संजीव कुमार का वो दर्दभरा गाना, पिता ने बेटे के लिए खूब बहाए थे आंसू, थिएटर में सुनते ही फूट-फूटकर रोए थे लोग
संजीव कुमार का एक दर्दनाक गाना जिसे सुनते ही लोगों की आंखों से आंसू छलक पड़ते हैं. जब ये फिल्म थिएटर्स में आई थी तो फिल्म देखने आया हर पिता सिसक सिसक कर रोया था. आज भी ये गाना सुनते पिता की आंखें भर आती हैं. साल 1970 में आई फिल्म बचपन की इस गाने को मोहम्मद रफी ने अपनी आवाज से इसको अमर बना दिया था.
स्वामी विवेकानंद पर बनी वो फिल्म, लिखने में लगा पूरा दशक, मिथुन चक्रवर्ती झटक ले गए थे नेशनल अवॉर्ड
1998 में फिल्म 'स्वामी विवेकानंद’ आई थी जिसमें मिथुन चक्रवर्ती ने रामकृष्ण परमहंस की भूमिका निभाई थी. इस फिल्म को क्रिटिक्स और दर्शकों का मिला-जुला रिएक्शन मिला था, लेकिन इसके लिए मिथुन चक्रवर्ती को नेशनल अवॉर्ड मिला था. इस फिल्म की पटकथा लिखने में 11 साल लगे और इसमें स्वामी विवेकानंद के जीवन को दर्शाया गया.
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