ईरान से समझौता करेगा अमेरिका? खाड़ी देशों की बैठक से पहले राष्ट्रपति ट्रंप ने कर दिया साफ
US Iran Deal: अमेरिका ईरान के बीच फिर एक बातचीत के संकेत मिलते दिख रहे हैं. ईरान से डील करने से पहले संयुक्त राष्ट्र महासभा में खाड़ी सहयोग परिषद (JCC) देशों के साथ ट्रंप की बैठक होनी है. इससे पहले राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान डील को लेकर अपना रुख साफ किया है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान वाशिंगटन के साथ समझौता करना चाहता है लेकिन अभी तैयार नहीं है, और उन्होंने संकेत दिया कि किसी भी समझौते को अमेरिकी अपेक्षाओं को पूरा करना होगा.
यह घटना अगले सप्ताह न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) देशों के नेताओं और विदेश मंत्रियों के साथ ट्रंप की संभावित बैठक से पहले घटित हुई है.
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Election Commission ने TMC नाम और 'जोड़ा फूल' चुनाव चिह्न के उपयोग पर लगाई अंतरिम रोक
निर्वाचन आयोग ने तृणमूल कांग्रेस के दोनों गुटों को पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा क्षेत्रों में छह अक्टूबर को होने वाले उपचुनाव में पार्टी के नाम और ‘जोड़ा फूल’ चुनाव चिह्न का इस्तेमाल न करने का बृहस्पतिवार को निर्देश दिया। आयोग ने इन उपचुनावों के लिए ईवीएम से तृणमूल कांग्रेस का नाम और ‘जोड़ा फूल’ चुनाव चिह्न भी अस्थाई रूप से हटाने का फैसला किया। उसने दोनों गुटों को शुक्रवार को पूर्वाह्न 11 बजे तक अपनी पसंद का पार्टी नाम और चुनाव चिह्न सौंपने का भी निर्देश दिया।
निर्वाचन आयोग ने ममता बनर्जी और अरूप रॉय के नेतृत्व वाले दोनों गुटों के नेताओं का पक्ष सुनने के बाद बृहस्पतिवार रात जारी अपने अंतरिम आदेश में कहा कि इस मामले में ‘चुनाव चिह्न (आरक्षण और आवंटन) आदेश 1968’ के प्रावधानों के तहत आयोग की ओर से ठोस निर्णय लिए जाने की आवश्यकता है। आयोग ने कहा कि फैसला होने तक कोई भी गुट तृणमूल कांग्रेस के नाम या पार्टी को आरक्षित ‘जोड़ा फूल’ चुनाव चिह्न का इस्तेमाल नहीं कर सकता। उसने कहा कि दोनों गुटों को 18 सितंबर को पूर्वाह्न 11 बजे तक अपनी पसंद के तीन नाम और तीन उपलब्ध चुनाव चिह्न जमा करने होंगे।
इस घटनाक्रम को ममता के लिए झटके के रूप में देखा जा रहा है, जिनका हाथ से बनाया गया ‘जोड़ा फूल’ चुनाव चिह्न 1998 में पार्टी की स्थापना के बाद से ही उसकी पहचान रहा है। अंतरिम आदेश में कहा गया है, “रिकॉर्ड पर मौजूद सभी जानकारियों पर ठीक से विचार करने के बाद... आयोग का मानना है कि तृणमूल कांग्रेस में दो विरोधी गुट हैं, जिनमें से एक का नेतृत्व ममता बनर्जी कर रही हैं और दूसरे की कमान अरूप रॉय संभाल रहे हैं।” इसमें कहा गया है, “अब हर गुट खुद के असली तृणमूल कांग्रेस होने का दावा कर रहा है, इसलिए चुनाव चिह्न (आरक्षण और आवंटन) आदेश, 1968 के पैराग्राम 15 के तहत आयोग को इस मामले पर ठोस फैसला लेना होगा।” आयोग ने कहा कि दोनों विरोधी गुटों को समान अवसर देने और उनके अधिकारों व हितों की रक्षा करने के लिए, तथा पिछली मिसालों को ध्यान में रखते हुए उसने अंतरिम आदेश जारी किया है, ताकि मौजूदा उपचुनावों के उद्देश्य को पूरा किया जा सके। उसने कहा कि यह आदेश मामले में विवाद के अंतिम निपटारे तक जारी रहेगा।
आयोग ने कहा, “अरूप रॉय (याचिकाकर्ता) और ममता बनर्जी (प्रतिवादी) के नेतृत्व वाले दोनों में से किसी भी गुट को तृणमूल कांग्रेस पार्टी का नाम इस्तेमाल करने की इजाजत नहीं होगी।” उसने कहा, “दोनों में से किसी भी गुट को तृणमूल कांग्रेस के लिए आरक्षित ‘जोड़ा फूल’ चुनाव चिह्न का इस्तेमाल करने की अनुमति भी नहीं होगी।” आयोग ने कहा कि दोनों गुट अपने-अपने लिए चुने गए नामों से जाने जाएंगे और अगर वे चाहें तो अपनी मूल पार्टी तृणमूल कांग्रेस से जुड़ाव भी रख सकते हैं।
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