IND vs AFG: तीसरे टी20 में भी पानी पिलाते रहेंगे वैभव सूर्यवंशी? कप्तान श्रेयस अय्यर ने बताया प्लेइंग XI का प्लान
भारत और अफगानिस्तान के बीच तीन टी20 मैचों की सीरीज का आखिरी मुकाबला 17 सितंबर को खेला जाएगा. टीम इंडिया पहले दो मैच जीतकर सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बना चुकी है. ऐसे में तीसरे मैच में कप्तान श्रेयस अय्यर ने हिंट दिया है कि वह प्लेइंग इलेवन में बदलाव कर सकते हैं. ऐसे में हो सकता है कि वैभव सूर्यवंशी को खेलने का भी मौका मिले.
Calcium Rich Foods: दूध के अलावा इन 5 चीजों में भी है भरपूर कैल्शियम, बढ़ती उम्र में हड्डियों को रखेंगी मजबूत
Calcium Rich Foods: बढ़ती उम्र के साथ हड्डियों की मजबूती और मांसपेशियों की सेहत का ध्यान रखना बेहद जरूरी हो जाता है। कैल्शियम शरीर के लिए एक महत्वपूर्ण मिनरल है, जो हड्डियों और दांतों को मजबूत बनाए रखने के साथ मांसपेशियों के सामान्य कामकाज में भी भूमिका निभाता है। आमतौर पर कैल्शियम की जरूरत पूरी करने के लिए दूध और डेयरी प्रोडक्ट्स का नाम सबसे पहले आता है, लेकिन कई ऐसे खाद्य पदार्थ भी हैं जो कैल्शियम की अच्छी मात्रा प्रदान करते हैं।
अगर आप दूध कम पीते हैं या अपनी डाइट में कैल्शियम के दूसरे स्रोत शामिल करना चाहते हैं, तो कुछ पौधों पर आधारित खाद्य पदार्थ उपयोगी विकल्प हो सकते हैं। हालांकि, सिर्फ कैल्शियम का सेवन ही पर्याप्त नहीं है। शरीर में इसके बेहतर इस्तेमाल के लिए विटामिन डी, संतुलित खानपान और नियमित शारीरिक गतिविधि पर भी ध्यान देना जरूरी है।
दूध के अलावा कैल्शियम से भरपूर 5 चीजें
रागी
रागी कैल्शियम से भरपूर अनाजों में शामिल है। इसमें प्रोटीन और फाइबर भी मिलता है। इसे रोटी, दलिया या रागी डोसा के रूप में डाइट में शामिल किया जा सकता है। रागी के 100 ग्राम आटे में लगभग 344 मिलीग्राम कैल्शियम हो सकता है।
तिल
सफेद या काले तिल कैल्शियम का अच्छा स्रोत हैं। इन्हें तिल की चटनी, सब्जी, सलाद या सीमित मात्रा में लड्डू के रूप में खाया जा सकता है। तिल में कैल्शियम की मात्रा अधिक होती है, लेकिन सामान्य सेवन की मात्रा छोटी होती है, इसलिए इसे पूरी डाइट का हिस्सा बनाना चाहिए।
टोफू
दूध से बने खाद्य पदार्थों का विकल्प तलाशने वालों के लिए कैल्शियम-सेट टोफू उपयोगी हो सकता है। इसमें प्रोटीन के साथ कैल्शियम भी मिलता है। टोफू खरीदते समय पैकेट पर कैल्शियम की मात्रा और पोषण संबंधी जानकारी जरूर देखें, क्योंकि हर टोफू में कैल्शियम की मात्रा समान नहीं होती।
हरी पत्तेदार सब्जियां
सहजन के पत्ते, चौलाई और कुछ अन्य हरी पत्तेदार सब्जियां कैल्शियम प्रदान करती हैं। इन्हें दाल, सब्जी या साग के रूप में खाया जा सकता है। ध्यान रखें कि पालक में मौजूद ऑक्सलेट कैल्शियम के अवशोषण को कम कर सकता है, इसलिए केवल पालक पर कैल्शियम की जरूरत पूरी करने के लिए निर्भर न रहें।
बादाम
बादाम में कैल्शियम, मैग्नीशियम, प्रोटीन और हेल्दी फैट्स पाए जाते हैं। थोड़ी मात्रा में बादाम को नाश्ते या स्नैक के रूप में शामिल किया जा सकता है। हालांकि, इसमें कैल्शियम की मात्रा तिल या कैल्शियम-सेट टोफू की तुलना में अलग होती है, इसलिए इसे संतुलित डाइट के साथ लें।
बढ़ती उम्र में कैल्शियम क्यों जरूरी है?
उम्र बढ़ने के साथ हड्डियों की मजबूती बनाए रखना महत्वपूर्ण हो जाता है। कैल्शियम हड्डियों और दांतों की संरचना में अहम भूमिका निभाता है, जबकि मांसपेशियों और तंत्रिका तंत्र के सामान्य कामकाज में भी इसकी जरूरत होती है। कैल्शियम के साथ पर्याप्त विटामिन डी, प्रोटीन और वजन सहने वाली शारीरिक गतिविधियां हड्डियों की सेहत के लिए महत्वपूर्ण हैं।
(Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई सामग्री सिर्फ जानकारी के लिए है। हरिभूमि इनकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी सलाह या सुझाव को अमल में लेने से पहले किसी विशेषज्ञ/डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।)
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लेखक: (कीर्ति)
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