Responsive Scrollable Menu

आधी पृथ्वी पर अपना अधिकार जमाने का प्लान, Venezuela के बाद अमेरिका 20 दिन में इस देश पर करेगा कब्जा

दुनिया का सबसे बड़ा आइलैंड और अब सबसे इंपॉर्टेंट आइलैंडग्रीनलैंड बिल्कुल ग्रीन नहीं 80% ग्रीनलैंड बर्फ से ढका हुआ है और यहां पर सिर्फ 57,000 की आबादी है और इसीलिए इसे इतना महत्व कभी मिला नहीं। सदियों से गुमनाम रहा है दुनिया का सबसे बड़ा आइलैंड लेकिन अब सुपर पावर की लड़ाई का यह केंद्र बनता जा रहा है। अमेरिका ने डॉनल्ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड पर कब्जा करने की बात कही है। बाय द वे आई हैव आई विल से दिस अबाउट ग्रीनलैंड वी नीड ग्रीनलैंडवो बार-बार इस बयान को कहते आए हैं। राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए ग्रीनलैंड बहुत ही जरूरी है और वहां पर रूसी और चीनी जहाजों की मौजूदगी अमेरिका के लिए चिंता की बात है। उन्होंने कहा था कि वो 20 दिन में ग्रीनलैंड पर बात करेंगे। ग्रीनलैंड को लेकर डॉनल्ड ट्रंप की इच्छा को शुरू में लोगों ने मजाक समझा। लेकिन अब यह मजाक रहा नहीं। ग्रीनलैंड डेनमार्क का एक स्वायत्त इलाका यानी जिसे ऑटोनॉमस ज़ोन कहा जाता है वो है। यहां पर डेनमार्क के करीब 20 से ज्यादा सैनिक तैनात हैं। और अगर पूरे एरिया की बात करें तो तकरीबन 200 ऐसे सैनिक हैं जिनकी तैनाती ग्रीनलैंड के अलग-अलग एरियाज में है।

इसे भी पढ़ें: 'मैंने रुकवाया भारत-पाक युद्ध, मुझे मिलना चाहिए नोबेल पुरस्कार', डोनाल्ड ट्रंप ने 70वीं बार दोहराया अपना दावा

ग्रीनलैंड की अपनी कोई सेना नहीं है। कोई आर्मी नहीं है। उनकी रक्षा और उनकी विदेश नीति की जिम्मेदारी डेनमार्क की है। यहां पर अमेरिका का जो पिटूफिक स्पेस बेस है जिसे थूले एयरबेस भी कहा जाता है वो भी मौजूद है। ग्रीनलैंड के जो उत्तर पश्चिम एरिया की बात करें तो यह बेस अमेरिका ही चलाताहै। यह बेस मिसाइल चेतावनी सिस्टम और स्पेस मॉनिटरिंग के लिए काफी ज्यादा इस्तेमाल होता रहा है। इस बीच एक और गौर करने वाली बात यह कि ग्रीनलैंड नाटो का भी हिस्सा है। तो ऐसे में डेनमार्क के प्रधानमंत्री मैटेफ फ्रेडरिकसन ने यह कहा कि अगर अमेरिका ने ग्रीनलैंड पर कब्जा करने की कोशिश की जो कि दोनों ही नाटो कंट्री हैं तो नाटो सैन्य गठबंधन खत्म हो जाएगा। अंत हो जाएगा। अगर अमेरिका किसी नाटो सदस्य देश पर सैन्य कारवाई करता है तो नाटो की पूरी व्यवस्था खत्म हो जाएगी।

इसे भी पढ़ें: क्या है ISA, क्यों बाहर हुआ अमेरिका, इससे भारत पर क्या पड़ेगा असर?

सीधी सी बात है कि जो भी समंदर पर राज करेगा उसका दुनिया पर राज होगा। दुनिया के समुंदरों पर कंट्रोल करने के लिए कई देश चाहे रूस हो, चीन हो, अमेरिका हो, जद्दोजहद कर रहे हैं। लेकिन एक समंदर ऐसा है जिस पर कभी किसी ने कंट्रोल नहीं करना चाहा। आर्कटिक ओशन क्योंकि यहां पर हमेशा बर्फ ही बर्फ थी। किसी ने सोचा ही नहीं था कि वो किसी के काम का भी हो सकता है। लेकिन अब ग्रीनलैंड की जोेंस को बढ़ा रहा है वो यही आर्कटिक ओशन बढ़ा रहा है। ग्लोबल वार्मिंग के कारण आर्कटिक की बर्फ धीरे-धीरे पिघल रही है।

इसे भी पढ़ें: ट्रंप ने की रेड लाइन क्रॉस, फ्रांस से ऐसा दहाड़े जयशंकर, अमेरिका में भूचाल!

ग्रीनलैंड को लेकर होगी बैठक

अमेरिका के विदेश सचिव मार्के रुबिये अगले सप्ताह डेनमार्क के अधिकारियों से ग्रीनलैड को लेकर बैठक करेंगे। यह मेटिंग डेननर्क और ग्रेनलैंड की पहल पर हो रही है, ताकि अमेरिका को रणनीतिक रुचि और आर्कटिक क्षेत्र में सुरक्षा मुद्दे पर बातचीत हो सके। रूबियों ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप लंबे समय से ग्रीनलैड पर विचार कर रहे है. हालाकि इसका मतलब सैन्य हस्तक्षेप नहीं है। डेनमार्क और ग्रीनलैंड के अधिकारी बैठक में शामिल होंगे और इसे आवश्यक संवाद बलथ गया है। यह बैठक नाही और यूरोपीय तहयोंगियों की निगह में भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि ऑनलैड पर अमेरिकी रुचि अर्कटिक रणनीति ने बड़ा कदम साबित हो सकती है।

Continue reading on the app

Bangladesh में जिहाद के दो अलग-अलग रूप, दोनों का मकसद भारत विरोध, तस्लीमा नसरीन ने युनुस को धोया

लेखिका तस्लीमा नसरीन ने कहा कि बांग्लादेश की मौजूदा स्थिति इसलिए है क्योंकि वहां की सरकारों ने उनके खिलाफ फतवा जारी करने वाले धार्मिक कट्टरपंथियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की और न ही ब्लॉगरों की हत्याओं के दौरान कोई कदम उठाया। केरल विधानसभा के अंतर्राष्ट्रीय पुस्तक महोत्सव में बोलते हुए नसरीन ने कहा कि सरकारों ने सत्ता में बने रहने के लिए धर्म का इस्तेमाल किया और कट्टरपंथियों का समर्थन पाने के लिए मदरसों की जरूरत न होने पर भी धार्मिक स्कूल बनवाए। उन्होंने कहा कि लोगों को सभ्य बनाने के बजाय, उन्होंने उन्हें धार्मिक और कट्टरपंथी बना दिया। अब कट्टरपंथी सत्ता में हैं। मुझे नहीं पता कि इस धर्मनिरपेक्ष देश को कैसे वापस लाया जाए। 1971 में, हिंदुओं, बंगालियों और मुसलमानों ने मिलकर धर्मनिरपेक्ष संविधान के लिए लड़ाई लड़ी थी। अब वे अल्पसंख्यकों की हत्या कर रहे हैं। इसे रोकना होगा।

इसे भी पढ़ें: MEA Weekly Briefing: भारत ने US और China को लेकर अपनाया सख्त रुख, अमेरिकी नेताओं के झूठ भी कर दिये उजागर

बांग्लादेश में देश विभाजित है 

संकट के लिए अंतरिम सरकार को दोषी ठहराते हुए कहा कि कट्टरपंथी एक तरह से सत्ता में हैं और डॉ. यूनुस उनका समर्थन कर रहे हैं। इसलिए, मुझे नहीं पता कि हम उस धर्मनिरपेक्ष देश को कैसे वापस पा सकेंगे जिसके लिए इसने 1971 में पाकिस्तान के खिलाफ लड़ाई लड़ी थी। तस्लीमा ने कहा कि अब देश विभाजित है और मुस्लिम चरमपंथी धार्मिक अल्पसंख्यक समुदायों की हत्या और उत्पीड़न कर रहे हैं जिसे रोकना होगा।

इसे भी पढ़ें: Mustafizur विवाद पर Tamim Iqbal की BCB को सलाह- बातचीत से सुलझाएं मसला, Cricket का भविष्य देखें

बांग्लादेश में हुए नरसंहार से भारत का कोई संबंध नहीं

तस्लीमा से पूछा गया कि क्या भारत में मुसलमानों पर हो रहे कथित उत्पीड़न का असर बांग्लादेश पर पड़ रहा है, तो तस्लीमा ने इससे इनकार किया। उन्होंने कहा कि नहीं, मुझे नहीं लगता कि बांग्लादेश में हुए नरसंहार से भारत का कोई संबंध है। हिंदुओं पर 1947 से ही अत्याचार हो रहा है। यह भारत में घटी घटनाओं की प्रतिक्रिया नहीं है। कुछ कट्टरपंथियों और जिहादियों में हमेशा से ही हिंदू-विरोधी मानसिकता रही है, और विभिन्न सरकारों के समर्थन से यह मानसिकता बढ़ती जा रही है।

हिंदू महिलाओं की दुर्दशा पर क्या बोलीं तस्लीमा

तस्लीमा से जब पूछा गया कि क्या भारत में धर्मनिरपेक्षता खतरे में है, तो उन्होंने एक बार फिर इससे इनकार किया। उन्होंने कहा कि भारत आज भी एक धर्मनिरपेक्ष देश है, लेकिन बांग्लादेश, जो कभी धर्मनिरपेक्ष था, 1980 के दशक में इस्लाम को आधिकारिक धर्म बनाने वाला देश बन गया। जब आप किसी धर्म को राजकीय धर्म बना देते हैं, तो सभी गैर-मुस्लिम दूसरे दर्जे के नागरिक बन जाते हैं। हम संविधान में धर्मनिरपेक्षता को वापस लाना चाहते हैं। यदि राजनीतिक दल राजनीतिक लाभ के लिए धर्म का उपयोग करते हैं, तो देश बर्बाद हो जाएगा। तस्लीमा ने कहा कि जिस तरह ईरान में लोग इस्लामी शासन के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे हैं, उसी तरह बांग्लादेश को भी धार्मिक चरमपंथ का प्रतिरोध करना चाहिए। लेखिका ने बांग्लादेश में हिंदू महिलाओं की दुर्दशा को रेखांकित करते हुए कहा कि वहां बहुविवाह रोकने, तलाक की अनुमति देने या अपने पिता से विरासत प्राप्त करने की अनुमति देने वाले कानूनों की कमी है। उन्होंने समान नागरिक संहिता की मांग की।

Continue reading on the app

  Sports

SA20 में रायन रिकेल्टन का धमाका, MI केपटाउन के लिए तूफानी शतक से रचा इतिहास, जोबर्ग को मिली मिली हार

Ryan Rickelton SA20 Record: MI केपटाउन के ओपनर बल्लेबाज रायन रिकेल्टन SA20 में अपनी तूफानी बल्लेबाजी से धूम मचा रहे हैं. रिकेल्टन ने इस टूर्नामेंट में दो शतक ल गाकर इतिहास रच दिया. ऐसा करने वाले रिकेल्टन पहले खिलाड़ी बने हैं. उनकी इस शतकीय पारी से केपटाउन की टीम ने जोबर्ग सुपर किंग्स पर दमदार जीत हासिल की. Sun, 11 Jan 2026 12:48:38 +0530

  Videos
See all

फिर से वार हुआ है देखो मेरे सत्य सनातन पर..जहाँ धर्म की हानि हो रही, थू है ऐसे शासन पर.. #tmktech #vivo #v29pro
2026-01-11T08:04:01+00:00

KGMU Conversion News: KGMU धर्मांतरण मामले में सूत्रों से बड़ा खुलासा | Rameez Naik | UP News #tmktech #vivo #v29pro
2026-01-11T08:07:11+00:00

Amit Shah LIVE: अमित शाह की Kerala में स्थानीय निकायों के BJP के नए चुने गए प्रतिनिधियों के साथ बैठक #tmktech #vivo #v29pro
2026-01-11T08:06:40+00:00

हाथ में त्रिशूल, माथे पर त्रिपुंड..आसमान में दिखा सोमनाथ का गौरव | PM Modi #gujrat #tmktech #vivo #v29pro
2026-01-11T08:15:00+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers