Makar Sankranti पर शनि देव की ढैय्या- साढ़ेसाती से मिलेगी राहत, जरूर दान करें ये 5 चीजें, बदल जाएगी आपकी किस्मत
हिंदू धर्म में मकर संक्रांति पर्व का विशेष महत्व है। हर साल 14 जनवरी को मकर संक्रांति का पर्व मनाया जाता है,इस दिन सूर्य मकर राशि में प्रवेश करता और उत्तरायण हो जाते है। लोग तिल और गुड़ से बने पकवान खाते हैं। इस दिन पतंग उड़ाई जाती है। मकर संक्रांति का पर्व न केवल सूर्य के उत्तरायण होने का उत्सव है, बल्कि यह ज्योतिषीय रुप से शनि देव को शांत करने का सबसे बड़ा मौका भी बै। इस दिन सूर्य देव अपने पुत्र शनि देव के घर जाते हैं। इसलिए पिता-पुत्र के इस मिलन के दिन अगर कुछ विशेष वस्तुओं का दान किया जाए, तो शनि देव की टेढ़ी दृष्टि से बचा जा सकता है। यदि आप शनि की साढ़ेसाती, ढैय्या या शनि दोष से परेशान हैं, तो 14 जनवरी के दिन इन 5 चीजों का दान जरुर करें। आइए आपको बताते हैं इन चीजों के बारे में-
काले तिल
मकर संक्रांति के दिन तिल का दान करने शुभ होता है। शास्त्रों के मुताबिक, शनि देव ने अपने पिता सूर्य की पूजा काले तिल से ही की थी, जिससे खुश होकर सूर्य देव ने उन्हें मकर राशि का स्वामी बना दिया था। माना जाता है कि काले तिल का दान करने से शनि की दशा से मिलने वाले कष्टों से मुक्ति मिल जाती है।
काले कंबल
शनि देव को काला रंग बेहद प्रिय है। इस मकर संक्रांति पर किसी गरीब या असहाय व्यक्ति को काला कंबल या गर्म कपड़े का दान करें। ऐसा करने से शनि देव खुश हो जाते हैं और दुर्घटनाओं व मानसिक तनाव से बचाते हैं।
उड़द का दाल
मकर संक्रांति का पर्व खिचड़ी उत्सव के लिए जाना जाता है। उड़द की दाल का संबंध सीधे शनि ग्रह से है। इसलिए उड़द की दाल और चावल की खिचड़ी का दान करने से कुंडली में शनि दोष शांत होता है। इसके साथ ही इससे व्यापार और करियार में आ रही परेशनियां दूर होती है।
सरसों का तेल
शनि देव को सरसों का तेल अति प्रिय है। ऐसे में संक्रांति के दिन छाया दान जरुर करें। एक कटोरी में सरसों का तेल लेकर इसमें अपना चेहरा देखकर उसको दान करने से शारीरिक कष्ट और पुराने रोगों से मुक्ति मिलती है।
गुड़ और रेवड़ी
शनि के प्रभाव को कम करने के लिए मीठी चीजों का दान कर सकते हैं। गुड़ का संबंध सूर्य से है और तिल का शनि से, तो ऐसे में आप तिल और गुड़ का दान कर सकते हैं, तो इससे सूर्य-शनि दोनों ग्रहों की कृपा मिलती है। इसके साथ ही इससे पारिवारिक कलह दूर होती है और समाज में मान-सम्मान भी बढ़ता है।
दान करते समय इन बातों का ध्यान दें
- दान हमेशा पुण्य काल में ही करें।
- दान सदैव किसी जरुरतमंद, गरीब या बुजुर्ग व्यक्ति को ही दें, तभी उसका पूरा फल प्राप्त होगा।
- दान करते समय अहंकार न करें, बल्कि सेवा का भाव रखें।
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