'आज हम तुम्हारा जन्मदिन नहीं मना पा रहे, क्योंकि...', प्रियंका गांधी के नाम रॉबर्ट वाड्रा का संदेश
रॉबर्ट वाड्रा की फेसबुक पोस्ट में कहा गया, ‘यह साल काफी कुछ सिखाने वाला रहा है और मुझे तुम पर बेहद गर्व है। आज एक संसद सदस्य के रूप में तुम लोगों से जुड़े मुद्दों को दृढ़ता से, लेकिन पूरी गरिमा और शालीनता के साथ उठाती हो।’
यूपी सरकार का बड़ा फैसला, 15 जनवरी को प्रदेश में सार्वजनिक अवकाश का ऐलान
उत्तर प्रदेश सरकार ने मकर संक्रांति के अवसर पर 15 जनवरी को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है. योगी आदित्यनाथ सरकार ने यह निर्णय धार्मिक परंपराओं और जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए लिया है. इस वर्ष खगोलीय गणना के अनुसार मकर संक्रांति का पर्व 14 जनवरी के बजाय 15 जनवरी को मनाया जा रहा है, इसी कारण राज्य सरकार ने अवकाश की तारीख में बदलाव किया है.
क्यों बदली मकर संक्रांति की तारीख?
आमतौर पर मकर संक्रांति हर साल 14 जनवरी को मनाई जाती है, लेकिन इस बार सूर्य के मकर राशि में प्रवेश की तिथि 15 जनवरी पड़ रही है. हिंदू पंचांग और ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार जब सूर्य धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करता है, उसी दिन मकर संक्रांति का पर्व मनाया जाता है. इसी कारण इस बार यह पर्व एक दिन बाद मनाया जा रहा है.
मकर संक्रांति का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व
मकर संक्रांति हिंदू धर्म का एक प्रमुख और पावन त्योहार माना जाता है. इस दिन से सूर्य उत्तरायण होते हैं, यानी सूर्य की गति उत्तर दिशा की ओर हो जाती है. इसे शुभ परिवर्तन का प्रतीक माना जाता है। इसी के साथ दिन लंबे और रातें छोटी होने लगती हैं. यह पर्व सर्दी के अंत और बसंत ऋतु के आगमन का भी संकेत देता है.
किसानों के लिए विशेष महत्व
मकर संक्रांति केवल धार्मिक त्योहार ही नहीं, बल्कि किसानों के लिए भी खास महत्व रखता है। यह पर्व रबी फसल के पकने और कटाई के समय से जुड़ा हुआ है. गेहूं, चना, सरसों जैसी फसलों की कटाई पूरी होने पर किसान भगवान का धन्यवाद करते हैं और आने वाली फसल के लिए आशीर्वाद मांगते हैं. इसी वजह से इसे फसल उत्सव भी कहा जाता है.
दान, स्नान और पूजा की परंपरा
मकर संक्रांति के दिन गंगा, यमुना और अन्य पवित्र नदियों में स्नान का विशेष महत्व होता है. इस अवसर पर सूर्य देव की पूजा, दान-पुण्य और हवन किए जाते हैं. तिल और गुड़ का दान इस दिन अत्यंत शुभ माना जाता है. धार्मिक मान्यता है कि मकर संक्रांति पर किया गया दान कई गुना फल देता है.
देशभर में उत्सव का माहौल
इस दिन देश के कई हिस्सों में पतंग उड़ाने की परंपरा है. लोग एक-दूसरे को तिल-गुड़ की मिठाइयां भेंट करते हैं और घरों में खिचड़ी जैसे पारंपरिक व्यंजन बनाए जाते हैं. कुल मिलाकर मकर संक्रांति पूरे देश में उत्साह, श्रद्धा और सामाजिक मेल-जोल के साथ मनाया जाने वाला पर्व है.
सरकारी दफ्तरों और स्कूलों पर असर
15 जनवरी को सार्वजनिक अवकाश घोषित होने से प्रदेश के सभी सरकारी कार्यालय, स्कूल और कई अन्य संस्थान बंद रहेंगे. इससे लोग पर्व को पूरे उत्साह और परिवार के साथ मना सकेंगे.
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