड़ी पहचान क्या मानते हैं? जवाब: कलर्स हमेशा भारत की सामाजिक सच्चाइयों पर आधारित कहानियां दिखाने की कोशिश करता रहा है, जो समाज को प्रेरित करें। जियो हॉटस्टार पर हम अलग-अलग वर्ग के दर्शकों के लिए भावनात्मक और मनोरंजक कहानियां पेश कर रहे हैं। हमारी कोशिश यही है कि दर्शकों को लगे, जिंदगी अच्छी है।
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