Responsive Scrollable Menu

पत्रकार Satyam Varma की जमानत याचिका पर Allahabad High Court में सुनवाई टली

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने नोएडा में अप्रैल, 2026 में कामगारों के प्रदर्शन के संबंध में पत्रकार सत्यम वर्मा के खिलाफ दर्ज 11 आपराधिक मामलों में से एक मामले में जमानत याचिका पर सुनवाई मंगलवार को टाल दी। राज्य सरकार के वकील द्वारा समानता के आधार पर जमानत देने की दलील पर आपत्ति दाखिल करने के लिए समय मांगा गया जिस पर न्यायमूर्ति कृष्ण पहल ने सुनवाई 23 सितंबर तक के लिए टाल दी। याचिकाकर्ता के वकील ने दलील दी कि वर्मा को समानता के आधार पर जमानत दी जानी चाहिए क्योंकि सह आरोपी को इसी मामले में 23 जून को जमानत प्रदान की गई थी।

हालांकि, सत्यम वर्मा को भले ही मौजूदा मामले में जमानत मिल जाए, उनके जेल से बाहर आने की संभावना नहीं है क्योंकि वह अन्य आपराधिक मामलों के संबंध में जेल में रहेंगे। उन्हें अलग से राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत भी हिरासत में लिया गया है। उल्लेखनीय है कि 23 जून को उच्च न्यायालय ने सह आरोपी शिव कुमार उर्फ शिवा को इसी मामले में जमानत प्रदान की थी।

अपने आदेश में अदालत ने कहा था कि शिव कुमार उस प्राथमिकी में नामजद नहीं था और प्राथमिकी एक भीड़ के खिलाफ दर्ज की गई थी। मजदूर बिगुल दस्ता के संपादक वर्मा को लखनऊ में 17 अप्रैल को गिरफ्तार किया गया था। बाद में 13 मई को विद्यार्थी कार्यकर्ता आकृति चौधरी के साथ ही उन पर भी अलग से राष्ट्रीय सुरक्षा कानून लगाया गया।

हालांकि, दो सितंबर को इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा आकृति चौधरी की रासुका के तहत हिरासत रद्द कर दी गई और अदालत ने नोएडा की जिला मजिस्ट्रेट मेधा रूपम के खिलाफ सख्त टिप्पणी भी की थी। उत्तर प्रदेश पुलिस का आरोप है कि वर्मा ने कामगारों के विरोध प्रदर्शन के दौरान हिंसा, आगजनी और अशांति फैलाने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और विभिन्न इलाकों में लोगों को कथित तौर पर भड़का कर कानून-व्यवस्था की स्थिति खराब की। मीडिया में आयी खबरों के मुताबिक, 13 अप्रैल को कुछ स्थानों पर वाहनों को जलाने और पथराव सहित कई घटनाएं हुई थीं जिसके बाद पुलिस ने कामगारों पर लाठीचार्ज किया और सैकड़ों कामगारों एवं सात कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया था।

Continue reading on the app

UCC पर JDU बीजेपी के इशारे पर कर रही काम: Tejashwi Yadav

बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता एवं राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने मंगलवार को आरोप लगाया कि बिहार में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने के सवाल पर स्पष्ट रुख अपनाने से हिचकिचाकर जनता दल यूनाइटेड (जदयू) ‘‘भाजपा के इशारे पर काम’’ कर रही है। पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जदयू की मौजूदा स्थिति के लिए यादव ने उसके राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा को जिम्मेदार ठहराया। पूर्व उपमुख्यमंत्री यादव ने पत्रकारों से कहा, “संजय झा ने जदयू को बर्बाद कर दिया है।

वह भाजपा की इच्छा के अनुसार पार्टी चला रहे हैं। अब जदयू केवल भाजपा के इशारे पर काम करती है। इस मामले में भी वही हुआ है।” तेजस्वी यादव केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के उस हालिया बयान पर पूछे गए सवाल का जवाब दे रहे थे, जिसमें शाह ने कहा था कि “2029 तक राजग शासित 22 राज्यों में यूसीसी लागू की जाएगी।” करीब एक दशक पहले भाजपा छोड़कर जदयू में शामिल हुए संजय झा ने कहा है कि वह इस मुद्दे पर अमित शाह से चर्चा करेंगे, जबकि बिहार में पार्टी के नेता अलग-अलग राय रखते नजर आ रहे हैं।

उपमुख्यमंत्री एवं जदयू के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी ने कहा है कि पार्टी यूसीसी विधेयक के प्रावधानों का अध्ययन करेगी और यदि उसमें कोई आपत्तिजनक बात नहीं होगी तो “सिर्फ विरोध के लिए विरोध नहीं करेगी।” वहीं, जदयू के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव श्याम रजक ने कहा था कि संसद में यूसीसी विधेयक लाए जाने के समय नीतीश कुमार ने केंद्र से कहा था कि विधेयक का समर्थन करने के बावजूद जदयू बिहार में इसे लागू किए जाने का विरोध करेगी। यूसीसी का लगातार विरोध करते रहे तेजस्वी यादव ने दोहराया, “हम इस तरह के कानून के विरोध में रहे हैं और हर स्तर पर इसका विरोध करते रहेंगे।” बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन करने के लिए केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के बुधवार को बिहार दौरे के संबंध में पूछे जाने पर यादव ने राज्य सरकार पर तंज कसा। उन्होंने कहा, “क्या केंद्र को बिहार की भाजपा नीत सरकार पर भरोसा नहीं है?

जाहिर है कि उन्हें मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के आकलन पर विश्वास नहीं है। जो भी हो, भाजपा नीत राजग के पास बिहार के लिए कोई मॉडल नहीं है।

Continue reading on the app

  Sports

Hardik Pandya अभी 10 ओवर नहीं फेंक सकते: Gautam Gambhir ने Team India में वापसी पर दिया बड़ा बयान

गुरुवार को अफ़गानिस्तान के ख़िलाफ़ T20I सीरीज़ में 3-0 से क्लीन स्वीप करने के बाद, भारत के हेड कोच गौतम गंभीर ने नीतीश कुमार रेड्डी के सीम-बॉलिंग ऑलराउंडर के तौर पर विकास का समर्थन किया और कहा कि हार्दिक पांड्या को इंटरनेशनल क्रिकेट में वापसी से पहले मैच खेलने की ज़रूरत होगी। भारत ने नई दिल्ली में खेले गए तीसरे और आखिरी मैच में 127 रनों की शानदार जीत के साथ अफ़गानिस्तान के ख़िलाफ़ T20I सीरीज़ में 3-0 से क्लीन स्वीप किया।

इसे भी पढ़ें: Asian Games में भारतीय गेंदबाजों का कहर, Japan की टीम 57 रन पर ढेर

अभिषेक शर्मा ने 34 गेंदों पर रिकॉर्ड-तोड़ 108 रन बनाए, जिससे भारत ने 221/7 का स्कोर खड़ा किया। इसके बाद रवि बिश्नोई और रेड्डी ने तीन-तीन विकेट लेकर अफ़गानिस्तान को 94 रन पर ऑलआउट कर दिया। यह T20I में अफ़गानिस्तान की सबसे बड़ी हार थी और इस फ़ॉर्मेट में भारत के ख़िलाफ़ उनका सबसे कम स्कोर भी। मैच के बाद हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में गंभीर ने कहा कि T20 फ़ॉर्मेट से नीतीश के हटने से उन्हें वेस्टइंडीज़ के ख़िलाफ़ ज़्यादा खेलने का मौका मिलेगा। उन्होंने 2027 के वनडे वर्ल्ड कप और भारत के साउथ अफ़्रीका दौरे से पहले सीम-बॉलिंग ऑलराउंडर तैयार करने की अहमियत पर ज़ोर दिया।

वहीं, रेड्डी को पहले एशियन गेम्स के लिए 15 सदस्यों वाली क्रिकेट टीम में शामिल किया गया था, लेकिन अब उन्हें हटा दिया गया है और उनकी जगह वे वेस्टइंडीज़ के ख़िलाफ़ भारत की वनडे सीरीज़ में खेलेंगे। मैच के बाद हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में गंभीर ने कहा कि नीतीश के नज़रिए से यह बहुत अच्छी बात है कि उन्हें T20 फ़ॉर्मेट से हटा दिया गया है और उन्हें वेस्टइंडीज़ के ख़िलाफ़ भी खेलने का मौका मिलेगा। हम जानते हैं कि एक साल बाद और जब हम साउथ अफ़्रीका जाएंगे, तो एक सीम-बॉलिंग ऑल-राउंडर कितना अहम होगा। और जब हार्दिक वापस आएंगे, तो ज़ाहिर है कि यह अच्छा ही होगा।"

इसे भी पढ़ें: अफ़गानिस्तान सीरीज़ में Vaibhav Sooryavanshi को क्यों नहीं मिला मौका? कोच Gautam Gambhir ने Sanju Samson को लेकर किया बड़ा खुलासा

उन्होंने आगे कहा कि भारत शायद नीतीश और हार्दिक दोनों को एक ही प्लेइंग XI में खिला सकता है, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि पांड्या अभी 10 ओवर नहीं डाल सकते और IPL के बाद से उन्होंने ज़्यादा क्रिकेट नहीं खेला है। गंभीर ने कहा कि कभी-कभी हम उन दोनों को प्लेइंग 11 में खिला सकते हैं। लेकिन अभी हार्दिक 10 ओवर नहीं डाल सकते और IPL के बाद से उन्होंने ज़्यादा क्रिकेट नहीं खेला है, इसलिए हम उन्हें इंटरनेशनल क्रिकेट में जल्दी नहीं उतारना चाहते क्योंकि इंटरनेशनल क्रिकेट शरीर के लिए बहुत मुश्किल हो सकता है। इसलिए अगर वह इंडिया A सीरीज़ खेलते हैं, तो ज़ाहिर है कि उन्हें खेलने का मौका भी मिलेगा।

Fri, 18 Sep 2026 15:07:00 +0530

  Videos
See all

Kishore Ajwani: UP के Mirzapur में विधायक की कार अंडरपास में फंसी| Trending News| Ratnakar Mishra #tmktech #vivo #v29pro
2026-09-18T09:44:47+00:00

Haridwar में चाय की दुकान में फंदे से लटका मिला Nithari कांड के Surinder Koli का शव | Surendra Koli #tmktech #vivo #v29pro
2026-09-18T09:44:25+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers