चंडीगढ़ : पीएम मोदी के जन्मदिन पर नवजातों के लिए बेबी केयर किट और रक्तदान शिविर का आयोजन
चंडीगढ़, 17 सितंबर (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर चंडीगढ़ भारतीय जनता पार्टी ने सेवा पखवाड़ा की शुरुआत की। भाजपा नेता जतिंदर पाल मल्होत्रा ने सेक्टर-32 अस्पताल में नवजातों की माताओं को बेबी केयर किट बांटी और मेगा ब्लड डोनेशन कैंप लगाया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि पीएम मोदी सार्वजनिक जीवन में 25 साल पूरे करने वाले हैं। उनके नेतृत्व में 25 करोड़ गरीबों का भी जीवनस्तर सुधरा और वे गरीबी रेखा से बाहर निकले। वह आज दुनिया के ब्रांड एंबेसडर हैं।
इस मौके पर भाजपा नेता जतिंदर पाल मल्होत्रा ने कहा, आज हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन है। हिन्दुस्तान के इतिहास में अपने आप को इतना समर्पित करने वाला व्यक्ति बहुत कम देखने को मिला। 35 देशों में सर्वोच्च सम्मान मिला। जो जिंदगियों में बदलाव आया है, चाहे शौचालय के माध्यम से हो, एलपीजी कनेक्शन दिए, 25 करोड़ लोगों का जीवनस्तर सुधरा।
उन्होंने कहा कि सेक्टर 32 के अस्पताल में हमने जो नवजात हैं, उनकी माताओं को किट दिया है। इससे पहले 16 सेक्टर में ये किया गया। इसके अलावा, रक्तदान शिविर भी लगाया जा रहा है। इसके अलावा, शाम को आशीर्वाद का दीया का कार्यक्रम हर बूथ पर किया गया। कई जगहों पर फल वितरण का कार्यक्रम भी कर रहे हैं।
भाजपा नेता ने कहा कि अगर हमें पीएम मोदी को सम्मान देना है, तो हमें उनका अनुसरण करना चाहिए। इससे हम बहुत सारी जिंदगी के जीवन स्तर को सुधार सकते हैं। वह भारत के प्रधानमंत्री ही नहीं, दुनिया के ब्रांड एंबेसडर हैं। आज दुनिया में कुछ भी होता है, तो पीएम मोदी की राय ली जाती है।
उन्होंने कहा कि ऐसे व्यक्तित्व का निर्माण करना आसान काम नहीं है। इसके लिए बहुत बड़ी तपस्या की जरूरत है। आज चंडीगढ़ भाजपा की तरफ से हम उनके जन्मदिन पर बधाई देते हैं। 17 सितंबर से लेकर 17 अक्टूबर तक एक महीने का जो कैंप चलेगा, उसको सेवा के माध्यम से मनाएंगे।
--आईएएनएस
केके/एबीएम
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
सेमीकंडक्टर फैब्स के लिए कुशल मैनपावर तैयार करना सबसे बड़ी जरूरत, 5 साल में भारत के इकोसिस्टम ने पकड़ी तेज रफ्तार: विशेषज्ञ
नई दिल्ली, 17 सितंबर (आईएएनएस)। सेमीकॉन इंडिया 2026 के दौरान गुरुवार को विशेषज्ञों ने कहा कि भारत का सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम पिछले कुछ वर्षों में तेजी से विकसित हुआ है और अब सबसे बड़ा फोकस उद्योग की जरूरतों के अनुरूप कुशल मानव संसाधन तैयार करने पर होना चाहिए। गति शक्ति विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. मनोज चौधरी और फुजीफिल्म इंडिया के अभि शेखर सिंह ने न्यूज एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में भारत की प्रगति, कौशल विकास और उद्योग में बढ़ती भागीदारी पर अपने विचार साझा किए।
कार्यक्रम के दौरान, गति शक्ति विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. मनोज चौधरी ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि यदि पांच वर्ष पहले की स्थिति को देखें तो भारत में सेमीकंडक्टर निर्माण लगभग नगण्य था। उन्होंने कहा कि भारत सेमीकंडक्टर मिशन (आईएसएम) 1.0 के तहत 76,000 करोड़ रुपए के प्रोत्साहन पैकेज की घोषणा के बाद 12 सेमीकंडक्टर परियोजनाएं शुरू की गईं और पिछले 5 वर्षों में इन परियोजनाओं पर तेजी से काम हुआ है।
उन्होंने कहा कि यही बदलाव आज भारत को वैश्विक सेमीकंडक्टर मानचित्र पर एक उभरती हुई ताकत के रूप में स्थापित कर रहा है।
प्रो. चौधरी ने आगे कहा कि सेमीकंडक्टर्स केवल चिप डिजाइन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि आधुनिक उद्योगों और परिवहन प्रणालियों का अभिन्न हिस्सा बन चुके हैं।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि वंदे भारत जैसी आधुनिक ट्रेनों में ऑटोमैटिक डोर क्लोजर से लेकर विभिन्न सेंसर प्रणालियों तक लगभग सभी महत्वपूर्ण तकनीकें सेमीकंडक्टर्स और इलेक्ट्रॉनिक्स पर आधारित हैं। इसी जरूरत को देखते हुए विश्वविद्यालय टाटा समूह के साथ मिलकर सेमीकंडक्टर फैब कंस्ट्रक्शन मैनेजमेंट जैसे विशेष तकनीकी पाठ्यक्रम शुरू करने पर काम कर रहा है, ताकि देश में स्थापित होने वाली नई फैब इकाइयों के लिए आवश्यक कुशल मानव संसाधन तैयार किया जा सके।
प्रो. मनोज चौधरी ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और छात्रों के बीच हुआ संवाद बेहद महत्वपूर्ण था। उन्होंने बताया कि भारत दुनिया का एकमात्र ऐसा देश बन गया है जहां लगभग 400 विश्वविद्यालयों के छात्रों को चिप्स टू स्टार्टअप कार्यक्रम के तहत कैडेंस, सिनॉप्सिस और सीमेंस जैसे विश्वस्तरीय इलेक्ट्रॉनिक डिजाइन ऑटोमेशन (ईडीए) टूल्स तक निःशुल्क पहुंच उपलब्ध कराई गई है।
उन्होंने बताया कि चिपइन सेंटर के माध्यम से छात्रों को अत्याधुनिक तकनीकों से जोड़ने की यह पहल भविष्य के सेमीकंडक्टर डिजाइनरों और इंजीनियरों को तैयार करने में अहम भूमिका निभाएगी।
फुजीफिल्म इंडिया के इलेक्ट्रॉनिक मैटेरियल्स डिवीजन के राष्ट्रीय प्रमुख (रणनीति एवं व्यवसाय विकास) अभि शेखर सिंह ने न्यूज एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि भारत ने सेमीकंडक्टर क्षेत्र में अपनी यात्रा शुरू कर दी है, लेकिन अभी बहुत कुछ किया जाना बाकी है।
उन्होंने कहा कि सबसे सकारात्मक बात यह है कि उद्योग जगत, तकनीकी कंपनियां और विभिन्न संस्थान एक साथ आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि सेमीकॉन इंडिया का स्तर हर वर्ष लगातार बढ़ रहा है और इस वर्ष भी इसमें उल्लेखनीय विस्तार देखने को मिला है।
अभि शेखर सिंह ने आगे कहा कि उनकी कंपनी पिछले तीन वर्षों से इस आयोजन में भाग ले रही है और हर साल इसकी व्यापकता और प्रभाव बढ़ता दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि उनकी कंपनी भी अपनी भागीदारी और गतिविधियों का विस्तार लगातार कर रही है।
--आईएएनएस
डीबीपी
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