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Graham Staines हत्याकांड के दोषी Dara Singh की सजा में छूट की याचिका Odisha Government ने की खारिज

ओडिशा सरकार ने बृहस्पतिवार को उच्चतम न्यायालय को बताया कि प्रदेश सरकार ने वर्ष 1999 में ऑस्ट्रेलियाई मिशनरी ग्राहम स्टीवर्ट स्टेन्स और उनके दो बच्चों की हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे रविंद्र पाल उर्फ दारा सिंह की सजा में छूट के अनुरोध वाली याचिका खारिज कर दी है। न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा और न्यायमूर्ति विजय बिश्नोई की पीठ ने सिंह के वकील से कहा, “आदेश को चुनौती देने के लिए जो भी आधार उठाना चाहते हैं, उठा सकते हैं। अपनी याचिका में संशोधन करें और फिर दलील दें।” पीठ ने गौर किया कि सजा में छूट का अनुरोध करने वाली याचिका खारिज करने संबंधी आदेश की प्रति सिंह के वकील को उपलब्ध करा दी गई है।

पीठ ने कहा, “याचिकाकर्ता (सिंह) की ओर से पेश वकील ने उचित संशोधन याचिका दायर करने के लिए दो सप्ताह का समय देने का अनुरोध किया, जिसकी अनुमति दी जाती है।” पीठ ने मामले की सुनवाई तीन सप्ताह बाद तय की। शीर्ष अदालत ने इससे पहले हुई सुनवाई में दारा सिंह की सजा में छूट के अनुरोध वाली याचिका पर फैसला नहीं लेने को लेकर ओडिशा सरकार को फटकार लगाई थी। सटेन्स हत्याकांड में दोषी ठहराया गया 63 वर्षीय दारा सिंह 25 साल से अधिक समय से जेल में है।

उसने 2024 में शीर्ष अदालत का रुख करते हुए समय से पहले रिहाई का अनुरोध किया था। दोषी सिंह ने दलील दी थी कि वह जेल में 24 साल से अधिक समय बिता चुका है और उसे “युवावस्था के जोश” में किए गए अपने कृत्य पर “पछतावा” है। वर्ष 1999 में 22-23 जनवरी की दरमियानी रात क्योंझर जिले के मनोहरपुर गांव में सिंह के नेतृत्व में भीड़ ने ग्राहम स्टेन्स, उनके 11 वर्षीय बेटे फिलिप और आठ वर्षीय टिमोथी पर हमला कर उनके वाहन में आग लगा दी थी।

तीन लोगों की हत्या के इस मामले में मुख्य आरोपी सिंह को 2003 में सीबीआई अदालत ने दोषी ठहराते हुए मौत की सजा सुनाई थी। ओडिशा उच्च न्यायालय ने 2005 में उसकी मौत की सजा को उम्रकैद में बदल दिया था और 2011 में उच्चतम न्यायालय ने इसे बरकरार रखा था। स्टेन्स और उनकी पत्नी ग्लेडिस मयूरभंज इवेंजेलिकल मिशनरी के साथ काम करते थे, जो कुष्ठ रोगियों की देखभाल करती थी।

वर्ष 2005 में पद्म श्री से सम्मानित ग्लेडिस स्टेंस ने कहा था कि उन्होंने अपने पति और बेटों के हत्यारों को माफ कर दिया है तथा उनके प्रति उनके मन में कोई कड़वाहट नहीं है।

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Montreal Protocol प्रतिबद्धताओं को भारत ने विकास रोके बिना पूरा किया: Kirti Vardhan Singh

पर्यावरण राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह का कहना है कि भारत ने संरक्षण के क्षेत्र में सक्रिय नेतृत्व का प्रदर्शन करते हुए विकास से समझौता किए बिना ओजोन परत को नुकसान पहुंचाने वाले पदार्थों पर मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल के तहत अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा किया है। पर्यावरण मंत्रालय द्वारा आयेाजित 32वें विश्व ओजोन दिवस के अवसर संबोधित करते हुये सिंह ने मुंबई में बुधवार को कहा कि पर्यावरणीय चुनौतियों से निपटने के लिए सरकारों, वैज्ञानिकों, उद्योग, अधिकारियों और नागरिकों की सामूहिक भागीदारी जरूरी है। मंत्री ने ‘मिशन लाइफ’ (पर्यावरण के लिए जीवनशैली) का उल्लेख करते हुए कहा कि यह पर्यावरण संरक्षण को रोजमर्रा के सरल कार्यों में बदलने के लिए एक रूपरेखा उपलब्ध कराता है।

उन्होंने कहा, ‘‘प्राकृतिक संसाधनों का सोच-समझकर इस्तेमाल, व्यर्थ उपभोग के बजाय, नागरिकों को पर्यावरण संरक्षण में योगदान देने में सक्षम बना सकता है।’’ सिंह ने नागरिकों से सतत शीतलन के लिए तीन उपाय अपनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि एयर कंडीशनर की सर्विसिंग प्रमाणित और कुशल तकनीशियनों से कराई जानी चाहिए, जो शीतलन व्यवस्था की सुरक्षित तरीके से देखरेख करें। उन्होंने बिजली की बचत और कार्बन उत्सर्जन कम करने के लिए एयर कंडीशनर का तापमान आरामदायक स्तर पर, संभव हो तो करीब 24 डिग्री सेल्सियस रखने तथा जलवायु-अनुकूल रेफ्रिजरेंट का इस्तेमाल करने वाले अधिक स्टार रेटिंग वाले ऊर्जा-कुशल उपकरण चुनने की सलाह दी।

कार्यक्रम में भारत के ‘नेट जीरो पोर्टल’ और राष्ट्रीय जलवायु परिवर्तन कार्य योजना (एनएपीसीसी) डैशबोर्ड की शुरुआत भी की गई। ‘नेट जीरो पोर्टल’ भारत की जलवायु संबंधी प्रतिबद्धताओं पर नजर रखने, उनके समन्वय और प्रदर्शन के लिए एक केंद्रीय मंच के रूप में काम करेगा। इसके जरिए उद्योग, संगठन और सरकारी निकाय स्वैच्छिक रूप से पंजीकरण कर शुद्ध-शून्य उत्सर्जन की दिशा में अपनी प्रगति प्रदर्शित कर सकेंगे।

वहीं, एनएपीसीसी डैशबोर्ड भारत की राष्ट्रीय जलवायु परिवर्तन कार्य योजना के लिए एक केंद्रीकृत डिजिटल मंच होगा, जिसमें विभिन्न राष्ट्रीय मिशनों की प्रगति और उनसे संबंधित जानकारी उपलब्ध होगी।

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अभिषेक शर्मा के नाम 5 बड़े रिकॉर्ड...पावरप्ले में कत्लेआम से लेकर 30 गेंदों के शतक तक, बदल दी टी20 क्रिकेट की परिभाषा

Abhishek Sharma 5 big records: भारतीय टी20 क्रिकेट हमेशा से अपने विस्फोटक बल्लेबाजों के लिए जाना जाता रहा है, लेकिन हाल के वर्षों में आंकड़े जिस तेजी से बदले हैं, उसने सीमित ओवरों के खेल की परिभाषा ही बदल दी है. युवा ओपनर अभिषेक शर्मा ने इंटरनेशनल स्टेज पर आते ही रिकॉर्ड्स की ऐसी झड़ी लगाई है, जिसने दिग्गजों को भी पीछे छोड़ दिया है. पावरप्ले का अधिकतम इस्तेमाल करने से लेकर सबसे तेज शतक जड़ने तक, भारतीय क्रिकेट में एक नया पावर-हिटिंग दौर शुरू हो चुका है. अभिषेक शर्मा ने अफगानिस्तान के खिलाफ तीसरे टी20 में 5 बड़े रिकॉर्ड बनाए. Thu, 17 Sep 2026 21:08:43 +0530

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2026-09-17T16:42:24+00:00

कानपुर विनित मिनोचा हत्याकांड में बड़ा खुलासा | #Kanpur #UPnews #Crimenews #Shorts #Aajtak #tmktech #vivo #v29pro
2026-09-17T16:43:41+00:00
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