खाया है कभी संतरे के रस वाला चिड़ावा का साग? सर्दियों में दूर-दूर से खाने आते हैं लोग, भुलाए नहीं भूलता राजस्थान का देसी खाना
Chirawa Sag Roti: राजस्थान का नाम आते ही दिमाग में सबसे पहले जो चीज आती है, वो है देसी खाना, घी की खुशबू और सर्दियों में मिलने वाले दमदार स्वाद. राजस्थान के हर इलाके की अपनी एक खास पहचान है और उन्हीं में से एक है झुंझुनूं जिले का चिड़ावा शहर. यहां की एक डिश ऐसी है, जिसे लोग खास तौर पर सर्दियों में खाने के लिए दूर-दूर से आते हैं. इस डिश का नाम है साग-रोटा. साग-रोटा सुनने में भले ही सिंपल लगे, लेकिन इसका स्वाद और बनाने का तरीका इसे बिल्कुल अलग बना देता है. गोभी और मटर से बनी रसेदार सब्जी, जो पूरे देसी घी में पकती है, और साथ में सिगड़ी पर बनी मोटी, मुलायम मक्के की रोटा. ये कोई आम सब्जी-रोटी नहीं है, बल्कि एक पूरा अनुभव है. इस रेसिपी की सबसे खास बात है इसका देसी तरीका. आइए जानते हैं कैसे बनाएं.
सिर्फ सब्ज़ी नहीं, दारमा घाटी की पहचान है ये मूली! पीलिया से लेकर पाचन तक में करती है कमाल, जानिए इसकी खास रेसिपी
Darma Mooli Benefits: दारमा घाटी की खास पहाड़ी मूली स्वाद और स्वास्थ्य दोनों में बेजोड़ है. सर्दियों में ताज़ी सब्ज़ियों की कमी के बावजूद स्थानीय लोग इसे सुखाकर सालभर इस्तेमाल करते हैं. इसके नियमित सेवन से पाचन तंत्र मजबूत रहता है, लिवर को फायदा मिलता है और शरीर में ठंड में भी ऊर्जा बनी रहती है. यह केवल एक सब्ज़ी नहीं, बल्कि दारमा की पारंपरिक जीवनशैली और पोषण का प्रतीक है.
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