Nainital News: पहाड़ों की साइलेंट किलर: सर्द रातों में अंगीठी बन रही जानलेवा, हर साल छीन रही कई जिंदगियां
अंगीठी या कोयले के जलने से निकलने वाली कार्बन मोनोऑक्साइड गैस बेहद खतरनाक होती है. यह गैस न तो दिखाई देती है और न ही इसमें कोई गंध होती है. यही कारण है कि व्यक्ति को पता ही नहीं चलता कि वह जहर भरी हवा में सांस ले रहा है. यह गैस शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा को धीरे-धीरे कम कर देती है, जिससे पहले चक्कर, सिरदर्द और बेचैनी होती है, फिर मौत तक हो सकती है
कई बीमारियों के लिए रामबाण ये कांटेदार पौधा, सूजन-दर्द के लिए वरदान, ऐसे करें उपयोग
Health Benefits: रीवा आयुर्वेद हॉस्पिटल के डीन डाॅक्टर दीपक कुलश्रेष्ठ ने बताया कि सेहुंड (Sehund ) के पत्तों का प्रयोग आंखों में दर्द, सूजन और लाल होने की परेशानी दिलाता है. इस पेड़ से निकलने वाले झीर (दूध) से इलाज किया जाता है. साथ ही बताया कि सर्दी लगने पर इसके पत्तों को गर्म करके प्रयोग किया जाता है, तो यह खांसी के लिए भी रामबाण यह पौधा है. वहीं, इसकी मोटी कोमल पत्तियों को गर्म करके इसका रस यानि दूध निकालकर गुड़ के साथ मिलाकर पिलाने से बच्चों को उल्टी में भी फायदा मिलता है. यह 9 मीटर ऊंचा पौधा अपने औषधीय गुणों की वजह से खास पहचान रखता है. इस पौधे का गूदा और रस शरीर की विभिन्न बीमारियों से निपटने में काम आता है.
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