Vibe X Review: कुणाल खेमू की वाइब को ऑडियंस ने नकारा, मांग की रिफंड की, दर्शक बोले- 'कोई मत देखना जाना'
Vibe X Review: बॉलीवुड एक्टर और डायरेक्टर कुणाल खेमू (Kunal Khemu) की बतौर डायरेक्टर दूसरी फिल्म रिलीज हो चुकी है. जिसका नाम वाइब है. उन्होंने 'मडगांव एक्सप्रेस' से बॉलीवुड में डायरेक्टर के तौर पर अपनी नई शुरुआत की थी. इस फिल्म ने बॉक्स पर काफी ठीक प्रदर्शन किया था. लेकिन उनकी फिल्म वाइब (Vibe) बॉक्स ऑफिस पर ऐसा कुछ करती हुई नहीं दिखाई दे रही है. इस फिल्म का ना केवल उन्होंने डायरेक्शन का काम संभाला है बल्कि खुद भी इसमें एक्टिंग करते हुए नजर आ रहे हैं. इस एक्शन कॉमेडी फिल्म में उनके साथ प्रीति जिंटा (Preity Zinta) भी हैं. फिल्म को मिले-जुले रिव्यू मिले हैं. आइए जानते हैं कि फिल्म देखकर लोगों का इस पर क्या कहना है.
कुणाल खेमू की वाइब को ऑडियंस ने नकारा
एक शख्स ने कहा, 'वाइब मूवी बहुत ही घटिया है, प्रीति जिंटा कभी अच्छी एक्टिंग नहीं करती हैं. उन्हें क्रिकेट टीम ही खरीदना चाहिए.' वहीं, दूसरे ने फिल्म देखकर कहा, 'इस मूवी को कोई मत देखना, बिल्कुल बेकार फिल्म है, पैसा बेकार है और मैं तो कहता हूं कि मुझे मेरा पैसा रिफंड कर दें. इसके साथ ही तीसरे ने फिल्म का रिव्यू देते हुए कहा, 'ये एकदम बकवास मूवी है. इसके साथ ही उन्होंने आगे कहा कि इसमें गोलमाल वाला एक और एक्टर भी था जिसका मुझे नाम भी याद नहीं है.'
30 मिनट बाद फिल्म का गिरा स्तर
एक यूजर ने एक्टर कुणाल खेमू की तारीफ की है. उन्होंने लिखा 'वाइब में कुणाल खेमू जबरदस्त फॉर्म में हैं. हालांकि सारे मजाक उतने असरदार नहीं हैं, लेकिन अजीबोगरीब स्थितियों के प्रति उनकी लगन और कमिटमेंट को देखना बहुत मजेदार है!'. वहीं, सिनेहब ने वाइब को लेकर लिखा कि शुरुआत के 20 मिनट में अच्छे थे लेकिन बाद फिल्म कहानी बेकार होती चली गई है. 'मैंने वाइब देखी, 'शुरुआती 20 मिनट में मुझे लगा कि #Madgaonexpress के बाद #KunalKhemu की एक और ज़बरदस्त एंटरटेनिंग फ़िल्म देखने को मिलेगी... लेकिन 30 मिनट के बाद फ़िल्म का स्तर इतना गिर गया कि यह उनकी अब तक की सबसे खराब फ़िल्म बन गई. सच कहूं तो, दूसरे हाफ़ में कुछ भी हो रहा था ना तो डायलॉग्स पर कोई कंट्रोल था और ना ही स्क्रीनप्ले पर, बहुत ही खराब फ़िल्म है.'
VIBE PUBLIC REVIEW ⭐⭐ Vibe Review - Vibe movie Public Review
— jasus007 (@Jasus007tube) September 18, 2026
Kunal Kemmu की ‘Vibe’ क्या दर्शकों को आई पसंद? ????
https://t.co/u74ruVLtHH#Vibe #VibeMovie #VibeReview #VibePublicReview #PublicReview KunalKemmu
@amazonmgmstudios@kunalkemmu@realpz
@sparshshrivastava@vanshikad pic.twitter.com/UHp3cbVAhJ
Watched #Vibe and during the FIRST 20 mins, I thought we are again getting a BRILLIANT ENTERTAINER from #KunalKhemu after #Madgaonexpress ..
— CineHub (@Its_CineHub) September 18, 2026
But but after 30 mins, the film goes to such LOW LEVEL that it eventually becomes his WORST FILM EVER and trust me in 2nd half anything… pic.twitter.com/nurQhl4U3W
Kunal Khemu is in top form in #Vibe
— ANMOL JAMWAL (@jammypants4) September 18, 2026
All the gags don’t land but the man’s commitment to the absurdity is so much fun to watch!
बॉक्स ऑफिस पर होगी मुश्किल?
वहीं, राशिद सिद्दीकी नाम के एक्स यूजर ने फिल्म को लेकर अपना रिव्यू दिया कि पहला हाफ अच्छा है लेकिन दूसरा हाफ खिंचा हुआ है. उन्होंने लिखा, 'पहला हाफ मज़ेदार है, लेकिन दूसरा हाफ खिंचा हुआ और क्लाइमैक्स निराशाजनक है, जिससे पूरा अनुभव खराब हो जाता है. कुणाल और स्पर्श की केमिस्ट्री फिल्म की खासियत है, लेकिन कमज़ोर अंजाम की वजह से #Vibe एक अच्छा मौका चूक गई. बॉक्स ऑफिस पर मुश्किल हो सकती है!'
कुणाल खेमू की हुई तारीफ
अपना बॉलीवुड नाम के एक एक्स हैंडल से वाइब को लेकर रिव्यू लिखा, ' #VIBE के लिए शुरुआती रिएक्शन बहुत अच्छे लग रहे हैं. कुछ रिएक्शन में कहा गया है कि इसमें 2000 के दशक की बॉलीवुड कॉमेडी फ़िल्मों जैसा एहसास है, हल्की-फुल्की, सीधी-सादी और मुख्य रूप से हंसाने के लिए बनी. पहले 'मडगांव एक्सप्रेस' और अब 'वाइब'. डायरेक्टर के तौर पर कुणाल खेमू ने ज़बरदस्त निरंतरता दिखाई है.'
#VibeReview ???? ⭐️
— Rashid Siddiquee (@FFNEWS6) September 18, 2026
Fun first half, but a dragged second half and disappointing climax ruin the experience. Kunal-Sparsh chemistry is a highlight, but the weak payoff makes #Vibe a missed opportunity. Box office trouble ahead!
Early reactions for #VIBE are Looking Greate????
— अपना Bollywood???? (@Apna_Bollywood) September 18, 2026
A few reactions mention that it has the feel of those 2000s Bollywood comedies - light, uncomplicated and made primarily for laughs.
First Madgaon Express, and now Vibe. Kunal Kemmu as a director is showing incredible consistency. pic.twitter.com/Qt4FZoxQqi
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कौन हैं सुभाष यदुवंश, जिन्हें यूपी चुनाव से पहले प्रदेश में दी गई ये 'खास' जिम्मेदारी?
उत्तर प्रदेश की सियासत में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले संगठनात्मक हलचल तेज हो गई है. इसी कड़ी में भारतीय जनता पार्टी के एक और नेता का नाम सुर्खियों में है. वह हैं सुभाष यदुवंश. बीजेपी ने सुभाष यदुवंश को उत्तर प्रदेश सोशल मीडिया टीम का प्रभारी बनाया हैं. अभी वह उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सदस्य (MLC) हैं. वह बस्ती-संत कबीर नगर-सिद्धार्थनगर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से विधान परिषद पहुंचे थे.
राजनीतिक जानकारों की मानें तो वे पूर्वांचल के बस्ती मंडल से जुड़े एक जाने-पहचाने चेहरे हैं जिनकी क्षेत्रीय राजनीति में खासी पकड़ मानी जाती है. बता दें सुभाष यदुवंश ने अपनी तकनीकी शिक्षा गोरखपुर स्थित मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (MMMUT) से पूरी की है. इसके बाद उन्होंने धीरे-धीरे संगठन में सक्रियता बढ़ाते हुए भाजपा के भीतर अपनी पहचान बनाई है.
संगठन में सुभाष यदुवंश का अब तक का सफर कैसा रहा है?
भाजपा में सुभाष यदुवंश लंबे समय से सक्रिय रहे हैं वे पहले पार्टी की प्रदेश टीम में मंत्री की भूमिका में थे. जिसके बाद संगठन ने उनके कद को बढ़ाते हुए उन्हें प्रदेश महामंत्री जैसे बड़े पद पर पहुंचाया. इस दौरान वे पार्टी की रणनीति और जमीनी कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने में लगातार सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं.
भारतीय जनता पार्टी, उत्तर प्रदेश के नवनियुक्त प्रकोष्ठ संकुल संयोजक एवं सह-संयोजक, सोशल मीडिया प्रभारी, सोशल मीडिया सह-संयोजकों एवं सदस्यों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। pic.twitter.com/RNflGcwiVb
— BJP Uttar Pradesh (@BJP4UP) September 18, 2026
सुभाष यदुवंश अपनी सक्रियता के लिए और क्यों जाने जाते हैं?
पार्टी के भीतर सुभाष यदुवंश अपने आक्रामक प्रचार अभियानों के लिए भी चर्चा में रहते हैं. इससे पहले उन्होंने विपक्षी दलों, खासकर समाजवादी पार्टी की नीतियों को निशाना बनाते हुए राज्यभर में पोस्टर और होर्डिंग अभियान चलाए थे, जिसमें उन्होंने सपा के पीडीए फॉर्मूले पर सवाल उठाए थे.
सुभाष यदुवंश को दी गई ये जिम्मेदारी 2027 चुनाव के लिहाज से कितनी अहम है?
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि विधान परिषद की समितियों में यह फेरबदल सिर्फ प्रशासनिक कवायद भर नहीं है 2027 विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा अपने अनुभवी और सक्रिय नेताओं को संगठन और सत्ता, दोनों स्तर पर जिम्मेदारियां सौंपकर उन्हें और मजबूत करना चाहती है, ताकि पूर्वांचल जैसे अहम क्षेत्रों में पार्टी की पकड़ बनी रहे.
क्या यह नियुक्ति पूर्वांचल की सियासत के लिहाज से खास है?
यह नियुक्ति पूर्वांचल की सियासत के लिहाज से खास है? बता दें बस्ती मंडल पूर्वांचल के उन क्षेत्रों में शामिल है जहां जातीय समीकरण और स्थानीय मुद्दे चुनाव नतीजों पर गहरा असर डालते हैं. ऐसे में सुभाष यदुवंश जैसे स्थानीय और सक्रिय नेता को अहम जिम्मेदारी देना इस इलाके में पार्टी के संगठन को और धार देने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है.
सुभाष यदुवंश को हाल ही में उन्हें कौन सी नई जिम्मेदारी मिली है?
जानकारी के मुताबिक हाल ही में सुभाष यदुवंश को 'विनियमन समीक्षा समिति' यानी रेगुलेशन रिव्यू कमेटी का सभापति बनाया गया था. यह नियुक्ति विधान परिषद के कार्यकारी सभापति की ओर से जारी आदेश के तहत हुई है. बता दें विनियमन समीक्षा समिति का मुख्य दायित्व राज्य सरकार के विभिन्न विभागों और संस्थाओं द्वारा बनाए गए नियमों और विनियमों की समीक्षा करना होता है.
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