MP के 25 शहरों का तापमान 10 डिग्री से नीचे:राजस्थान में कोहरे के कारण 2 एक्सीडेंट, 24 घायल; UP के आजमगढ़ में पारा 3.7°
पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी के चलते मैदानी राज्यों में ठंड बढ़ रही है। मध्य प्रदेश में कड़ाके की ठंड का दौर जारी है। खासकर उत्तरी हिस्से में ठंड और घने कोहरे का असर ज्यादा है। शनिवार को प्रदेश के 25 शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से नीचे रहा। राजस्थान के 10 से ज्यादा जिले शनिवार सुबह भी घने कोहरे की चपेट में रहे। जैसलमेर और कोटपूतली-बहरोड़ जिले में हुए दो एक्सीडेंट में 24 लोग घायल हो गए। इनमें एक एसएचओ सहित 4 पुलिसवाले भी शामिल हैं। धुंध के कारण उदयपुर में इंडिगो की दो फ्लाइट कैंसिल हो गई। सीकर, नागौर, जैसलमेर सहित कई जिलों कोहरे के कारण विजिबिलिटी 50 मीटर से भी कम रही। उत्तर प्रदेश में पहाड़ों पर बर्फबारी से कड़ाके की ठंड पड़ रही है। शनिवार सुबह से 30 शहरों में भीषण कोहरा छाया रहा। आजमगढ़ सबसे ठंडा जिला रहा। यहां का पारा 3.7 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। बंगाल की खाड़ी में बना गहरा डिप्रेशन कमजोर होकर अब डिप्रेशन में बदल गया है। मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक यह सिस्टम शनिवार को उत्तर श्रीलंका के तट को पार कर सकता है। इसके असर से तमिलनाडु के कई जिलों में भारी बारिश की संभावना है। देशभर में मौसम की 3 तस्वीरें… अगले 2 दिन मौसम का हाल... 12 जनवरी: मैदानी राज्यों में बारिश उत्तर प्रदेश, राजस्थान, बिहार, मध्य प्रदेश, झारखंड, छत्तीसगढ़, पंजाब, हरियाणा में कोहरे के साथ हल्की बारिश का अलर्ट। पहाड़ी राज्यों में तापमान और गिर सकता है। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भारी बर्फबारी जारी रहेगी। 11 जनवरी: पहाड़ी राज्यों में भारी बर्फबारी पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, बिहार, मध्य प्रदेश में घने कोहरे का अलर्ट, कड़ाके की सर्दी हो सकती है। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बारिश का अलर्ट, पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी हो सकती है। ।
पंजाब में चन्नी की अगुआई में 2027 चुनाव लड़ेगी कांग्रेस:हाईकमान ने वड़िंग-रंधावा से CM कुर्सी का दावा छुड़वाया; प्रताप बाजवा अब भी अड़े
पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस की अगुआई की तस्वीर साफ होती जा रही है। कांग्रेस सोर्सेज के मुताबिक पूर्व CM चरणजीत चन्नी की अगुआई में ही कांग्रेस चुनावी अखाड़े में उतरेगी। इसके संकेत कांग्रेस की मनरेगा बचाओ रैलियों से मिलने शुरू हो गए हैं। जिनमें प्रदेश प्रधान सांसद अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने CM कुर्सी का दावा छोड़ दिया है। पूर्व कांग्रेस प्रधान नवजोत सिद्धू पहले ही एक्टिव पॉलिटिक्स से बाहर हो चुके हैं। हालांकि कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रताप बाजवा जरूर अभी अड़े हुए हैं। वह रैलियों में सरकार आने पर जिस तरह से कार्रवाई का ऐलान कर रहे हैं, उससे लग रहा है कि वह अभी भी खुद को CM चेहरे की दौड़ में बनाए हुए हैं। इसके उलट चन्नी पार्टी के भीतर साइलेंट पॉलिटिक्स कर रहे हैं। चन्नी को अगले मुख्यमंत्री के तौर पर भले ही कांग्रेस के भीतर और सोशल मीडिया पर चन्नी को सपोर्ट मिल रहा हो लेकिन वह खुद कोई दावा नहीं कर रहे। CM चेहरे को लेकर किसने क्या कहा... बाजवा के CM चेहरे वाले तेवर क्यों... चरणजीत चन्नी की दावेदारी मजबूत क्यों? हाईकमान मंच से ऐलान क्यों करा रहा CM की कुर्सी पर दावेदारी से अचानक कांग्रेसियों का मोहभंग क्यों, इसके पीछे हाईकमान की प्लानिंग है। 2022 के चुनाव में चन्नी और नवजोत सिद्धू की लड़ाई से कांग्रेस 18 सीटों पर सिमट गई। इस बार हाईकमान नहीं चाहता कि सीएम कुर्सी को लेकर अभी से झगड़ा शुरू हो। इसलिए हाईकमान के दूत पार्टी प्रभारी भूपेश बघेल की मौजूदगी में वड़िंग और रंधावा से ऐलान कराया गया है। आने वाले दिनों में प्रताप बाजवा भी इसको लेकर दावा छोड़ते नजर आ सकते हैं। 2027 में कांग्रेस की क्या स्थिति पॉलिटिकल एक्सपर्ट्स मानते हैं कि मौजूदा राजनीतिक हालात देखें तो पंजाब में AAP के मुकाबले अभी कांग्रेस ही नजर आती है। अकाली दल ने तरनतारन उपचुनाव और जिला परिषद–ब्लॉक समिति उपचुनाव में अच्छी परफॉर्मेंस जरूर दिखाई लेकिन अभी वे बराबरी के मुकाबले में नजर नहीं आते। भाजपा जरूर वोट शेयर बढ़ा रही है लेकिन गांवों में आधार नहीं है। कांग्रेस हाईकमान के पास भी ये अच्छा मौका है क्योंकि पंजाब उन राज्यों में से एक है, जहां भाजपा की राजनीतिक पकड़ कमजोर है। ऐसे में यहां कांग्रेस के चांसेज ज्यादा हैं। ------------- ये खबर भी पढ़ें... राजा वड़िंग बोले- मैं मुख्यमंत्री कैंडिडेट नहीं, रंधावा ने कहा- चीफ मिनिस्ट्री नहीं पंजाब में सरकार चाहिए; बाजवा के CM वाले तेवर, चन्नी गैरहाजिर पंजाब में कांग्रेस सांसद व पूर्व डिप्टी CM सुखजिंदर रंधावा ने बलाचौर की स्टेज से ऐलान किया कि हम में से किसी को भी चीफ मिनिस्ट्री यानी मुख्यमंत्री की कुर्सी नहीं चाहिए। हमें सिर्फ पंजाब में कांग्रेस की सरकार चाहिए। हालांकि जिस वक्त रंधावा ने ये बात कही, तब CM कुर्सी के दावेदारों में शुमार पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत चन्नी और प्रताप बाजवा जैसे बड़े चेहरे वहां नहीं थे। पूरी खबर पढ़ें...
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