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एअर इंडिया एक्सप्रेस के 8 क्रू सस्पेंड, इनमें 4 पायलट:2 घंटे में ब्रीथ एनालाइजर टेस्ट नहीं कराया; दुबई-अमृतसर फ्लाइट का मामला

एअर इंडिया एक्सप्रेस ने आठ क्रू मेंबर्स को सस्पेंड किया है। इनमें चार पायलट शामिल हैं। यह कार्रवाई अनिवार्य पोस्ट-फ्लाइट ब्रीथ एनालाइजर टेस्ट में देरी पर हुई। यह मामला 2 अगस्त की दुबई-अमृतसर फ्लाइट का है। क्रू को अमृतसर के श्री गुरु राम दास जी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दो घंटे के भीतर टेस्ट कराना था। हालांकि, क्रू ने 35 मिनट की देरी से यानी लैंडिंग के 2 घंटे 35 मिनट बाद टेस्ट कराया। एयरलाइन ने इसकी जानकारी एविएशन सेफ्टी बॉडी डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) को दी और सभी आठ सदस्यों को ड्यूटी से हटा दिया। यह कार्रवाई एअर इंडिया के एक पायलट के साइकोएक्टिव पदार्थ का टेस्ट पॉजिटिव आने के बाद हुई है। इसके बाद एअर इंडिया और एअर इंडिया एक्सप्रेस के पायलटों के लिए जांच जरूरी कर दी गई। खबर अपडेट की जा रही है।

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TMC के चुनाव चिह्न पर रोक में देरी पर Bengal Congress ने Election Commission की नीयत पर उठाए सवाल

कांग्रेस की पश्चिम बंगाल इकाई के अध्यक्ष शुभंकर सरकार ने तृणमूल कांग्रेस के प्रतिद्वंद्वी गुटों को पार्टी का नाम और उसके ‘पुष्प एवं तृण’ चुनाव चिह्न का इस्तेमाल करने से रोकने के फैसले की शुक्रवार को आलोचना की और आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग ने आगामी उपचुनावों के लिए नामांकन प्रक्रिया पूरी होने तक इस मामले में जानबूझकर फैसला टाला है। सरकार ने एक बयान में कहा कि तृणमूल कांग्रेस के चुनाव चिह्न को लेकर विवाद नया नहीं है और निर्वाचन आयोग को इस मामले का जल्द समाधान करना चाहिए था। उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन हमें यह देखकर हैरानी हुई कि निर्वाचन आयोग ने इस मामले में जानबूझकर देरी की और रेजीनगर एवं नंदीग्राम उपचुनाव के लिए नामांकन पत्रों की जांच की प्रक्रिया समाप्त होने के दिन ही अपना फैसला सुनाते हुए चुनाव चिह्न पर रोक लगा दी।

इससे फैसले के पीछे के उद्देश्य को लेकर गंभीर संदेह पैदा होता है।’’ सरकार ने कहा कि संविधान में बहुदलीय संसदीय लोकतंत्र की परिकल्पना की गई है जो ‘‘लोकतंत्र की खूबसूरती’’ है। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था देश में बहुलतावाद की मूल भावना को दर्शाती है। उन्होंने कहा, ‘‘भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने हमेशा इस बहुलवाद में विश्वास किया है।’’ सरकार ने महाराष्ट्र में शिवसेना के चुनाव चिह्न को लेकर हुए विवाद का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के चुनाव चिह्न संबंधी विवाद में भी इसी तरह की भूमिका निभाई है।

उन्होंने कहा, ‘‘राजनीतिक प्रतिस्पर्धा एवं वैचारिक लड़ाई होती रहेगी और संसदीय लोकतंत्र में यही वांछनीय है। अगर किसी को हराना है तो हम संसदीय लोकतंत्र के जरिये हराएंगे। अगर किसी को राजनीतिक रूप से खत्म करना है तो पश्चिम बंगाल की जनता अपने जनादेश के जरिये ऐसा करेगी।’’ सरकार ने आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग ‘‘भाजपा के अग्रिम संगठन की तरह काम कर रहा है’’ और उसने ‘‘एक राजनीतिक दल को खत्म करने’’ की कोशिश शुरू कर दी है।

उन्होंने कहा, ‘‘यह संसदीय लोकतंत्र के लिए बेहद खतरनाक संकेत है। हम इसकी कड़ी निंदा करते हैं।’’ सरकार ने स्पष्ट किया कि तृणमूल कांग्रेस का राजनीतिक विरोध जारी रहेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में कांग्रेस के कई कार्यकर्ताओं की हत्या, पार्टी कार्यालयों पर कब्जे और ‘‘घोर कुशासन’’ के लिए तृणमूल कांग्रेस जिम्मेदार रही है।

उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि निर्वाचन आयोग भाजपा के इशारे पर किसी राजनीतिक दल को खत्म करने की इस प्रकार की कवायद शुरू कर दे। आयोग का इस तरह का पक्षपातपूर्ण रवैया लोकतंत्र की बुनियाद को कमजोर कर रहा है।’’ सरकार ने कहा, ‘‘भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस इस फैसले का कड़ा विरोध करती है।’’ इस बीच, निर्वाचन आयोग ने शुक्रवार को ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल गुट को उपचुनाव के लिए ‘ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘फुटबॉल खिलाड़ी’ चुनाव चिह्न आवंटित किया। आयोग ने तृणमूल कांग्रेस के अरूप रॉय गुट को ‘डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘लिफाफा’ चुनाव चिह्न दिया।

निर्वाचन आयोग ने तृणमूल कांग्रेस के दोनों गुटों को पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा क्षेत्रों में छह अक्टूबर को होने वाले उपचुनाव के दौरान पार्टी के नाम और ‘पुष्प एवं तृण’ चुनाव चिह्न का इस्तेमाल न करने का बृहस्पतिवार को निर्देश दिया था।

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  Sports

Ajit Agarkar का कार्यकाल खत्म, BCCI Chief Selector पद के लिए Parthiv Patel चर्चा में

भारतीय क्रिकेट में चयन समिति के प्रमुख अजीत अगरकर के भविष्य को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। बीसीसीआई की शुक्रवार को हुई वार्षिक आम बैठक के बाद संकेत मिले हैं कि अगरकर का कार्यकाल आगे बढ़ना तय नहीं है। हालांकि, बोर्ड ने अभी इस मामले में कोई अंतिम फैसला नहीं लिया है। माना जा रहा है कि महीने के अंत तक तस्वीर काफी हद तक साफ हो सकती है।

बैठक के बाद बोर्ड के सचिव देवजीत सैकिया ने कहा कि फैसला लेने के लिए अभी करीब 15 दिन का समय बाकी है। उन्होंने साफ किया कि अगरकर के कार्यकाल की समाप्ति की तारीख बोर्ड को पता है और इसी अवधि में आगे का निर्णय लिया जाएगा। मौजूद जानकारी के अनुसार, अजीत अगरकर का मौजूदा कार्यकाल 4 अक्टूबर को खत्म हो रहा है।

देवजीत सैकिया ने कहा कि क्रिकेट में 15 दिन का समय काफी होता है और बोर्ड जल्दबाजी में फैसला नहीं लेना चाहता। उन्होंने संकेत दिया कि सही समय आने पर बोर्ड इस बारे में आधिकारिक जानकारी देगा। यानी फिलहाल अगरकर के पद पर बने रहने या हटने को लेकर कोई अंतिम घोषणा नहीं हुई है।

अगरकर के भविष्य को लेकर अटकलें पिछले कुछ समय से लगातार चल रही हैं। इसी महीने भारतीय टीम के इंग्लैंड दौरे के प्रदर्शन की समीक्षा के लिए हुई बैठक में अगरकर की गैरमौजूदगी को लेकर भी सवाल उठे थे। हालांकि, बोर्ड ने उनकी गैरमौजूदगी को ज्यादा तवज्जो नहीं दी थी। इसके बाद रोहित शर्मा से जुड़ा मामला भी चर्चा में रहा। लॉर्ड्स में खेले गए एकदिवसीय मुकाबले से पहले चयनकर्ताओं ने कथित तौर पर रोहित को टीम की आगे की योजनाओं में शामिल नहीं होने की जानकारी दी थी। बाद में बोर्ड के स्तर पर इस मामले में हस्तक्षेप की बात सामने आई थी।

गौरतलब है कि दिल्ली में हाल ही में हुई सेलेक्शन मीटिंग के दौरान वेस्टइंडीज के खिलाफ एकदिवसीय मुकाबलों, ईरानी कप और भारत ए टीम के लिए खिलाड़ियों का चयन किया गया था। बैठक सामान्य तरीके से हुई, लेकिन इसके बाद यह चर्चा शुरू हो गई कि शायद यह अगरकर की चयन समिति के प्रमुख के तौर पर आखिरी बैठक हो सकती है।

अगर अगरकर का कार्यकाल खत्म होता है तो बोर्ड के लिए तुरंत नया प्रमुख चयनकर्ता नियुक्त करना आसान नहीं होगा। इसके लिए पहले पद के लिए आवेदन मांगे जाएंगे, फिर उम्मीदवारों के नामों की जांच और बातचीत की प्रक्रिया होगी। इस पूरी प्रक्रिया में कम से कम एक महीने या उससे ज्यादा समय लग सकता है।

मौजूदा चर्चा में भारत के पूर्व विकेटकीपर-बल्लेबाज पार्थिव पटेल का नाम अगले प्रमुख चयनकर्ता के तौर पर सामने आ रहा है। वहीं अंतरिम व्यवस्था में प्रज्ञान ओझा को जिम्मेदारी दिए जाने की संभावना की भी चर्चा है। ओझा ने मौजूदा चार अन्य चयनकर्ताओं की तुलना में भारत के लिए ज्यादा टेस्ट मैच खेले हैं। हालांकि, अभी इन नामों को लेकर कोई आधिकारिक फैसला नहीं हुआ है।

बता दें कि अंतिम फैसला बीसीसीआई के पदाधिकारियों को करना है और अगले करीब 15 दिनों में इस मामले पर स्थिति साफ होने की उम्मीद है। तब तक अजीत अगरकर के भविष्य को लेकर चल रही अटकलों पर आधिकारिक मुहर लगना बाकी हैं।

Fri, 18 Sep 2026 21:48:00 +0530

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