VIDEO: ‘सेवा संकल्प अभियान’ पर भड़के पूर्व CM दिग्विजय सिंह, सरकार पर लगाए कई आरोप
Former CM Digvijaya Singh: इंदौर में 19 सितंबर को होने वाले राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस ने शिक्षा, रोजगार और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया है. पूर्व CM दिग्विजय सिंह ने कहा कि छात्र अच्छी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, रोजगार तथा भर्ती परीक्षाओं में निष्पक्षता चाहते हैं.
पार्टी ने आरोप लगाया कि बेरोजगारी और प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर युवाओं में असंतोष है. इसी दौरान कांग्रेस ने NEET और सरकारी भर्तियों को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए और इनकी तुलना व्यापम से की. बयान में बीजेपी शासित राज्यों और केंद्र सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए गए. वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर शुरू किए जा रहे ‘सेवा संकल्प अभियान’ को लेकर भी कांग्रेस ने सवाल उठाते हुए पूछा कि सरकार इतने वर्षों से सत्ता में रहते हुए अब सेवा अभियान क्यों चला रही है.
ममता बनर्जी के गुट को मिला 'फुटबॉल खिलाड़ी' सिंबल, जानें अब किस नाम से जानी जाएगी पार्टी
भारत निर्वाचन आयोग ने ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस के भीतर चल रहे आंतरिक विवाद पर एक अत्यंत महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है. संविधान के अनुच्छेद 324 के तहत मिली शक्तियों का प्रयोग करते हुए आयोग ने पार्टी के मूल नाम और उसके पारंपरिक चुनाव चिह्न "फूल और घास" के इस्तेमाल पर रोक लगा दी है.
दोनों गुटों को मिले नए नाम और चुनाव चिह्न
विवाद को ध्यान में रखते हुए आयोग ने दोनों पक्षों द्वारा दिए गए विकल्पों के आधार पर नए नाम और चुनाव चिह्न आवंटित किए हैं. अरूप रॉय की अगुवाई वाले गुट को "डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस" नाम दिया गया है और उनका चुनाव चिह्न "लिफाफा" तय किया गया है. दूसरी ओर, ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट को "ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस" के रूप में मान्यता दी गई है और उन्हें "फुटबॉल खिलाड़ी" चुनाव चिह्न आवंटित किया गया है. ये दोनों दल पश्चिम बंगाल, मेघालय और त्रिपुरा में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के रूप में कार्य करेंगे.
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रिटर्निंग अधिकारियों को सख्त निर्देश
चुनाव आयोग के सचिव अश्वनी कुमार मोहाल द्वारा जारी इस आदेश में चुनावी अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए गए हैं. आयोग ने पश्चिम बंगाल की 70-रेजीनगर व 210-नंदीग्राम विधानसभा सीटों और असम की 9-नगांव लोकसभा सीट के रिटर्निंग अफसरों को इस फैसले का पालन करने के लिए कहा है. इसके साथ ही स्पष्ट किया गया है कि नामांकन पत्रों की जांच (स्क्रूटनी) पूरी तरह से लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 36 के नियमों के तहत ही संपन्न की जाएगी.
उपचुनाव के उम्मीदवारों के लिए राहत
पश्चिम बंगाल की रेजीनगर और नंदीग्राम विधानसभा सीटों के साथ-साथ असम की नौगांव संसदीय सीट पर उपचुनाव की प्रक्रिया चल रही है. नामांकन दाखिल करने के दौरान दोनों ही गुटों के उम्मीदवारों ने पुराने पार्टी नाम से पर्चे भरे थे, जिससे उनके नामांकन रद्द होने का खतरा पैदा हो गया था. मतदाताओं के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए चुनाव आयोग ने विशेष निर्देश जारी कर सभी वैध उम्मीदवारों के नामांकन को उनके नए आवंटित दलों और चुनाव चिह्नों के तहत स्वीकार करने का आदेश दिया है.
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