Kal Ka Mausam: अगले 15 घंटे के अंदर 20 राज्यों में में बदलेगा मौसम, आंधी-बारिश की चेतावनी; आया IMD का अपडेट
कल का मौसम, 17 सितंबर: देशभर में मौसम का मिजाज एक बार फिर तेजी से बदलने वाला है. आसमान में बादलों का डेरा जमने लगा है और कई इलाकों में अचानक तेज हवाएं चलने लगी हैं. मौसम विज्ञान विभाग ने ताजा आकलन के बाद चेतावनी दी है कि अगले पंद्रह घंटों के दौरान देश के बीस राज्यों में जोरदार बारिश और भयंकर आंधी का दौर शुरू हो सकता है. इस दौरान हवाओं की रफ्तार अस्सी किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार दक्षिण पश्चिम राजस्थान के ऊपर कम दबाव का मजबूत क्षेत्र तैयार हो रहा है, जिसका सीधा असर उत्तर, मध्य और पूर्वी भारत के बड़े हिस्से पर पड़ेगा. वहीं पूर्वोत्तर में असम और उसके आसपास ऊपरी वायुमंडल में चक्रवाती हवाओं का घेरा बना हुआ है. इस दोहरे सिस्टम के कारण कई राज्यों में अचानक मौसम बिगड़ने की पूरी आशंका है.
मछुआरों को समुद्र से दूर रहने की सख्त हिदायत
खराब मौसम को देखते हुए मौसम विभाग ने तटीय इलाकों के लिए विशेष चेतावनी जारी की है. अगले चौबीस घंटों के दौरान मछुआरों को पूर्वोत्तर अरब सागर और समुद्री तटों पर न जाने की दो टूक सलाह दी गई है. बंगाल की खाड़ी के उत्तर पश्चिमी हिस्से में भी तूफानी हवाएं चलने का अनुमान जताया गया है, जिससे ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटीय जिलों में हालात बिगड़ सकते हैं. इसके साथ ही आम नागरिकों को भी सलाह दी गई है कि आंधी और बारिश के दौरान भूलकर भी बड़े पेड़ों के नीचे शरण न लें. तेज झोंकों के कारण पेड़ों की भारी डालियां टूटकर गिर सकती हैं, जिससे जानमाल का बड़ा नुकसान हो सकता है.
उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में ऐसा रहेगा हाल
देश की राजधानी दिल्ली में सत्रह सितंबर को बादल छाए रहेंगे और हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं. इस दौरान बीस से तीस किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी. दिल्ली में अधिकतम तापमान पैंतीस डिग्री और न्यूनतम तापमान चौबीस डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है. पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश के कई जिलों जैसे गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद, आगरा, बरेली, गोंडा, आजमगढ़, झांसी, प्रयागराज, गोरखपुर और बहराइच में आंधी के साथ बारिश का यलो अलर्ट है. राजधानी लखनऊ में पारा अधिकतम तैंतीस डिग्री और न्यूनतम छब्बीस डिग्री रह सकता है. वहीं राजस्थान के अजमेर, जैसलमेर, बाड़मेर, जोधपुर, भरतपुर, पाली, टोंक, अलवर, डूंगरपुर और डीडवाना में पचास से पचपन किलोमीटर प्रति घंटे के झोंकों के साथ मूसलाधार बारिश का अलर्ट है. जयपुर में तापमान चौंतीस से पच्चीस डिग्री के बीच रहने की संभावना है.
मध्य भारत में तूफानी हवाओं का जोर
मध्य प्रदेश में भी बादलों का जोरदार जमावड़ा देखने को मिलेगा. छिंदवाड़ा, उज्जैन, नर्मदापुरम, धार, हरदा, देवास, उमरिया, मंडला, सिवनी, बालाघाट, गुना और जबलपुर में तेज तूफानी बारिश का खतरा जताया गया है. इन जिलों में पचास से पचपन किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चल सकती हैं. भोपाल में पारा उनतीस डिग्री से तेईस डिग्री के आसपास बना रहेगा. छत्तीसगढ़ में भी हालात चुनौतीपूर्ण रहेंगे. रायपुर, दुर्ग, धमतरी, सूरजपुर, बस्तर, बेमेतरा, महासमुंद और बिलासपुर में पचहत्तर किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चलेंगी और भारी बारिश की पूरी संभावना है. रायपुर में अधिकतम तापमान बत्तीस और न्यूनतम पच्चीस डिग्री दर्ज हो सकता है.
पहाड़ी राज्यों में तेज झोंके बढ़ाएंगे परेशानी
पहाड़ों पर बारिश के साथ तेज अंधड़ का संकट खड़ा हो गया है. हिमाचल प्रदेश के शिमला, मनाली, चंबा, कुल्लू, मंडी, सोलन, किन्नौर, ऊना, लाहौल स्पीति और कांगड़ा में पचपन से साठ किलोमीटर प्रति घंटे की गति से आंधी चलने का अंदेशा है. मनाली में दिन का तापमान महज बारह डिग्री और रात का तापमान चार डिग्री तक लुढ़क सकता है. उधर उत्तराखंड के प्रयाग, हरिद्वार, ऋषिकेश, नैनीताल, अल्मोड़ा और चमोली में अस्सी किलोमीटर प्रति घंटे की भयावह रफ्तार से हवाएं चलने और तेज बारिश का अलर्ट है. देहरादून में अधिकतम तापमान अट्ठाईस और न्यूनतम बीस डिग्री रहने का अनुमान है. जम्मू कश्मीर के उधमपुर, राजौरी, किश्तवाड़, गांदरबल, बारामूला, जम्मू, पुंछ, अनंतनाग और रियासी में भी चालीस से पचास किलोमीटर की रफ्तार से आंधी चलने की चेतावनी है. श्रीनगर में तापमान इक्कीस से बारह डिग्री के बीच रहेगा.
Weather Systems, Forecast and Warnings :
— India Meteorological Department (@Indiametdept) September 16, 2026
Weather Systems, Forecast and Warnings
Conditions are becoming favourable for withdrawal of Southwest Monsoon from some parts of West Rajasthan around 19th September, 2026.
Yesterday’s Low-Pressure Area over southwest Rajasthan adjoining… pic.twitter.com/s1XVkt2jpb
इन राज्यों में भी भारी अलर्ट
पश्चिम बंगाल के नादिया, मुर्शिदाबाद, अलीपुरद्वार, बांकुड़ा, उत्तर चौबीस परगना, कोलकाता, जलपाईगुड़ी, हावड़ा, मालदा और दुर्गापुर में सत्तर से अस्सी किलोमीटर प्रति घंटे की हवाओं के साथ भारी बारिश का संकट है. कोलकाता में पारा तैंतीस से सत्ताईस डिग्री रहेगा. ओडिशा के पुरी, मयूरभंज, संबलपुर, भुवनेश्वर, नौपाड़ा और सुंदरगढ़ में सत्तर किलोमीटर की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है.
झारखंड के हजारीबाग, जमशेदपुर, देवघर, रांची, दुमका, धनबाद, बोकारो, रामगढ़, पूर्वी और पश्चिमी सिंहभूम तथा खूंटी में चालीस किलोमीटर की आंधी के साथ पानी बरसेगा. इसके अलावा पश्चिमी भारत में महाराष्ट्र के गढ़चिरौली, पालघर, नासिक, नंदुरबार, धुले और ठाणे में साठ किलोमीटर प्रति घंटे की हवा के साथ मूसलाधार बारिश का अलर्ट है. गुजरात के सबरकांठा, महिसागर, आणंद, दाहोद, पंचमहल और खेड़ा जिलों में भी तीस से चालीस किलोमीटर की आंधी चलने और जमकर बादल बरसने की संभावना जताई गई है.
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कौन हैं अनंत नाग, जिन्हें मिलेगा दादा साहेब फाल्के पुरस्कार, पीएम मोदी ने भी दी बधाई
भारतीय सिनेमा में अपने लंबे और शानदार योगदान के लिए दिग्गज अभिनेता अनंत नाग को दादा साहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा. सरकार ने उन्हें वर्ष 2024 के लिए इस प्रतिष्ठित सम्मान के लिए चुना है. पुरस्कार की घोषणा ऐसे समय हुई है जब अनंत नाग भारतीय सिनेमा में अपने पांच दशक से ज्यादा लंबे सफर को पूरा कर चुके हैं. उन्हें खास तौर पर कन्नड़ सिनेमा में अपने बहुआयामी अभिनय के लिए जाना जाता है. 22 सितंबर 2026 को गुजरात के एकता नगर (केवड़िया) में होने वाले 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में उन्हें यह सम्मान दिया जाएगा.
दादा साहेब फाल्के पुरस्कार क्या है?
दादा साहेब फाल्के पुरस्कार भारतीय सिनेमा के सबसे प्रतिष्ठित सम्मानों में शामिल है. यह पुरस्कार भारतीय सिनेमा में किसी कलाकार या फिल्म व्यक्तित्व के आजीवन और उल्लेखनीय योगदान को सम्मानित करने के लिए दिया जाता है.
दादा साहेब फाल्के को भारतीय सिनेमा का जनक माना जाता है. उन्होंने 1913 में भारत की पहली स्वदेशी फीचर फिल्म राजा हरिश्चंद्र बनाई थी. उनकी विरासत को सम्मान देने के लिए केंद्र सरकार यह पुरस्कार प्रदान करती है.
????THE DADASAHEB PHALKE AWARD 2024 GOES TO…
— PIB India (@PIB_India) September 16, 2026
Shri ANANT NAG
On the recommendation of the Dadasaheb Phalke Award Selection Committee, the Government of India is pleased to announce that the Actor will be conferred the prestigious Dadasaheb Phalke Award 2024 for his contribution… pic.twitter.com/3WKnWZDGs0
4 सितंबर 1948 को हुआ जन्म
अनंत नाग का जन्म 4 सितंबर 1948 को हुआ था. उनका पूरा नाम अनंत नागरकट्टे है. उनका शुरुआती जीवन कर्नाटक और आसपास के क्षेत्रों में बीता. बचपन के दौरान उन्होंने आनंदाश्रम और चित्रापुर मठ में भी समय बिताया. बाद में उन्होंने उडुपी, चित्रापुर, शिराली और होन्नावर में शिक्षा हासिल की और फिर मुंबई चले गए.
अभिनय की दुनिया में उनका सफर फिल्मों से पहले रंगमंच से शुरू हुआ. 18 वर्ष की उम्र में उन्हें एक नाटक में मुख्य भूमिका निभाने का अवसर मिला. इसके बाद उन्होंने कई नाटकों में अलग-अलग भूमिकाएं निभाईं. सरकारी जीवनी के मुताबिक, अगले करीब पांच वर्षों में उन्होंने 50 से अधिक नाटकों में विविध किरदार निभाए.
कन्नड़ सिनेमा के प्रमुख अभिनेताओं में बनाई पहचान
रंगमंच के अनुभव ने अनंत नाग को फिल्मों में मजबूत आधार दिया. उन्होंने कन्नड़ सिनेमा में कई तरह के किरदार निभाए और अपनी सहज अभिनय शैली के लिए पहचान बनाई.
उनका फिल्मी करियर सिर्फ कन्नड़ भाषा तक सीमित नहीं रहा. उन्होंने अलग-अलग भारतीय भाषाओं की फिल्मों में भी काम किया. उनकी अभिनय शैली की खासियत यह रही कि उन्होंने नायक के साथ-साथ चरित्र भूमिकाओं को भी प्रभावी ढंग से निभाया.
सरकारी रिकॉर्ड में उन्हें पांच दशक से अधिक समय से भारतीय सिनेमा में सक्रिय और बहुमुखी कन्नड़ फिल्म अभिनेता बताया गया है.
'मालगुडी डेज' ने घर-घर पहुंचाया
अनंत नाग को फिल्मों के अलावा टेलीविजन ने भी देशभर में लोकप्रिय बनाया. दूरदर्शन के चर्चित धारावाहिक 'मालगुडी डेज' से उन्हें हिंदी भाषी दर्शकों के बीच भी बड़ी पहचान मिली.
आर.के. नारायण की कहानियों पर आधारित इस सीरियल ने भारतीय टेलीविजन के इतिहास में खास जगह बनाई. अनंत नाग की मौजूदगी ने उन्हें उन दर्शकों तक भी पहुंचाया, जो कन्नड़ सिनेमा से परिचित नहीं थे.
'KGF' से नई पीढ़ी के बीच भी लोकप्रिय
अनंत नाग का करियर कई दशकों तक फैला हुआ है, लेकिन नई पीढ़ी के दर्शकों ने भी उन्हें बड़े पर्दे पर देखा है. उन्होंने कन्नड़ स्टार यश की चर्चित फिल्म 'KGF' और उसके दूसरे भाग 'KGF: Chapter 2' में भी अभिनय किया.
इससे उनकी लोकप्रियता का दायरा एक बार फिर युवा दर्शकों तक पहुंचा. यह भी उनकी लंबी फिल्मी यात्रा की खासियत है कि अलग-अलग दौर में उन्होंने अलग पीढ़ियों के दर्शकों के बीच अपनी पहचान बनाए रखी.
2025 में मिला पद्म भूषण
दादा साहेब फाल्के पुरस्कार से पहले भी अनंत नाग को देश के प्रतिष्ठित नागरिक सम्मानों में शामिल पद्म भूषण से सम्मानित किया जा चुका है. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मई 2025 में उन्हें कला के क्षेत्र में योगदान के लिए पद्म भूषण प्रदान किया था.
पद्म सम्मान के आधिकारिक विवरण में उनके पांच दशक से अधिक लंबे फिल्मी योगदान और बहुमुखी अभिनय का उल्लेख किया गया है.
राजनीति में भी सक्रिय रहे
अनंत नाग की पहचान सिर्फ अभिनेता के तौर पर नहीं है. उन्होंने सार्वजनिक जीवन और राजनीति में भी भूमिका निभाई है. यही वजह है कि उनकी सार्वजनिक पहचान सिनेमा के साथ-साथ सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र से भी जुड़ी रही है.
हालांकि, उनकी सबसे बड़ी पहचान भारतीय सिनेमा और खास तौर पर कन्नड़ फिल्म जगत में उनके अभिनय योगदान की रही है.
Congratulations to the legendary Anant Nag Ji on being conferred the Dadasaheb Phalke Award.
— Narendra Modi (@narendramodi) September 16, 2026
For several decades, his effortless performances, remarkable versatility and brilliance have left a very strong mark on Indian cinema, particularly Kannada cinema. In whichever role he…
पीएम मोदी ने दी बधाई
अनंत नाग को दादा साहेब फाल्के पुरस्कार दिए जाने की घोषणा के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उन्हें बधाई दी. पीएम मोदी ने उनके दशकों लंबे फिल्मी सफर और खास तौर पर कन्नड़ सिनेमा में योगदान की सराहना की.
प्रधानमंत्री ने उनके अभिनय में विविधता और किरदारों में गहराई का उल्लेख करते हुए इस सम्मान को उनके लंबे योगदान की पहचान बताया.
क्यों खास है अनंत नाग का यह सम्मान?
अनंत नाग को दादा साहेब फाल्के पुरस्कार मिलना कन्नड़ सिनेमा के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. उन्होंने क्षेत्रीय सिनेमा में काम करते हुए भारतीय फिल्म जगत में अपनी अलग पहचान बनाई और कई पीढ़ियों के दर्शकों तक पहुंचे.
रंगमंच से शुरुआत, कन्नड़ फिल्मों में लंबी पारी, टेलीविजन के जरिए देशभर में पहचान और बाद के दौर में KGF जैसी फिल्मों में काम अनंत नाग का करियर भारतीय सिनेमा के बदलते दौर की कहानी भी कहता है.
अब 22 सितंबर 2026 को जब उन्हें दादा साहेब फाल्के पुरस्कार प्रदान किया जाएगा, तो यह उनके पांच दशक से ज्यादा लंबे अभिनय सफर में एक और महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ जाएगा.
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