UP Special TET 2026: उत्तर प्रदेश स्पेशल टीईटी के लिए कल से शुरू होंगे रजिस्ट्रेशन, जानें योग्यता, फीस और एग्जाम पैटर्न
UP Special TET 2026: उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) की ओर से राज्य के शिक्षकों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। आयोग द्वारा उत्तर प्रदेश स्पेशल टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (Special TET) 2026 के लिए पंजीकरण प्रक्रिया कल यानी 5 सितंबर से शुरू की जा रही है। यह परीक्षा प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तर पर कार्यरत शिक्षकों के साथ-साथ विशेष आवश्यकता वाले बच्चों (CWSN) के लिए विशेष शिक्षकों हेतु आयोजित की जा रही है।
इस संबंध में विज्ञापन संख्या 03/2026 जारी कर दिया गया है, और निर्धारित शेड्यूल के अनुसार यह परीक्षा आगामी 3 नवंबर 2026 को आयोजित की जाएगी। इच्छुक और योग्य उम्मीदवारों को आवेदन करने से पहले आधिकारिक वेबसाइट upessc.up.gov.in पर जाकर वन-टाइम रजिस्ट्रेशन (OTR) पूरा करना होगा।
क्यों आयोजित की जा रही है स्पेशल टीईटी?
यह विशेष परीक्षा सुप्रीम कोर्ट के उन निर्देशों के बाद कराई जा रही है, जिनमें कार्यरत शिक्षकों के लिए टीईटी पास करना अनिवार्य कर दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने 29 मई 2026 के आदेश में कहा था कि इस फैसले से प्रभावित होने वाले कार्यरत शिक्षकों को 31 अगस्त 2028 तक अनिवार्य रूप से टीईटी पास करना होगा।
बड़ी संख्या में शिक्षकों के प्रभावित होने के कारण उत्तर प्रदेश सरकार ने प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तर के शिक्षकों के लिए एक अलग स्पेशल टीईटी आयोजित करने का निर्णय लिया। इसके अलावा, 7 मार्च 2025 के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तर के लगभग 2,500 विशेष शिक्षकों/सहायक शिक्षकों (CWSN) को भी इस दायरे में शामिल किया गया है।
महत्वपूर्ण तिथियां और शेड्यूल
आयोग द्वारा जारी आधिकारिक कार्यक्रम के मुताबिक, आवेदन प्रक्रिया से जुड़ी मुख्य तारीखें इस प्रकार हैं:
- विज्ञापन प्रकाशन की तिथि: 3 सितंबर 2026
- OTR और ऑनलाइन आवेदन की शुरुआत: 5 सितंबर 2026
- आवेदन शुल्क जमा करने की अंतिम तारीख: 4 अक्टूबर 2026
- आवेदन में सुधार (करेक्शन) की अंतिम तारीख: 8 अक्टूबर 2026
- स्पेशल टीईटी 2026 परीक्षा की तिथि: 3 नवंबर 2026
कौन कर सकता है आवेदन? (पात्रता मानदंड)
यह परीक्षा मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा स्थापित प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों के लिए है। प्राथमिक स्तर पर राज्य सरकार, स्थानीय निकायों, बेसिक शिक्षा परिषद से मान्यता प्राप्त या सहायता प्राप्त स्कूलों के शिक्षक आवेदन के पात्र हैं, जिसमें कक्षा 1 से 5 तक पढ़ाने वाले विशेष शिक्षक भी शामिल हैं।
वहीं, उच्च प्राथमिक स्तर पर कक्षा 6 से 8 तक पढ़ाने वाले राज्य सरकार, स्थानीय निकाय, बेसिक या माध्यमिक शिक्षा परिषद से मान्यता प्राप्त और सहायता प्राप्त स्कूलों के शिक्षक और विशेष शिक्षक आवेदन कर सकते हैं।
विशेष शिक्षकों (CWSN) के लिए प्राथमिक स्तर पर ग्रेजुएशन के साथ डी.एड. स्पेशल एजुकेशन या भारतीय पुनर्वास परिषद (RCI) से मान्यता प्राप्त समकक्ष योग्यता और सक्रिय सीआरआर नंबर के साथ आरसीआई रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट होना अनिवार्य है। इसी प्रकार उच्च प्राथमिक स्तर के लिए ग्रेजुएशन के साथ बी.एड. स्पेशल एजुकेशन और आरसीआई रजिस्ट्रेशन जरूरी है। कॉन्ट्रैक्ट या दैनिक वेतन भोगी के रूप में कार्यरत इन विशेष शिक्षकों के लिए अधिकतम आयु सीमा 3 नवंबर 2026 को 60 वर्ष तय की गई है।
आवेदन शुल्क और प्रक्रिया
आवेदन शुल्क सामान्य, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस वर्ग के लिए प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तर दोनों के लिए ₹1,000-₹1,000 रखा गया है। वहीं, एससी और एसटी वर्ग के लिए यह शुल्क ₹500 प्रति स्तर तथा दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए ₹300 प्रति स्तर निर्धारित किया गया है, जिसका भुगतान क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड या नेट बैंकिंग के जरिए ऑनलाइन किया जा सकता है।
आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों को सबसे पहले आधिकारिक पोर्टल पर ओटीआर (OTR) पूरा करना होगा। इसके बाद ओटीआर क्रेडेंशियल्स की मदद से लॉगिन करके व्यक्तिगत विवरण, ईएचआरएमएस (eHRMS) कोड या आरसीआई रजिस्ट्रेशन नंबर दर्ज करना होगा। निर्धारित स्तर चुनने, दस्तावेज अपलोड करने और शुल्क भुगतान के बाद ही आवेदन प्रक्रिया पूरी मानी जाएगी। करेक्शन विंडो के अलावा बाद में कैटेगरी, जन्मतिथि आदि में बदलाव नहीं किया जा सकेगा।
परीक्षा पैटर्न और क्वालीफाइंग मार्क्स
स्पेशल टीईटी की परीक्षा में कुल 150 बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाएंगे, जिनमें प्रत्येक प्रश्न के लिए 1 अंक निर्धारित है। पेपर हल करने के लिए 150 मिनट का समय मिलेगा और परीक्षा में किसी भी प्रकार की नेगेटिव मार्किंग नहीं होगी। प्राथमिक स्तर के पेपर में बाल विकास, भाषा-I (हिंदी), भाषा-II (अंग्रेजी/उर्दू/संस्कृत), गणित और पर्यावरण अध्ययन से 30-30 प्रश्न पूछे जाएंगे। उच्च प्राथमिक स्तर पर भी बाल विकास और भाषाओं के अलावा गणित/विज्ञान या सामाजिक अध्ययन से 60 प्रश्न होंगे।
सामान्य श्रेणी के उम्मीदवारों को परीक्षा पास करने के लिए कम से कम 60 प्रतिशत यानी 150 में से 90 अंक लाने होंगे। वहीं, एससी, एसटी, ओबीसी, स्वतंत्रता सेनानी आश्रित, भूतपूर्व सैनिक, दिव्यांग और अनारक्षित ईडब्ल्यूएस श्रेणी के लिए न्यूनतम उत्तीर्णांक 55 प्रतिशत यानी 82 अंक तय किया गया है।
परीक्षा एक से अधिक पालियों में होने पर नॉर्मलाइजेशन की प्रक्रिया भी अपनाई जा सकती है। परीक्षा से करीब 10 दिन पहले परीक्षा जिले की जानकारी और परीक्षा से 3 दिन पहले एडमिट कार्ड डाउनलोड के लिए उपलब्ध करा दिए जाएंगे।
NEET UG 2027: अब पेन-पेपर नहीं, कंप्यूटर पर होगी परीक्षा; NTA ने टेस्ट सेंटर के लिए मांगी ये जानकारी
NEET UG 2027: अगले साल होने वाली राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET-UG) को कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) मोड में आयोजित करने की तैयारी शुरू हो गई है। इसके लिए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) देशभर में ऐसे परीक्षा केंद्रों की उपलब्धता का आकलन कर रही है, जहां कंप्यूटर आधारित परीक्षा कराई जा सके।
इसी सिलसिले में NTA ने ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन (AICTE) से सरकारी तकनीकी संस्थानों में उपलब्ध IT इंफ्रास्ट्रक्चर और खाली जगह की जानकारी जुटाने को कहा है।
सरकारी संस्थानों से मांगी गई ये जानकारी
AICTE ने अपने अधीन आने वाले सरकारी संस्थानों से उनके यहां मौजूद तकनीकी सुविधाओं का विवरण मांगा है। इसका उद्देश्य देशभर में Standard Testing Centres (STCs) विकसित करने के लिए उपलब्ध संसाधनों का आकलन करना है।
संस्थानों से खासतौर पर इन सुविधाओं की जानकारी मांगी गई है
कितने कंप्यूटर काम करने की स्थिति में हैं
IT और नेटवर्किंग इंफ्रास्ट्रक्चर
इंटरनेट कनेक्टिविटी
बिजली की उपलब्धता और पावर बैकअप
CCTV और संबंधित सुरक्षा सुविधाएं
परीक्षा आयोजित करने के लिए उपलब्ध खाली या अप्रयुक्त जगह
AICTE ने संस्थानों को निर्देश दिया है कि उनके द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली जानकारी पूरी, सही और संबंधित सक्षम अधिकारी से सत्यापित होनी चाहिए।
छोटे निजी संस्थानों को नहीं सौंपे जाएंगे CBT सेंटर
NTA के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, कंप्यूटर आधारित परीक्षा के केंद्रों का चयन केवल उपलब्धता के आधार पर नहीं किया जाएगा। इसके लिए निर्धारित मानकों के आधार पर संस्थानों की क्षमता का आकलन किया जाएगा।
अधिकारी के मुताबिक, CBT परीक्षा के लिए छोटे निजी संस्थानों को केंद्र के तौर पर आउटसोर्स करने के बजाय ऐसे संस्थानों को प्राथमिकता दी जाएगी, जहां पर्याप्त तकनीकी ढांचा मौजूद हो। AICTE के अधीन बड़ी संख्या में तकनीकी संस्थान हैं, जिनमें कंप्यूटर और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध हैं।
NEET-UG को CBT मोड में क्यों किया जा रहा है?
NEET-UG देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में से एक है। फिलहाल यह परीक्षा पेन-पेपर आधारित मोड में आयोजित होती रही है। हालांकि, परीक्षा व्यवस्था में बदलाव और बड़े स्तर पर कंप्यूटर आधारित परीक्षाओं की ओर बढ़ने के मद्देनजर NEET-UG को भी CBT मोड में ले जाने का फैसला किया गया है।
केंद्र सरकार ने पेपर लीक विवाद के बाद परीक्षा व्यवस्था में बदलाव की घोषणा की थी। इसके तहत NEET-UG 2027 से कंप्यूटर आधारित मोड में आयोजित किए जाने की योजना है।
देशभर में बढ़ाना होगा टेस्ट सेंटर का नेटवर्क
NTA पहले से कई राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षाएं CBT मोड में आयोजित करता है। NEET-UG में उम्मीदवारों की संख्या काफी अधिक होने के कारण परीक्षा केंद्रों का नेटवर्क भी व्यापक स्तर पर तैयार करना होगा।
इसी वजह से NTA अलग-अलग क्षेत्रों में सरकारी संस्थानों में उपलब्ध कंप्यूटर, नेटवर्क, इंटरनेट, बिजली और अन्य सुविधाओं का आकलन कर रहा है। AICTE से जानकारी जुटाने की प्रक्रिया को इसी तैयारी का हिस्सा माना जा रहा है।
परीक्षा व्यवस्था में बदलाव पर NTA का फोकस
NEET-UG को CBT मोड में कराने का फैसला परीक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। NTA अब ऐसे परीक्षा केंद्रों की पहचान करने में जुटा है, जहां बड़ी संख्या में उम्मीदवारों को सुरक्षित और निर्धारित मानकों के अनुसार कंप्यूटर आधारित परीक्षा दिलाई जा सके।
फिलहाल AICTE से जानकारी जुटाई जा रही है। इसके बाद उपलब्ध संस्थानों और उनकी सुविधाओं के आधार पर Standard Testing Centres के नेटवर्क को लेकर आगे की योजना तैयार की जाएगी।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
Haribhoomi









