सेमीकॉन इंडिया 2026 : छात्रों और प्रोफेसर्स से पीएम मोदी की खास मुलाकात, चिप डिजाइनिंग पर हुई बात
नई दिल्ली, 17 सितंबर (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर हर कोई अपने-अपने तरीके से उन्हें बधाई देता दिखा। इस बीच सेमीकॉन इंडिया 2026 में पीएम मोदी से मिलने वाले छात्रों और प्रोफेसर्स ने अपनी राय रखी।
असम के गुवाहाटी की रहने वाली पुबाली पोद्दार ने बताया कि वह एनआईटी-मेघालय से पीएचडी कर रही है। पीएम मोदी के जन्मदिन के अवसर पर हमने उन्हें हमारे द्वारा डिजाइन किया हुआ चिप मोमेंटो के रूप में पेश किया है। इसके लिए हम बहुत खुश हैं। इस दौरान पीएम ने हमसे बातचीत की कि कैसे हमने सिस्टम डिजाइनिंग से लेकर टेपआउट के बारे में सीखा है। इस दौरान हमें किन-किन प्रकार की चुनौतियों का सामना पड़ा। इन सब मुद्दों पर हमसे बातचीत की।
उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने हमारे भविष्य की योजना के बारे में पूछा। हमने जो चिप डिजाइन किया है, उसे एप्लीकेशन के साथ एक प्रोडक्ट के रूप में डेवलप कर पाएं, इस पर बात हुई। उन्हें जन्मदिन के अवसर पर बधाई देने का अवसर हमें हमारे संस्थान, चिप्स टू स्टार्ट-अप (सी2एस) प्रोग्राम और सेमीकॉन इंडिया 2026 की वजह से मिला है।
आईआईटी-इंदौर से पीएचडी करने वाली छात्रा आकांक्षा जैन ने कहा कि आज हमें पीएम मोदी से मिलने का अवसर मिला। हम सभी ने उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं दी। इसी के साथ हमने उन्हें मोमेंटो दिया। मोमेंटो में जो हमने चिप डिजाइन की है, वह रखा था। इसके बारे में हमने पीएम मोदी के साथ चर्चा की। उनको बताया कि जो हमारे प्रोजेक्ट और एप्लीकेशन हैं, जिस पर हम काम कर रहे हैं, जैसे वायु मेडिकल एप्लीकेशन, एग्रीकल्चर एप्लीकेशन, सिक्योरिटी एप्लीकेशन, इन पर भी बात की। उन्होंने हमें इन एप्लीकेशन पर काम करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि आप जो काम कर रहे हैं, वो ऐसे नहीं है कि आपने डिजाइन कर लिया और उसको हम बाद में यूज न करें। जो भी हमें करना है, वो रियल वर्ल्ड एप्लीकेशन में दिखना चाहिए।
सेमीकॉन इंडिया 2026 में शामिल रंजीत ने कहा कि मैं केरलम, एनआईटी, कालीकट से आया हूं। मैं पीएचडी कर रहा हूं। हमने ऑटोमोटिव इंडस्ट्री के लिए एक चिप डिजाइन और डेवलप की है। आज हमने पीएम मोदी को जन्मदिन की बधाई देने के साथ उन्हें मोमेंटो दिया। शुरुआत में हमने इंडस्ट्री के साथ बातचीत की और सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की। अभी ज्यादातर चिप्स भारत के बाहर से आती हैं, लेकिन हम खास तौर पर इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर और थ्री-व्हीलर के लिए देश में ही चिप बनाने की योजना बना रहे हैं।
सेमीकॉन में शामिल संयम भारद्वाज ने कहा कि वह वर्तमान में आईआईटी-जम्मू से पीएचडी कर रहे हैं। हमने पीएम मोदी को जन्मदिन की बधाई दी। उन्होंने हमारे द्वारा डिजाइन किए गए चिप से जुड़े सवाल पूछे। पहली बार पीएम से मिलने का मौका मिला। यह अनुभव बहुत अच्छा था। हम अभी एक प्लांड कार्ड पेसमेकर पर काम कर रहे हैं, उसके लिए एक सेंसिंग ब्लॉक चिप बनाई है।
सेमीकॉन में उपस्थित डॉ. प्रियंका शर्मा ने कहा कि हमें यहां पर जो सी2एस प्रोजेक्ट के अंदर प्रोजेक्ट मिला है, जिसमें हम स्वदेशी पेसमेकर डिजाइन कर रहे हैं। उनसे मिलने का अनुभव बहुत अच्छा रहा। ऐसा लगा ही नहीं कि वे हमारी फील्ड से नहीं हैं। उन्होंने हमें सुझाव भी दिया कि अगर आप मेडिकल में हैं, तो डिफेंस के भी कुछ एप्लीकेशन्स बनाएं।
प्रियदर्शिनी ने कहा कि मैं एमआईटी कैंपस से दूसरा वर्ष पूरा कर रही हूं। मैं एम्बेडेड सिस्टम पर काम कर रही हूं और मैंने चिप-इन-सेट प्रोग्राम के तहत एक प्रोजेक्ट सबमिट किया है जो म्यूचुअल ऑथेंटिकेशन पर आधारित है। यह सिस्टम आरएफआईडी कार्ड और रीडर के साथ काम करता है और इनका कम्युनिकेशन सुरक्षित होता है। इस एप्लीकेशन का इस्तेमाल डिफेंस जैसे क्षेत्रों में किया जा सकता है, जहां सुरक्षा प्रोटोकॉल की जरूरत होती है।
प्रोफेसर बोनाश्वरी ने कहा कि मैं मद्रास इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी कैंपस के इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग में हेड के तौर पर काम कर रही हूं। भारतीय इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग और विश्वविद्यालय के लिए एक विशेष कार्यक्रम है। इस कार्यक्रम के माध्यम से हमने पांच डिसाइड चिप्स विकसित किए हैं। हमने जो चिप विकसित की है, वह विभिन्न क्षेत्रों में लागू होगी।
सेमीकॉन में शामिल विजय प्रताप यादव ने कहा कि मैं उत्तर प्रदेश के गोरखपुर का रहने वाला हूं। अभी मैं हिमाचल प्रदेश में पावर मैनेजमेंट सर्किट पर काम कर रहा हूं। हम ऐसी सर्किट बना रहे हैं जो ऊर्जा की बचत करते हैं और पावर मैनेजमेंट सिस्टम में सप्लाई से जुड़ी समस्याओं को कम करते हैं।
--आईएएनएस
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