बॉलीवुड अभिनेता फरहान अख्तर आज यानी की 09 जनवरी को अपना 52वां जन्मदिन मना रहे हैं। फरहान बॉलीवुड के उन कलाकारों में से एक हैं, जो फिल्मों को रियल बनाने के लिए वह किसी भी हद तक जा सकते हैं। फरहान एक लेखक, डायरेक्टर, प्रोड्यूसर और सिंगर भी हैं। हालांकि फिल्म को लेकर कभी उनको अपने पिता की नाराजगी सहनी पड़ी, तो कभी उनको फिल्म में एक्टर को लेने के लिए कई महीनों तक इंतजार करना पड़ा। तो आइए जानते हैं उनके जन्मदिन के मौके पर फरहान अख्तर के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में...
जन्म और परिवार
मुंबई में 09 जनवरी 1974 को फरहान अख्तर का जन्म हुआ था। इनके पिता मशहूर लिरिसिस्ट और गीतकार जावेद अख्तर हैं और मां का नाम हनी ईरानी है। जब फरहान काफी छोटे थे, तो उनके माता-पिता का तलाक हो गया था। अपनी लॉ की डिग्री पूरी करने के बाद फरहान ने फिल्म इंडस्ट्री में पैठ बनाने का प्रयास शुरूकर दिया।
फिल्मी करियर
परिवार में फिल्मी माहौल देखते हुए बड़े हुए फरहान अख्तर ने भी यह राह पकड़ी। साल 2001 में फरहान ने 'दिल चाहता है' फिल्म बनाई। इस फिल्म को डायरेक्ट करने के साथ ही खुद भी लीड रोल निभाया। यह फिल्म सफल रही और एक कल्ट बन गई। फिर साल 2004 में उन्होंने 'लक्ष्य' फिल्म को डायरेक्ट किया, इस फिल्म में ऋतिक रोशन ने काम किया था और यह फिल्म भी सुपरहिट रही। इसके बाद फरहान अख्तर की इमेज एक सफल डायरेक्टर और एक्टर के रूप में बनी।
नेशनल अवॉर्ड
इसके अलावा फरहान अवॉर्ड किंग हैं और अब तक वह 52 से अधिक खिताब अपने नाम कर चुके हैं। पहली फिल्म के लिए उन्होंने नेशनल अवॉर्ड जीता था। वहीं अब तक वह कई फिल्म फेयर बतौर अभिनेता और डायरेक्टर जीत चुके हैं। इसके अलावा फिल्म 'मिल्खा सिंह' जैसी शानदार कहानियों के लिए फरहान के अभिनय समर्पण को भी लोग सलाम करते हैं। इसके अलावा वह एक शानदार प्रोड्यूसर हैं, जो दर्जनों कहानियां ऐसी कह चुके हैं, जिनको लोगों द्वारा काफी पसंद किया है।
पर्सनल लाइफ
फरहान अख्तर ने 26 साल पहले यानी की साल 2000 में अधुना भवानी से शादी की। फरहान अधुना से डायरेक्टरल डेब्यू फिल्म के दौरान मिले थे। इस दौरान दोनों को प्यार हो गया और उन्होंने शादी कर ली। लेकिन साल 2016 में फरहान और अधुना ने तलाक ले लिया। इसके बाद फरहान अख्तर ने शिबानी दांडेकर से शादी कर ली।
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जना नायकन (Jana Nayagan ) सेंसर सर्टिफिकेट विवाद पर आखिरी फैसला आ गया है। थलपति विजय की फिल्म, जो 9 जनवरी को रिलीज़ होने वाली थी, उसे सेंट्रल बोर्ड ऑफ़ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) से क्लियरेंस सर्टिफिकेट न मिलने के बाद रोक दिया गया था। मद्रास हाई कोर्ट ने अब जना नायकन के मेकर्स द्वारा दायर याचिका पर अपना फैसला सुनाया है, जिन्होंने फिल्म के लिए CBFC सर्टिफिकेट जारी होने में देरी को लेकर कोर्ट का रुख किया था।
जना नायकन: फैसला
कोर्ट ने कहा कि चूंकि संबंधित आदेश अधिकार क्षेत्र से बाहर था, इसलिए वह राहत में बदलाव करने के लिए अपनी अंतर्निहित शक्तियों का इस्तेमाल कर सकता है।
अपने फैसले में, कोर्ट ने सेंट्रल बोर्ड ऑफ़ फिल्म सर्टिफिकेशन के चेयरपर्सन द्वारा जारी उस लेटर को रद्द कर दिया, जिसने जना नायकन को एक रिव्यू कमेटी के पास भेजा था। कोर्ट ने CBFC को तुरंत सर्टिफिकेट जारी करने का निर्देश दिया। याचिका को स्वीकार करते हुए, कोर्ट ने आदेश दिया कि तुरंत "UA" सर्टिफिकेट दिया जाए।
जना नायकन: कोर्ट की टाइमलाइन
मामले की सुनवाई करते हुए, कोर्ट ने कहा कि रिकॉर्ड पर रखे गए सबूतों की जांच करने के बाद, यह बिल्कुल साफ था कि शिकायतकर्ता की शिकायत बाद में सोची-समझी लग रही थी। कोर्ट ने यह भी कहा कि ऐसी शिकायतों पर ध्यान देने से एक खतरनाक चलन शुरू होगा, जिससे बचना चाहिए। अपनी टिप्पणियों में, कोर्ट ने आगे कहा कि 6 जनवरी को अपलोड किया गया चेयरपर्सन का लेटर अधिकार क्षेत्र से बाहर था।
प्रमुख जानकारी:
निर्देशक: एच. विनोथ (H. Vinoth)।
कलाकार: विजय, पूजा हेगड़े, बॉबी देओल (खलनायक की भूमिका में), ममिता बैजू, गौतम वासुदेव मेनन और प्रकाश राज।
शैली: यह एक पॉलिटिकल एक्शन थ्रिलर फिल्म है।
संगीत: अनिरुद्ध रविचंदर द्वारा रचित।
कहानी: फिल्म एक जांबाज पुलिस अधिकारी (विजय) के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अन्याय के खिलाफ लड़ता है। रिपोर्ट्स के अनुसार, यह 2023 की तेलुगु फिल्म 'भगवंत केसरी' की आधिकारिक रीमेक है।
महत्व: इस फिल्म को "लोकतंत्र के मशाल वाहक" (Torchbearer of Democracy) के रूप में प्रचारित किया गया है, जो विजय के फिल्मी सफर के अंत और उनके राजनीतिक भविष्य की शुरुआत का प्रतीक मानी जा रही है।
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