खबर हटके- ग्रीस में सूअरों के साथ तैरने का ट्रेंड:चीन के लिए जासूसी करेगी ‘मछली’; कबाड़ से बना दी टेस्ला की साइबरट्रक
ग्रीस के अटोकॉस आईलैंड पर लोग सूअरों के साथ तैरने पहुंच रहे हैं। वहीं, चीन ने पानी के अंदर जासूसी के लिए रोबोटिक मछली बनाई है। उधर, नाइजीरिया में एक शख्स ने कबाड़ से टेस्ला की साइबरट्रक जैसी दिखने वाली कार बना दी। अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को में गुस्सा निकालने के लिए 100 से ज्यादा लोग समुद्र किनारे एक साथ चीखे। वहीं, चीन में बच्चे ऐसे स्नैक खा रहे हैं, जो किताब और कॉपी जैसा दिखता है। बच्चे इसे ‘होमवर्क’ कहते हैं। आज खबर हटके में जानेंगे ऐसी ही 5 रोचक खबरें… तो ये थी आज की रोचक खबरें, कल फिर मिलेंगे कुछ और दिलचस्प और हटकर खबरों के साथ… खबर हटके को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें…
पत्रकार Satyam Varma की जमानत याचिका पर Allahabad High Court में सुनवाई टली
इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने नोएडा में अप्रैल, 2026 में कामगारों के प्रदर्शन के संबंध में पत्रकार सत्यम वर्मा के खिलाफ दर्ज 11 आपराधिक मामलों में से एक मामले में जमानत याचिका पर सुनवाई मंगलवार को टाल दी। राज्य सरकार के वकील द्वारा समानता के आधार पर जमानत देने की दलील पर आपत्ति दाखिल करने के लिए समय मांगा गया जिस पर न्यायमूर्ति कृष्ण पहल ने सुनवाई 23 सितंबर तक के लिए टाल दी। याचिकाकर्ता के वकील ने दलील दी कि वर्मा को समानता के आधार पर जमानत दी जानी चाहिए क्योंकि सह आरोपी को इसी मामले में 23 जून को जमानत प्रदान की गई थी।
हालांकि, सत्यम वर्मा को भले ही मौजूदा मामले में जमानत मिल जाए, उनके जेल से बाहर आने की संभावना नहीं है क्योंकि वह अन्य आपराधिक मामलों के संबंध में जेल में रहेंगे। उन्हें अलग से राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत भी हिरासत में लिया गया है। उल्लेखनीय है कि 23 जून को उच्च न्यायालय ने सह आरोपी शिव कुमार उर्फ शिवा को इसी मामले में जमानत प्रदान की थी।
अपने आदेश में अदालत ने कहा था कि शिव कुमार उस प्राथमिकी में नामजद नहीं था और प्राथमिकी एक भीड़ के खिलाफ दर्ज की गई थी। मजदूर बिगुल दस्ता के संपादक वर्मा को लखनऊ में 17 अप्रैल को गिरफ्तार किया गया था। बाद में 13 मई को विद्यार्थी कार्यकर्ता आकृति चौधरी के साथ ही उन पर भी अलग से राष्ट्रीय सुरक्षा कानून लगाया गया।
हालांकि, दो सितंबर को इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा आकृति चौधरी की रासुका के तहत हिरासत रद्द कर दी गई और अदालत ने नोएडा की जिला मजिस्ट्रेट मेधा रूपम के खिलाफ सख्त टिप्पणी भी की थी। उत्तर प्रदेश पुलिस का आरोप है कि वर्मा ने कामगारों के विरोध प्रदर्शन के दौरान हिंसा, आगजनी और अशांति फैलाने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और विभिन्न इलाकों में लोगों को कथित तौर पर भड़का कर कानून-व्यवस्था की स्थिति खराब की। मीडिया में आयी खबरों के मुताबिक, 13 अप्रैल को कुछ स्थानों पर वाहनों को जलाने और पथराव सहित कई घटनाएं हुई थीं जिसके बाद पुलिस ने कामगारों पर लाठीचार्ज किया और सैकड़ों कामगारों एवं सात कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया था।
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