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Tata Sons की शेयर बाजार में Listing के पक्ष में उतरा Shapoorji Pallonji Group

(परिवर्तित स्लग के साथ लीड)

नयी दिल्ली, 18 सितंबर टाटा संस में दूसरे सबसे बड़े शेयरधारक शापूरजी पालोनजी समूह ने कंपनी की शेयर बाजार में सूचीबद्धता का शुक्रवार को समर्थन किया। समूह के चेयरमैन शापूर मिस्त्री ने कहा कि सूचीबद्धता से टाटा संस में पारदर्शिता और सार्वजनिक जवाबदेही मजबूत होगी। शापूरजी पालोनजी (एसपी) समूह के पास टाटा संस में करीब 18.4 प्रतिशत हिस्सेदारी है। वहीं, टाटा ट्रस्ट के पास सामूहिक रूप से करीब 66 प्रतिशत हिस्सेदारी है। ट्रस्ट कंपनी को शेयर बाजार में सूचीबद्ध किए जाने के प्रस्ताव का विरोध कर रहा है। मिस्त्री ने एक बयान में कहा कि सूचीबद्धता ‘सिर्फ वित्तीय या नियामकीय मामला नहीं’, बल्कि ‘सामाजिक और नैतिक जरूरत’ भी है। उन्होंने इसे ट्रस्ट की परोपकारी भूमिका को बनाए रखते हुए कंपनी के संचालन को मजबूत करने का अवसर बताया। उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब टाटा संस के निदेशक मंडल और कंपनी को नियंत्रित करने वाले टाटा ट्रस्ट के बीच सूचीबद्धता के मुद्दे पर मतभेद सामने आए हैं। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने 11 सितंबर को टाटा संस के प्रमुख निवेश कंपनी के रूप में अपना पंजीकरण स्वेच्छा से समाप्त करने के आवेदन को खारिज कर दिया था। साथ ही उसने कंपनी को ‘अपर लेवल’ की गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (एनबीएफसी) पर लागू नियामकीय ढांचे का पालन करने के लिए कदम उठाने को भी कहा था। टाटा संस ने मार्च, 2024 में 21,813 करोड़ रुपये का कर्ज चुकाने के बाद अपना पंजीकरण समाप्त करने का अनुरोध किया था। कंपनी को 2022 में ‘अपर लेवल’ की एनबीएफसी के रूप में वर्गीकृत किया गया था। इस श्रेणी की कंपनियों पर शेयर बाजार में सूचीबद्धता समेत अतिरिक्त नियामकीय शर्तें लागू होती हैं। टाटा संस ने सितंबर, 2025 की मूल समयसीमा तक खुद को बाजार में सूचीबद्ध नहीं किया और इसके बजाय पंजीकरण समाप्त कराने की प्रक्रिया अपनाई थी। मिस्त्री ने कहा कि आरबीआई के फैसले से ‘पूरी स्पष्टता’ मिल गई है और अब टाटा संस को ‘अपर लेवल’ की एनबीएफसी पर लागू नियामकीय ढांचे का पालन करने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि सूचीबद्धता से निवेशकों की भागीदारी बढ़ सकती है और कंपनी के मूल्य की जानकारी बेहतर तरीके से सामने आ सकती है। इससे परोपकारी कार्यों के लिए धन जुटाने का आधार भी मजबूत हो सकता है। मिस्त्री ने शेयरधारकों, टाटा ट्रस्ट और अन्य हितधारकों के बीच मतभेद दूर करने की अपील करते हुए कहा कि इस मुद्दे को विभाजन का कारण नहीं बनने देना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘टाटा संस की सूचीबद्धता एक सेतु का काम कर सकती है।’’ टाटा ट्रस्ट के चेयरमैन नोएल टाटा ने कंपनी से सूचीबद्धता के बजाय अन्य विकल्प तलाशने को कहा है। ट्रस्ट ने सूचीबद्धता के विकल्प के तौर पर कम से कम 25,000 करोड़ रुपये के लेनदेन के जरिये एसपी समूह को नकदी उपलब्ध कराने का प्रस्ताव दिया है। उन्होंने कहा कि शापूरजी पालोनजी समूह टाटा संस और टाटा ट्रस्ट के साथ मिलकर अधिक मजबूत और सौहार्दपूर्ण संबंध बनाने की दिशा में काम करने को तैयार है। यह घटनाक्रम टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन के कार्यकाल को पांच साल बढ़ाने के प्रस्ताव को लेकर भी मतभेद के बीच आया है। टाटा संस के निदेशक मंडल ने उनके कार्यकाल में विस्तार का समर्थन किया है, जबकि नोएल टाटा ने इसका विरोध किया है और ट्रस्ट ने फैसले की वैधता को चुनौती दी है। टाटा समूह की होल्डिंग कंपनी टाटा संस का कारोबार प्रौद्योगिकी, वाहन, इस्पात, विमानन तथा उपभोक्ता उत्पाद समेत विभिन्न क्षेत्रों में फैला है। कंपनी अब तक निजी स्वामित्व में रही है।

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IAS तुकाराम मुंढे ने शाहरुख, अजय और टाइगर श्रॉफ को दी वॉर्निंग: पान मसाला एड करने पर बोले- 'स्टार हैं तो क्या, कानून तो...'

Shahrukh Khan pan masala ad controversy: पान मसाला विज्ञापन को लेकर बॉलीवुड सितारे शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ मुश्किलों में घिरते नजर आ रहे हैं। महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन के आयुक्त तुकाराम मुंढे ने तीनों कलाकारों को लेकर सख्त बयान दिया है। उन्होंने कहा कि इस मामले में कलाकारों को सितारों के तौर पर नहीं, बल्कि विज्ञापन करने वाले लोगों के रूप में देखा जा रहा है और कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी।

‘स्टार नहीं, विज्ञापनदाता के तौर पर देख रहा हूं’
तुकाराम मुंढे ने हाल ही में NDTV से बातचीत के दौरान इस मामले पर अपनी बात रखी। उन्होंने साफ किया कि किसी कलाकार की लोकप्रियता उसे कानून से अलग नहीं करती। मुंढे ने कहा- "आपके हिसाब से वे भले ही स्टार हों, लेकिन मेरे हिसाब से इस मामले में वे सिर्फ़ विज्ञापन करने वाले हैं। इसलिए मैं उन्हें कानून तोड़ने वालों के तौर पर देख रहा हूं और कानून अपना काम करेगा। इसीलिए हमने कार्रवाई शुरू कर दी है।"

क्या है पूरा मामला?
महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने अगस्त 2026 में शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को विमल इलायची के विज्ञापन को लेकर कारण बताओ नोटिस भेजा था।

विभाग को आशंका है कि इलायची के विज्ञापन के जरिए विमल पान मसाला का अप्रत्यक्ष रूप से प्रचार किया जा सकता है। महाराष्ट्र में पान मसाला पर प्रतिबंध होने के कारण इस विज्ञापन को लेकर खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने आपत्ति जताई है।

विभाग के नोटिस में कहा गया था कि पहली नजर में यह विज्ञापन विमल ब्रांड का प्रचार करता हुआ दिखाई देता है, जिसका संबंध पान मसाला उत्पाद से भी है।

अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ ने दिया जवाब
मामले में सामने आई जानकारी के अनुसार, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ ने खाद्य एवं औषधि प्रशासन की ओर से भेजे गए नोटिस का जवाब दे दिया है। वहीं, शाहरुख खान की ओर से जवाब मिलने को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं बताई गई है।

तुकाराम मुंडे ने कहा कि जिस मामले में जवाब नहीं मिला है, उसमें विभाग ने कानूनी प्रक्रिया के अगले चरण पर आगे बढ़ना शुरू कर दिया है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि संबंधित पक्ष को अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर दिया जाएगा।

विमल के विज्ञापन में साथ नजर आए थे तीनों कलाकार
शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ विमल इलायची के विज्ञापन में साथ नजर आए थे। इसी विज्ञापन को लेकर महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने कथित अप्रत्यक्ष विज्ञापन के पहलू की जांच शुरू की है।
 

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  Sports

BCCI AGM 2026: 95वीं सालाना बैठक में लिए गए बड़े फैसले, IPL की 20वीं सालगिरह से अंपायरों की पेमेंट तक

मुंबई। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की 95वीं सालाना आम बैठक (AGM) शुक्रवार, 18 सितंबर 2026 को मुंबई स्थित BCCI मुख्यालय में हुई। बैठक में IPL गवर्निंग काउंसिल, वित्तीय मामलों, अंपायरों और मैच रेफरी की पेमेंट, BCCI की नीतियों और भारतीय क्रिकेट के शताब्दी समारोह से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए।

BCCI के मानद सचिव देवाजीत सैकिया की ओर से जारी मीडिया एडवाइजरी के मुताबिक, AGM में लिए गए प्रमुख फैसले इस प्रकार हैं।

IPL गवर्निंग काउंसिल में 2 नए प्रतिनिधि चुने गए
AGM में जनरल बॉडी के दो प्रतिनिधियों को IPL गवर्निंग काउंसिल में शामिल किया गया है। इनमें शामिल हैं:

  • अरुण सिंह धूमल
  • एम खैरुल जमाल मजूमदार

दोनों को जनरल बॉडी के प्रतिनिधि के तौर पर IPL गवर्निंग काउंसिल में चुना गया।

2027 में IPL के 20वें संस्करण का होगा भव्य आयोजन
BCCI जनरल बॉडी ने 2027 में होने वाले IPL के 20वें संस्करण को भव्य तरीके से मनाने का फैसला किया है।

IPL का 20वां संस्करण भारतीय क्रिकेट की इस लोकप्रिय टी20 लीग के सफर में एक महत्वपूर्ण पड़ाव होगा। AGM में इसे विशेष रूप से मनाने का फैसला सर्वसम्मति से लिया गया।

2028 में BCCI की 100वीं वर्षगांठ का जश्न
BCCI ने अपने शताब्दी समारोह की तैयारियों की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। बोर्ड 2028 में अपनी स्थापना के 100 वर्ष पूरे करेगा।

फैसले के मुताबिक, शताब्दी समारोह दिसंबर 2027 से शुरू होकर पूरे 2028 तक चलने वाले कार्यक्रमों के जरिए मनाया जाएगा। BCCI के मुताबिक, यह भारतीय क्रिकेट के इतिहास में एक अहम पड़ाव होगा।

अंपायरों और मैच रेफरी की पेमेंट स्ट्रक्चर में बदलाव
AGM में अंपायरों और मैच रेफरी से जुड़ा भी अहम फैसला हुआ। जनरल बॉडी ने बेहतर पेमेंट स्ट्रक्चर और ग्रेड के रीक्लासिफिकेशन को सर्वसम्मति से मंजूरी दी। इसका उद्देश्य अंपायरों और मैच रेफरी के लिए मौजूदा भुगतान व्यवस्था और ग्रेडिंग को बेहतर बनाना है।

वित्त वर्ष 2025-26 के ऑडिटेड अकाउंट्स को मंजूरी
BCCI जनरल बॉडी ने वित्त वर्ष 2025-26 के ऑडिट किए गए अकाउंट्स स्टेटमेंट को मंजूरी दे दी। इसके अलावा वित्त वर्ष 2026-27 के सालाना बजट को भी जनरल बॉडी की मंजूरी मिल गई।

2026-27 के लिए ऑडिटर नियुक्त
AGM में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए ऑडिटर की नियुक्ति को भी मंजूरी दी गई। यह BCCI की नियमित वित्तीय और प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा है।

BCCI की नई इंटरनल कमिटी बनाई गई
BCCI की Prevention of Sexual Harassment Policy के तहत नई इंटरनल कमिटी के गठन को भी मंजूरी दी गई। यह कमिटी BCCI की कार्यप्रणाली में यौन उत्पीड़न की रोकथाम से जुड़ी नीति के तहत काम करेगी।

Age Verification Policy को किया गया अपडेट
AGM में BCCI की Age Verification Policy को अपडेट करके अपनाया गया। यह नीति खिलाड़ियों की आयु से जुड़े सत्यापन की प्रक्रिया और नियमों से संबंधित है।

दिव्यांग क्रिकेटरों के लिए सुविधाओं पर चर्चा
BCCI जनरल बॉडी ने दिव्यांग क्रिकेटरों को सपोर्ट करने के उपायों पर राज्य क्रिकेट इकाइयों के साथ चर्चा की। इसमें दिव्यांग क्रिकेटरों के विकास और प्रगति के लिए जरूरी सुविधाओं और संसाधनों पर विचार किया गया।

अजीत अगरकर के भविष्य पर भी चर्चा
AGM के दौरान सीनियर सेलेक्शन कमिटी के चेयरमैन अजीत अगरकर का भविष्य भी चर्चा में रहा। हालांकि, BCCI की आधिकारिक मीडिया एडवाइजरी में अगरकर के कार्यकाल को बढ़ाने या उनके स्थान पर किसी नए व्यक्ति की नियुक्ति का फैसला घोषित नहीं किया गया है।

बैठक के बाद BCCI के एक वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से रिपोर्टों में कहा गया कि पदाधिकारियों को सेलेक्शन कमिटी से जुड़े मामलों पर फैसला लेने का अधिकार दिया गया है।

अगरकर का मौजूदा कार्यकाल अगले महीने की शुरुआत में खत्म होने की बात रिपोर्टों में कही गई है। ऐसे में सेलेक्शन कमिटी के चेयरमैन के भविष्य को लेकर आगे फैसला BCCI पदाधिकारियों के स्तर पर लिया जा सकता है।

जूनियर सेलेक्शन कमिटी की पांचों सीटों पर भी नजर
सीनियर सेलेक्शन कमिटी के चेयरमैन के भविष्य के अलावा BCCI जूनियर सेलेक्शन कमिटी की सभी पांचों पोस्ट भरने पर भी विचार कर रही है।

हालांकि, AGM की आधिकारिक मीडिया एडवाइजरी में जूनियर सेलेक्शन कमिटी की नियुक्तियों को लेकर कोई अंतिम फैसला घोषित नहीं किया गया है।

मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन ने रखी अहम मांग
AGM के दौरान मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन (MCA) की ओर से BCCI के सामने एक अनुरोध भी रखा गया। MCA ने बोर्ड से कहा कि भविष्य में अहम मुकाबलों की मेजबानी सौंपते समय मुंबई को भी ध्यान में रखा जाए।

BCCI AGM 2026: एक नजर में बड़े फैसले

मुद्दा     फैसला
IPL गवर्निंग काउंसिल अरुण सिंह धूमल और एम खैरुल जमाल मजूमदार चुने गए
IPL 2027 20वें संस्करण को भव्य तरीके से मनाने का फैसला
BCCI शताब्दी दिसंबर 2027 से 2028 तक सालभर कार्यक्रम
अंपायर/मैच रेफरी बेहतर पेमेंट स्ट्रक्चर और ग्रेड रीक्लासिफिकेशन मंजूर
वित्त वर्ष 2025-26 ऑडिटेड अकाउंट्स को मंजूरी
वित्त वर्ष 2026-27 सालाना बजट मंजूर
ऑडिटर  2026-27 के लिए नियुक्ति
यौन उत्पीड़न नीति नई इंटरनल कमिटी का गठन
Age Verification अपडेटेड नीति को मंजूरी
दिव्यांग क्रिकेट सुविधाओं और संसाधनों पर राज्य इकाइयों के साथ चर्चा
अजीत अगरकर  सेलेक्शन कमिटी से जुड़े फैसले का अधिकार पदाधिकारियों को
जूनियर सेलेक्शन कमिटी पांचों पद भरने पर विचार

निष्कर्ष: BCCI की 95वीं AGM में तत्काल प्रशासनिक फैसलों के साथ भारतीय क्रिकेट के अगले कई वर्षों से जुड़े कार्यक्रमों पर भी निर्णय लिए गए। 2027 के IPL के 20वें संस्करण को विशेष रूप से मनाने और दिसंबर 2027 से 2028 तक BCCI की शताब्दी का सालभर जश्न मनाने का फैसला बैठक के प्रमुख बिंदुओं में रहा। वहीं अंपायरों और मैच रेफरी की पेमेंट व्यवस्था, आयु सत्यापन नीति और दिव्यांग क्रिकेटरों के लिए सुविधाओं को लेकर भी फैसले लिए गए।

Fri, 18 Sep 2026 17:59:56 +0530

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