108 घोड़ों वाला शौर्य यात्रा, वीरो को नमन और डमरू की डमडम का बीच पीएम मोदी
Somnath PM Modi Video: अटल, अजेय और अखंड सोमनाथ की धरती से आज एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जिसे इतिहास में 'सांस्कृतिक पुनर्जागरण' के रूप में दर्ज किया जाएगा. सुबह ठीक 9:45 बजे, जब शंखनाद और ढोल-नगाड़ों की थाप के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का रथ निकला, तो पूरा सोमनाथ 'हर-हर महादेव' के जयघोष से गूंज उठा. शौर्य यात्रा भी निकाला गया जिसमें108 घोड़े शामिल थे, जो अदम्य साहस और शक्ति का प्रतीक बनकर रथ के आगे और पीछे चल रहे थे. शंख चौक से हमीर चौक तक का यह 900 मीटर का मार्ग जनसैलाब से खचाखच भरा था. छतों पर खड़ी महिलाएं और बच्चे हाथ हिलाकर प्रधानमंत्री का अभिवादन कर रहे थे. वहीं प्रधानमंत्री भी हाथ में दो डमरू लिए मुस्कुराते हुए जनता का स्वागत स्वीकार कर रहे थे. यह दृश्य केवल एक शोभायात्रा नहीं, बल्कि एक ऐसे संकल्प की सिद्धि थी जिसे प्रधानमंत्री ने वर्षों पहले अपने मन में संजोया था.
क्यों नहीं हुआ लालबहादुर शास्त्री का पोस्टमार्टम, ताशकंद जाने से पहले कैसी थी उनकी हेल्थ
Death Anniversary Lal Bahadur Shastri: 11 जनवरी 1996 को ताशकंद में भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री का निधन हो गया. लेकिन निधन से पहले की स्थितियां सवाल पैदा करने तो थीं. डॉक्टरों की रिपोर्ट के अनुसार, उनकी मृत्यु हार्ट अटैक से हुई. ये रिपोर्ट भारत और सोवियत संघ के डॉक्टरों ने संयुक्त रूप से ताशकंद में दी. लेकिन उनके शव का पोस्ट मार्ट्म नहीं कराना आज भी सवालों को जन्म देता है.
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