केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने प्राथमिक शिक्षक शिक्षा सर्टिफिकेट कोर्स किया लॉन्च
नई दिल्ली, 17 सितंबर (आईएएनएस)। केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने प्राथमिक स्तर पर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से छह माह का प्राथमिक शिक्षक शिक्षा (पीटीई) सर्टिफिकेट (ब्रिज) कोर्स शुरू किया है।
इस कोर्स का उद्देश्य शिक्षकों को ऐसे कौशल और क्षमता से लैस करना है, जिससे वे छात्रों को बेहतर शिक्षा और आजीवन सीखने के अवसर प्रदान कर सकें।
यह ब्रिज कोर्स बुधवार को लॉन्च किया गया और इसका संचालन नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग (एनआईओएस) के माध्यम से किया जाएगा।
अधिकारियों के अनुसार, यह कोर्स शिक्षकों को बाल-केंद्रित, समावेशी और बच्चों के विकास के अनुरूप शिक्षण पद्धतियां अपनाने में मदद करेगा, जिससे प्राथमिक और आधारभूत शिक्षा की गुणवत्ता मजबूत होगी।
यह कोर्स विशेष रूप से उन कार्यरत प्राथमिक विद्यालय शिक्षकों के लिए तैयार किया गया है, जिनके पास बीएड की डिग्री है। यह उन्हें प्राथमिक कक्षाओं में पढ़ाने के लिए आवश्यक प्रमाणन प्राप्त करने का अवसर देगा।
अधिकारियों ने बताया कि यह एक विशेष पेशेवर प्रशिक्षण कार्यक्रम है, जो शिक्षकों को कक्षा 1 से 5 तक के विद्यार्थियों को प्रभावी ढंग से पढ़ाने के लिए जरूरी कौशल और दक्षताएं विकसित करने में मदद करेगा।
यह कोर्स राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) के ढांचे के अनुरूप तैयार किया गया है। इसमें शैक्षणिक अध्ययन के साथ कम से कम 10 दिन की ऑनलाइन संपर्क कक्षाएं और 20 दिन का स्कूल आधारित प्रशिक्षण शामिल होगा।
कोर्स का उद्देश्य शिक्षकों को छोटे बच्चों की विविध शिक्षण आवश्यकताओं को समझने और उनके अनुसार शिक्षण करने में सक्षम बनाना है। इसमें छह सैद्धांतिक विषय और स्कूल आधारित प्रायोगिक प्रशिक्षण (प्रैक्टिकम) शामिल हैं, जिससे शिक्षण सिद्धांत और कक्षा शिक्षण के बीच बेहतर तालमेल स्थापित हो सके।
अधिकारियों के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट ने 8 अप्रैल 2024 को देवेश शर्मा बनाम भारत संघ मामले में दिए गए फैसले में एनसीटीई को ऐसे प्राथमिक शिक्षकों के लिए ब्रिज कोर्स तैयार करने का अधिकार दिया था, जिनकी नियुक्ति तो हो गई थी, लेकिन उनके पास डीएलएड की योग्यता नहीं थी।
इसके बाद यह ब्रिज कोर्स उन कार्यरत प्राथमिक शिक्षकों के लिए तैयार किया गया, जिनकी नियुक्ति 28 जून 2018 से 11 अगस्त 2023 के बीच बीएड डिग्री के आधार पर प्राथमिक कक्षाओं (कक्षा 1 से 5) में पढ़ाने के लिए हुई थी।
यह कोर्स विशेष रूप से उन शिक्षकों के लिए है, जिनकी नियुक्तियां एनसीटीई की 28 जून 2018 की अधिसूचना के तहत संरक्षित हैं।
कोर्स में सैद्धांतिक और व्यावहारिक दोनों प्रकार के प्रशिक्षण शामिल होंगे, जिनका फोकस आधारभूत शिक्षा के सिद्धांतों पर रहेगा।
इस कोर्स की पढ़ाई हिंदी और अंग्रेजी माध्यम में होगी। हालांकि, शिक्षक सार्वजनिक परीक्षा (थ्योरी) में संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल 22 भाषाओं में से किसी भी भाषा में उत्तर लिख सकेंगे।
शिक्षा मंत्रालय का मानना है कि यह पहल प्राथमिक स्तर के शिक्षकों की क्षमता को और मजबूत करेगी तथा देश में गुणवत्तापूर्ण और समावेशी शिक्षा को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
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सेमीकॉन इंडिया 2026 : छात्रों और प्रोफेसर्स से पीएम मोदी की खास मुलाकात, चिप डिजाइनिंग पर हुई बात
नई दिल्ली, 17 सितंबर (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर हर कोई अपने-अपने तरीके से उन्हें बधाई देता दिखा। इस बीच सेमीकॉन इंडिया 2026 में पीएम मोदी से मिलने वाले छात्रों और प्रोफेसर्स ने अपनी राय रखी।
असम के गुवाहाटी की रहने वाली पुबाली पोद्दार ने बताया कि वह एनआईटी-मेघालय से पीएचडी कर रही है। पीएम मोदी के जन्मदिन के अवसर पर हमने उन्हें हमारे द्वारा डिजाइन किया हुआ चिप मोमेंटो के रूप में पेश किया है। इसके लिए हम बहुत खुश हैं। इस दौरान पीएम ने हमसे बातचीत की कि कैसे हमने सिस्टम डिजाइनिंग से लेकर टेपआउट के बारे में सीखा है। इस दौरान हमें किन-किन प्रकार की चुनौतियों का सामना पड़ा। इन सब मुद्दों पर हमसे बातचीत की।
उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने हमारे भविष्य की योजना के बारे में पूछा। हमने जो चिप डिजाइन किया है, उसे एप्लीकेशन के साथ एक प्रोडक्ट के रूप में डेवलप कर पाएं, इस पर बात हुई। उन्हें जन्मदिन के अवसर पर बधाई देने का अवसर हमें हमारे संस्थान, चिप्स टू स्टार्ट-अप (सी2एस) प्रोग्राम और सेमीकॉन इंडिया 2026 की वजह से मिला है।
आईआईटी-इंदौर से पीएचडी करने वाली छात्रा आकांक्षा जैन ने कहा कि आज हमें पीएम मोदी से मिलने का अवसर मिला। हम सभी ने उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं दी। इसी के साथ हमने उन्हें मोमेंटो दिया। मोमेंटो में जो हमने चिप डिजाइन की है, वह रखा था। इसके बारे में हमने पीएम मोदी के साथ चर्चा की। उनको बताया कि जो हमारे प्रोजेक्ट और एप्लीकेशन हैं, जिस पर हम काम कर रहे हैं, जैसे वायु मेडिकल एप्लीकेशन, एग्रीकल्चर एप्लीकेशन, सिक्योरिटी एप्लीकेशन, इन पर भी बात की। उन्होंने हमें इन एप्लीकेशन पर काम करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि आप जो काम कर रहे हैं, वो ऐसे नहीं है कि आपने डिजाइन कर लिया और उसको हम बाद में यूज न करें। जो भी हमें करना है, वो रियल वर्ल्ड एप्लीकेशन में दिखना चाहिए।
सेमीकॉन इंडिया 2026 में शामिल रंजीत ने कहा कि मैं केरलम, एनआईटी, कालीकट से आया हूं। मैं पीएचडी कर रहा हूं। हमने ऑटोमोटिव इंडस्ट्री के लिए एक चिप डिजाइन और डेवलप की है। आज हमने पीएम मोदी को जन्मदिन की बधाई देने के साथ उन्हें मोमेंटो दिया। शुरुआत में हमने इंडस्ट्री के साथ बातचीत की और सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की। अभी ज्यादातर चिप्स भारत के बाहर से आती हैं, लेकिन हम खास तौर पर इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर और थ्री-व्हीलर के लिए देश में ही चिप बनाने की योजना बना रहे हैं।
सेमीकॉन में शामिल संयम भारद्वाज ने कहा कि वह वर्तमान में आईआईटी-जम्मू से पीएचडी कर रहे हैं। हमने पीएम मोदी को जन्मदिन की बधाई दी। उन्होंने हमारे द्वारा डिजाइन किए गए चिप से जुड़े सवाल पूछे। पहली बार पीएम से मिलने का मौका मिला। यह अनुभव बहुत अच्छा था। हम अभी एक प्लांड कार्ड पेसमेकर पर काम कर रहे हैं, उसके लिए एक सेंसिंग ब्लॉक चिप बनाई है।
सेमीकॉन में उपस्थित डॉ. प्रियंका शर्मा ने कहा कि हमें यहां पर जो सी2एस प्रोजेक्ट के अंदर प्रोजेक्ट मिला है, जिसमें हम स्वदेशी पेसमेकर डिजाइन कर रहे हैं। उनसे मिलने का अनुभव बहुत अच्छा रहा। ऐसा लगा ही नहीं कि वे हमारी फील्ड से नहीं हैं। उन्होंने हमें सुझाव भी दिया कि अगर आप मेडिकल में हैं, तो डिफेंस के भी कुछ एप्लीकेशन्स बनाएं।
प्रियदर्शिनी ने कहा कि मैं एमआईटी कैंपस से दूसरा वर्ष पूरा कर रही हूं। मैं एम्बेडेड सिस्टम पर काम कर रही हूं और मैंने चिप-इन-सेट प्रोग्राम के तहत एक प्रोजेक्ट सबमिट किया है जो म्यूचुअल ऑथेंटिकेशन पर आधारित है। यह सिस्टम आरएफआईडी कार्ड और रीडर के साथ काम करता है और इनका कम्युनिकेशन सुरक्षित होता है। इस एप्लीकेशन का इस्तेमाल डिफेंस जैसे क्षेत्रों में किया जा सकता है, जहां सुरक्षा प्रोटोकॉल की जरूरत होती है।
प्रोफेसर बोनाश्वरी ने कहा कि मैं मद्रास इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी कैंपस के इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग में हेड के तौर पर काम कर रही हूं। भारतीय इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग और विश्वविद्यालय के लिए एक विशेष कार्यक्रम है। इस कार्यक्रम के माध्यम से हमने पांच डिसाइड चिप्स विकसित किए हैं। हमने जो चिप विकसित की है, वह विभिन्न क्षेत्रों में लागू होगी।
सेमीकॉन में शामिल विजय प्रताप यादव ने कहा कि मैं उत्तर प्रदेश के गोरखपुर का रहने वाला हूं। अभी मैं हिमाचल प्रदेश में पावर मैनेजमेंट सर्किट पर काम कर रहा हूं। हम ऐसी सर्किट बना रहे हैं जो ऊर्जा की बचत करते हैं और पावर मैनेजमेंट सिस्टम में सप्लाई से जुड़ी समस्याओं को कम करते हैं।
--आईएएनएस
डीके/एबीएम
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