AI का ऐसा डर कि Google DeepMind के रिसर्चर ने छोड़ दी नौकरी, जानें क्या है वजह
AI की बढ़ती ताकत के बीच इसकी सुरक्षा को लेकर बहस भी तेज हो गई है। Google DeepMind के पूर्व रिसर्चर बिलाल चुगताई ने नौकरी छोड़ते हुए AI के भविष्य पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि तकनीक तेजी से आगे बढ़ रही है, लेकिन उसकी सुरक्षा और नियंत्रण को लेकर शोध उतनी तेजी से आगे नहीं बढ़ रहा
दुनिया की चिप चेन में भारत की बड़ी एंट्री, Pax Silica से सेमीकॉन इंडिया तक-अब चिप की पूरी कहानी बदलने की तैयारी
दुनिया में सेमीकंडक्टर यानी चिप को लेकर बड़ी होड़ चल रही है. वजह साफ है आज मोबाइल से लेकर कार, अस्पताल के उपकरण, रक्षा तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तक, लगभग हर आधुनिक तकनीक चिप पर निर्भर है. इसी बीच भारत Pax Silica गठबंधन का हिस्सा बना है. इसमें अमेरिका और उसके दूसरे साझेदार देश शामिल हैं. इसका मकसद दुनिया में चिप और उससे जुड़ी पूरी सप्लाई चेन को सुरक्षित बनाना है.
यानी बात सिर्फ चिप बनाने की नहीं है. जरूरी खनिज कहां से आएंगे, चिप का डिजाइन और निर्माण कैसे होगा, AI के लिए जरूरी तकनीक और उसे चलाने वाला ढांचा कैसे तैयार होगा.इन सभी कड़ियों को मजबूत करने की कोशिश है. इसका एक बड़ा उद्देश्य यह भी है कि चिप और दूसरी अहम तकनीकों की सप्लाई कुछ गिने-चुने देशों या कंपनियों तक सीमित न रहे. किसी देश को आर्थिक दबाव बनाने के लिए इन सप्लाई चेन का इस्तेमाल न करने दिया जाए. भारत के लिए Pax Silica में शामिल होना इसलिए भी अहम है, क्योंकि इससे साफ है कि भारत की सेमीकंडक्टर की तैयारी अब सिर्फ देश में चिप बनाने तक सीमित नहीं है.
भारत वैश्विक चिप सप्लाई चेन में भी अपनी भूमिका बढ़ाना चाहता है. और इसी सोच की अगली बड़ी तस्वीर SEMICON India 2026 में दिखाई देगी. दिल्ली के यशोभूमि में होने वाले इस तीन दिवसीय आयोजन में 600 से ज्यादा प्रदर्शक और 300 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय कंपनियां शामिल होंगी. करीब 15 हजार वर्ग मीटर क्षेत्र में चिप और सेमीकंडक्टर से जुड़ी तकनीक दिखाई जाएगी. 150 से ज्यादा बड़े विशेषज्ञ भी अपने अनुभव साझा करेंगे.
छह देशों और 12 राज्यों के पवेलियन होंगे. स्टार्टअप, छात्रों के हैकाथॉन, तकनीकी कर्मचारियों की ट्रेनिंग और महिला प्रतिभाओं से जुड़े कार्यक्रम भी होंगे. दरअसल, एक चिप तैयार करने में सालों की मेहनत और उसे बनाने में कई महीने लग सकते हैं. लेकिन आज वही छोटी सी चिप हमारी पूरी जिंदगी का हिस्सा बन चुकी है. मोबाइल हो, कार हो, अस्पताल का आधुनिक उपकरण हो या AI हर जगह चिप की जरूरत है. और अब भारत का संदेश साफ है दुनिया सिर्फ चिप खरीदे नहीं, भारत भी चिप की इस पूरी कहानी में बड़ी भूमिका निभाए. इसकी शुरुआत अब हो चुकी है.
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