डेब्यू फिल्म से जीता नेशनल अवॉर्ड, फिर फेमस डायरेक्टर से कर ली शादी, तलाक के बाद बन गई बिन ब्याही मां
हीरोइन इन दिनों अपनी फिल्म 'भय- द गौरव तिवारी मिस्ट्री' की वजह से चर्चा में हैं. दर्शक उन्हें 'मार्गरिटा विद अ स्ट्रॉ' जैसी फिल्मों के लिए याद करते हैं. उन्होंने जिस फिल्म से डेब्यू किया था, उसके लिए नेशनल अवॉर्ड जीता था. डायरेक्टर से तलाक के बाद एक बेटी की मां बनीं. वे अब सिंगल मदर बनकर जिंदगी गुजार रही हैं और सिंगल मदर के तौर पर महिलाओं के हक की बात करती हैं. क्या आपने उन्हें पहचाना?
सुवेंदु अधिकारी ने बंगाल CM को नोटिस भेजा:72 घंटे में जवाब मांगा; ममता ने कहा था- कोयला घोटाले का पैसा शाह तक सुवेंदु पहुंचाते हैं
पश्चिम बंगाल के नेता प्रतिपक्ष (LoP) सुवेंदु अधिकारी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को एक कानूनी नोटिस भेजा है। इसमें ममता से 72 घंटे के भीतर अपने दावों के सबूत मांगे हैं। अधिकारी ने कहा कि ऐसा न करने पर वे ममता के खिलाफ मानहानि का केस करेंगे। दरअसल, ममता ने आरोप लगाया है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और सुवेंदु अधिकारी कोयला तस्करी मामले में शामिल हैं। कोयला घोटाले का पैसा सुवेंदु के जरिए शाह तक जाता है। बंगाल की मुख्यमंत्री ने कोलकाता में 8 जनवरी को I-PAC कार्यालय में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की छापेमारी के विरोध में एक सभा को संबोधित करते हुए ये टिप्पणियां की थीं। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ईडी पर दो FIR भी दर्ज कराई है। उन्होंने कोलकाता में मार्च भी निकाला। इसी दौरान बनर्जी ने दावा किया कि उनके पास गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ पेन ड्राइव हैं। पढ़ें सुवेंदु अधिकारी की पोस्ट... आज, CM ममता बनर्जी ने ED की जांच से ध्यान भटकाने की कोशिश में, मेरे खिलाफ बिल्कुल निराधार मानहानिकारक आरोप लगाए और मुझे केंद्रीय गृह मंत्री के साथ कोयला घोटाले से जोड़ा। ये लापरवाह बयान, व्यक्तिगत अपमान से भरे हुए, बिना किसी सबूत के सार्वजनिक रूप से दिए गए। ऐसे निराधार दावों ने न केवल मेरी प्रतिष्ठा को धूमिल किया है, बल्कि सार्वजनिक चर्चा की गरिमा को भी कम किया है। आज मैंने उन्हें कानूनी नोटिस भेजा है जिसमें उनसे 72 घंटे के भीतर सभी सबूत प्रदान करने की मांग की है। अगर वे ऐसा करने में विफल रहती हैं, तो मैं मानहानि का केस करूंगा।" कलकत्ता हाईकोर्ट जज को बिना सुनवाई किए जाना पड़ा तृणमूल कांग्रेस ने ईडी की तलाशी के खिलाफ हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की थी। उससे पहले ईडी ने भी ममता बनर्जी के खिलाफ संवैधानिक पद का दुरुपयोग करते हुए जबरन अहम दस्तावेज ले जाने के आरोप में 28 पेज की याचिका दायर की थी। 9 जनवरी को दोपहर ढाई बजे से जस्टिस शुभ्रा घोष की बेंच में सुनवाई होनी थी। जज के पहुंचने से पहले ही कोर्ट रूम में भारी भीड़ जमा हो गई। जज ने कोर्ट रूम खाली करने के लिए पांच मिनट दिए और कहा कि जिन वकीलों का इस मामले से कोई संबंध नहीं है वे बाहर चले जाएं। इसके बाद वकील आपस में ही भिड़ गए और हंगामा होने लगा। धक्का-मुक्की भी शुरू हो गई। परेशान होकर जज ने सुनवाई 14 जनवरी तक टाल दी और बाहर निकल गईं। ममता ने रैली में और क्या-क्या कहा... ED की कोर्ट में दलील- कोयला तस्करी नेटवर्क के जरिए आई-पैक को ₹20 करोड़ दिए गए, अब सबूतों की हाईजैकिंग दैनिक भास्कर के एम रियाज हाशमी की रिपोर्ट के मुताबिक ईडी ने हाईकोर्ट में दी याचिका में दावा किया है कि बंगाल के कोयला तस्करी नेटवर्क ने 2017-2020 के बीच 2,742 करोड़ का नकद कोष बनाया, जिसमें से करीब 20 करोड़ हवाला के जरिए आई-पैक के गोवा स्थित चुनावी अभियानों तक पहुंचाए। ईडी के अनुसार, आई-पैक के दफ्तर व प्रतीक जैन के आवास पर तलाशी के दौरान फॉरेंसिक जांच चल रही थी, तभी सीएम ममता के पहुंचने के बाद जांच बाधित हुई। डिजिटल सबूत छीने गए। पंच गवाहों पर दबाव डाला गया। ईडी ने सीबीआई जांच व स्वतंत्र फॉरेंसिक जांच की मांग की।
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