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Bangladesh में जिहाद के दो अलग-अलग रूप, दोनों का मकसद भारत विरोध, तस्लीमा नसरीन ने युनुस को धोया

लेखिका तस्लीमा नसरीन ने कहा कि बांग्लादेश की मौजूदा स्थिति इसलिए है क्योंकि वहां की सरकारों ने उनके खिलाफ फतवा जारी करने वाले धार्मिक कट्टरपंथियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की और न ही ब्लॉगरों की हत्याओं के दौरान कोई कदम उठाया। केरल विधानसभा के अंतर्राष्ट्रीय पुस्तक महोत्सव में बोलते हुए नसरीन ने कहा कि सरकारों ने सत्ता में बने रहने के लिए धर्म का इस्तेमाल किया और कट्टरपंथियों का समर्थन पाने के लिए मदरसों की जरूरत न होने पर भी धार्मिक स्कूल बनवाए। उन्होंने कहा कि लोगों को सभ्य बनाने के बजाय, उन्होंने उन्हें धार्मिक और कट्टरपंथी बना दिया। अब कट्टरपंथी सत्ता में हैं। मुझे नहीं पता कि इस धर्मनिरपेक्ष देश को कैसे वापस लाया जाए। 1971 में, हिंदुओं, बंगालियों और मुसलमानों ने मिलकर धर्मनिरपेक्ष संविधान के लिए लड़ाई लड़ी थी। अब वे अल्पसंख्यकों की हत्या कर रहे हैं। इसे रोकना होगा।

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बांग्लादेश में देश विभाजित है 

संकट के लिए अंतरिम सरकार को दोषी ठहराते हुए कहा कि कट्टरपंथी एक तरह से सत्ता में हैं और डॉ. यूनुस उनका समर्थन कर रहे हैं। इसलिए, मुझे नहीं पता कि हम उस धर्मनिरपेक्ष देश को कैसे वापस पा सकेंगे जिसके लिए इसने 1971 में पाकिस्तान के खिलाफ लड़ाई लड़ी थी। तस्लीमा ने कहा कि अब देश विभाजित है और मुस्लिम चरमपंथी धार्मिक अल्पसंख्यक समुदायों की हत्या और उत्पीड़न कर रहे हैं जिसे रोकना होगा।

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बांग्लादेश में हुए नरसंहार से भारत का कोई संबंध नहीं

तस्लीमा से पूछा गया कि क्या भारत में मुसलमानों पर हो रहे कथित उत्पीड़न का असर बांग्लादेश पर पड़ रहा है, तो तस्लीमा ने इससे इनकार किया। उन्होंने कहा कि नहीं, मुझे नहीं लगता कि बांग्लादेश में हुए नरसंहार से भारत का कोई संबंध है। हिंदुओं पर 1947 से ही अत्याचार हो रहा है। यह भारत में घटी घटनाओं की प्रतिक्रिया नहीं है। कुछ कट्टरपंथियों और जिहादियों में हमेशा से ही हिंदू-विरोधी मानसिकता रही है, और विभिन्न सरकारों के समर्थन से यह मानसिकता बढ़ती जा रही है।

हिंदू महिलाओं की दुर्दशा पर क्या बोलीं तस्लीमा

तस्लीमा से जब पूछा गया कि क्या भारत में धर्मनिरपेक्षता खतरे में है, तो उन्होंने एक बार फिर इससे इनकार किया। उन्होंने कहा कि भारत आज भी एक धर्मनिरपेक्ष देश है, लेकिन बांग्लादेश, जो कभी धर्मनिरपेक्ष था, 1980 के दशक में इस्लाम को आधिकारिक धर्म बनाने वाला देश बन गया। जब आप किसी धर्म को राजकीय धर्म बना देते हैं, तो सभी गैर-मुस्लिम दूसरे दर्जे के नागरिक बन जाते हैं। हम संविधान में धर्मनिरपेक्षता को वापस लाना चाहते हैं। यदि राजनीतिक दल राजनीतिक लाभ के लिए धर्म का उपयोग करते हैं, तो देश बर्बाद हो जाएगा। तस्लीमा ने कहा कि जिस तरह ईरान में लोग इस्लामी शासन के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे हैं, उसी तरह बांग्लादेश को भी धार्मिक चरमपंथ का प्रतिरोध करना चाहिए। लेखिका ने बांग्लादेश में हिंदू महिलाओं की दुर्दशा को रेखांकित करते हुए कहा कि वहां बहुविवाह रोकने, तलाक की अनुमति देने या अपने पिता से विरासत प्राप्त करने की अनुमति देने वाले कानूनों की कमी है। उन्होंने समान नागरिक संहिता की मांग की।

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Russia के ओरेशेनिक मिसाइल जैसा हमला अब भारत भी कर सकेगा, DRDO ने पूरा किया कमाल का टेस्ट

रक्षा मंत्रालय ने बताया कि रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने सक्रिय रूप से ठंडा किए गए स्क्रैमजेट कंबस्टर का सफल दीर्घकालिक जमीनी परीक्षण करके हाइपरसोनिक मिसाइलों के विकास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। मंत्रालय ने स्क्रैमजेट-संचालित हाइपरसोनिक प्रौद्योगिकी पर अद्यतन जानकारी साझा करते हुए कहा कि हैदराबाद स्थित डीआरडीओ की प्रयोगशाला, रक्षा अनुसंधान एवं विकास प्रयोगशाला (डीआरडीएल) ने ऐसी मिसाइलों के विकास में एक अभूतपूर्व उपलब्धि प्राप्त की है। डीआरडीएल ने एक बयान में कहा कि उसने 9 जनवरी को अपनी अत्याधुनिक स्क्रैमजेट कनेक्ट पाइप टेस्ट (एससीपीटी) सुविधा में अपने एक्टिवली कूल्ड स्क्रैमजेट फुल स्केल कंबस्टर का एक व्यापक दीर्घकालिक जमीनी परीक्षण सफलतापूर्वक आयोजित किया, जिसमें 12 मिनट से अधिक का रन टाइम हासिल किया गया।

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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने डीआरडीओ उद्योग से जुड़े साझेदारों और शिक्षाविदों को स्कम जेट इंजन के सफल जमीनी परीक्षण के लिए बधाई दी है। उन्होंने कहा है कि लंबे समय तक किए गए सफल परीक्षण से भारत के हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल कार्यक्रम को मजबूत आधार मिला है। यह देश की रक्षा तकनीक के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। बता दें कि हैदराबाद स्थित रक्षा अनुसंधान और विकास प्रयोगशाला ने हाइपरसोनिक मिसाइल तकनीक के क्षेत्र में बड़ी सफलता हासिल की है। डीआरडीओ ने 9 जनवरी 2026 को अपनी अत्याधुनिक स्कम जेट कनेक्ट पाइप सेट टेस्ट सुविधा में सक्रिय रूप से इसे ठंडा किए गए और स्कम जेट इंजन के पूर्ण आकार वाले दहन कक्ष का सफलतापूक लंबे समय तक जमीनी परीक्षण किया। यह परीक्षण हाइपरसोनिक मिसाइलों के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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जनवरी 2025 में डीआरडीओ ने स्क्रैमजेट कंबस्टर का सफलतापूर्वक जमीनी परीक्षण किया, जिससे हाइपरसोनिक मिसाइलों में इसके परिचालन उपयोग की क्षमता का प्रदर्शन हुआ।

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  Sports

India vs New Zealand 1st ODI: पहले वनडे में भारत ने न्‍यूजीलैंड को 4 विकेट से हाराया

भारत और न्यूजीलैंड के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज का पहला मुकाबला भारत ने 4 विकेट से जीत लिया है। पहले बल्लेबाजी करते हुए न्यूजीलैंड ने भारत के सामने 301 रनों का लक्ष्य रखा था। Sun, 11 Jan 2026 21:34:01 +0530

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