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एमडीआर से भारत के डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम की सस्टेनेबिलिटी को बढ़ावा मिलेगा : आरबीआई

नई दिल्ली, 15 सितंबर (आईएएनएस)। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने मंगलवार को कहा कि ज्यादा वैल्यू वाले यूपीआई ट्रांजेक्शन पर एमडीआर लागू करना भारत के डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम की लंबे समय की स्थिरता को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम है।

सेंट्रल बैंक ने एक बयान में कहा कि इससे यूपीआई को देशभर में ग्राहकों और व्यवसायों के लिए अपना दायरा बढ़ाने, नई सुविधाएं लाने और सेवाएं जारी रखने में मदद मिलेगी।

आरबीआई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा, इकोसिस्टम में शामिल लोगों के बीच एमडीआर का सही और उचित बंटवारा टेक्नोलॉजी, इंफ्रास्ट्रक्चर और एक्सेप्टेंस नेटवर्क में लगातार निवेश को बढ़ावा देगा। इससे यूपीआई को ज्यादा जगहों पर स्वीकार किया जा सकेगा, ग्राहकों की संख्या बढ़ेगी और ट्रांजेक्शन की संख्या में लगातार बढ़ोतरी होगी।

खास बात यह है कि सभी यूपीआई ट्रांजेक्शन -पी2पी और पी2एम- यूजर्स के लिए मुफ्त रहेंगे।

मर्चेंट्स के लिए 2,000 रुपए से कम के पी2एम यूपीआई ट्रांजेंक्शन मुफ्त रहेंगे, जबकि पी2एम के लिए मर्चेंट्स पर एमडीआर लगाया जा सकता है।

आरबीआई ने कहा कि वह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि यूपीआई सुरक्षित, आसान, सस्ता और सभी की पहुंच में बना रहे। साथ ही भारत के वर्ल्ड-क्लास डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम की लंबी अवधि की स्थिरता और विकास को भी बढ़ावा दे।

नए यूपीआई फ्रेमवर्क का पर्सन-टू-पर्सन (एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति के बीच) ट्रांजेक्शन पर कोई असर नहीं पड़ेगा। मंगलवार को वित्त मंत्रालय द्वारा जारी एक स्पष्टीकरण के अनुसार, सभी पर्सन-टू-पर्सन ट्रांजेक्शन के लिए यूपीआई पूरी तरह से मुफ्त रहेगा, चाहे कितनी भी रकम ट्रांसफर की जाए।

वित्त मंत्रालय ने साफ किया कि एमडीआर न तो कोई टैक्स है और न ही सरकार या एनपीसीआई द्वारा वसूला जाने वाला कोई चार्ज है। इसे पेमेंट इकोसिस्टम में शामिल लोगों - जैसे बैंक और पेमेंट एप्लीकेशन प्रोवाइडर्स - के बीच बांटा जाता है, ताकि यूपीआई इकोसिस्टम के कामकाज और लगातार विस्तार में मदद मिल सके।

0.4 प्रतिशत का मामूली एमडीआर सिर्फ 2,000 रुपए से ज्यादा के पी2एम ट्रांजेक्शन पर लागू होगा। एमडीआर को पेमेंट इकोसिस्टम में शामिल लोगों, जैसे बैंक, पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर्स और यूपीआई एप्लीकेशन प्रोवाइडर्स, के बीच बांटा जाएगा। 75,000 रुपए और उससे ज्यादा के ट्रांजेक्शन के लिए एमडीआर की अधिकतम सीमा 300 रुपए प्रति ट्रांजेक्शन होगी।

जरूरी और कम मार्जिन वाले सेक्टर जैसे रेलवे, टेलीकॉम, इंश्योरेंस, फ्यूल और खेती से जुड़े सामान में 2,000 रुपए से ज्यादा के ट्रांजेक्शन पर 5 रुपए प्रति ट्रांजेक्शन का फ्लैट एमडीआर लगेगा। यह फ्लैट चार्ज जरूरी पब्लिक सर्विसेज और कम मार्जिन पर काम करने वाले व्यवसायों के लिए लागत की निश्चितता देगा।

--आईएएनएस

डीकेपी/एबीएम

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

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हम शरारती तत्वों की हर साजिश को नाकाम करेंगे और 'भारत का गेटवे' माने जाने वाले पंजाब की शान फीकी नहीं पड़ने देंगे-भगवंत सिंह मान

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि एक ओर उनकी सरकार गैंगस्टरों और नशों की बुराई के खिलाफ निर्णायक जंग लड़ रही है, दूसरी ओर विपक्षी दल पंजाब के लिए कोई दृष्टिकोण पेश करने के बजाय मीडिया की सुर्खियां बटोरने के लिए हर दुखद घटना का सहारा लेकर 'गिद्धों वाली राजनीति' कर रहा है. उन्होंने बताया कि जनवरी से अब तक 10 गैंगस्टरों को विदेशों से पंजाब वापस लाया गया है और सरकार की सख्ती के बाद पाकिस्तान से आने वाले लगभग 80 प्रतिशत नशों का खात्मा कर दिया गया है.

नशों की समस्या लगभग खत्म हो जाएगी

मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि सरकार अब गुजरात, मध्य प्रदेश और राजस्थान से हो रही नशों की सप्लाई पर शिकंजा कसेगी. नशों के रूट को लेकर भाजपा पर सीधा निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि अगर भाजपा गुजरात के मुंद्रा पोर्ट की रक्षा कर ले तो पंजाब में नशों की समस्या लगभग खत्म हो जाएगी. उन्होंने यह भी कहा कि "गैंगस्टरों को पालने वाली" कांग्रेस और अकाली दल को कानून-व्यवस्था पर बोलने का कोई हक नहीं है और  उन्होंने तीनों विपक्षी पार्टियों को अपनी "गंदी राजनीति" बंद करके लोगों के सामने पंजाब के लिए दृष्टिकोण पेश  करने का न्योता दिया.

पंजाब को बदनाम करने की कोशिश 

एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान विपक्ष की 'गिद्धों वाली राजनीति' पर बोलते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "जब आपके पास कोई मुद्दा नहीं होता तो आप हर दुखद घटना पर राजनीति करने लग जाते हैं. यह लोग सेवा की राजनीति नहीं है, यह गिद्धों वाली राजनीति है. पंजाब इस घटिया राजनीति से बेहतर का हकदार है." मुख्यमंत्री ने कहा, "नशों, गैंगस्टरों और संगठित अपराध के खिलाफ पंजाब सरकार की सख्त कार्रवाई की सराहना करने के बजाय विपक्षी दल सियासी फायदे के लिए जानबूझकर डर का माहौल पैदा करने और पंजाब को बदनाम करने की कोशिश कर रहा है. पंजाब सिर्फ एक सीमावर्ती राज्य नहीं है बल्कि देश का प्रवेश द्वार (गेटवे) और भारत का गहना है. कुछ इक्का-दुक्का घटनाओं के नजरिए से पूरे राज्य को चित्रित करने की कोई भी कोशिश पंजाब और इसके लोगों को बदनाम करने की जानबूझकर की गई कोशिश है."

कानून के कठघरे में खड़ा कर रहे 

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि उनकी सरकार ने नशों, गैंगस्टरों और संगठित अपराध के गठजोड़ को तोड़ने के लिए एक व्यापक रूपरेखा को अमल में लाई. मुख्यमंत्री ने कहा, "हमारी लड़ाई सिर्फ गिरफ्तारियों तक सीमित नहीं है. हम नेटवर्क की पहचान कर रहे हैं, खेपों की सप्लाई रोक रहे हैं, वित्तीय साधन बंद कर रहे हैं और दोषियों को कानून के कठघरे में खड़ा कर रहे हैं. पंजाब पुलिस दिन-रात काम कर रही है और हमने अपराधियों को सूबे का एजेंडा तय करने की इजाजत नहीं दी. नशों और गैंगस्टर गतिविधियों में शामिल लोगों का बिना किसी सियासी सांझ या प्रभाव के लगातार पीछा किया जा रहा है."

असफल कोशिशें की जा रही 

नशा तस्करी के मुद्दे पर भाजपा को आड़े हाथों लेते हुए उन्होंने कहा, "532 किलोमीटर लंबी सीमा पार से पंजाब में नशा तस्करी करने की असफल कोशिशें की जा रही हैं. पंजाब में भेजी जा रही खेपें छोटे पैकेटों में हो सकती हैं, लेकिन भाजपा, विशेष रूप से केंद्रीय गृह मंत्री को जवाब देना चाहिए कि भाजपा शासित राज्यों में टनों के हिसाब से ऐसी खेपें क्यों मौजूद हैं."मुख्यमंत्री ने कहा, "पंजाब पुलिस ने मुंद्रा पोर्ट से ऐसे नशों की बड़ी खेप बरामद की है, जो केंद्रीय गृह मंत्री के गृह राज्य में है. केंद्रीय गृह मंत्री अपने राज्य में नशों को रोकने में असमर्थ हैं और पंजाब में नशा विरोधी यात्रा निकालने की योजना बना रहे हैं."

फंडों से एंटी-ड्रोन सिस्टम लगाए

उन्होंने जोर देकर कहा, "अंतरराष्ट्रीय सीमा पार से तस्करी को रोकना मुख्य तौर पर केंद्र की जिम्मेदारी है, फिर भी पंजाब सरकार ने नशों को रोकने के लिए अपने फंडों से एंटी-ड्रोन सिस्टम लगाए हैं. गुजरात में लाखों टन नशे जब्त किए जा रहे हैं पर कोई कार्रवाई नहीं की जाती, जबकि पंजाब ने नशों के खिलाफ देश की सबसे बड़ी मुहिम शुरू की है."मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा, "पूरा देश जानता है कि गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पर लगभग 3,000 किलो नशा जब्त किया गया था, पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कोई सार्थक कार्रवाई नहीं की गई."

अपराधिक सिंडिकेट चलाने वालों का पीछा कर रहे

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार ने नशीले पदार्थों की बड़ी बरामदगी की है और नशा तस्करी में शामिल हजारों व्यक्तियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की है. उन्होंने कहा, "हमने नशों, गैंगस्टरों और संगठित अपराध के खिलाफ व्यापक रोडमैप अपनाया है. यह सिर्फ व्यक्तियों को गिरफ्तार करने के बारे में नहीं है. हम नेटवर्क तबाह कर रहे हैं, उनकी सप्लाई चेन को तोड़ रहे हैं, उनके वित्तीय साधनों पर हमला कर रहे हैं और इन अपराधिक सिंडिकेट चलाने वालों का पीछा कर रहे हैं." 

अपराधियों को बेखौफ होकर काम करने की इजाजत

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "भाजपा के ये मंसूबे सिर्फ पंजाब और पंजाबियों को बदनाम करने के मकसद से हैं, जिन्हें किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जा सकता. सरकार ने गैंगस्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है, जिसमें बड़ी संख्या में गिरफ्तारियां और संगठित अपराध और अपराधिक नेटवर्कों से जुड़े व्यक्तियों के खिलाफ देश निकाले की कार्रवाई शामिल है. मौजूदा सरकार को भाषण देने के बजाय विपक्षी दल बताएं कि उनके अपने कार्यकाल के दौरान गैंगस्टर कल्चर और नशा नेटवर्क को बढ़ने-फूलने की इजाजत क्यों दी गई?" मुख्यमंत्री ने कहा कि जो आज कानून-व्यवस्था पर उपदेश दे रहे हैं, उन्हें पहले अपने अतीत में झांकना चाहिए. उन्होंने कहा, "पंजाब के लोग वह काले दिन नहीं भूले, जब गैंगस्टरों को सियासी संरक्षण हासिल था और अपराधियों को बेखौफ होकर काम करने की इजाजत दी गई थी."

राजनीति करके इतने नीचे न गिरें

अकाली दल, कांग्रेस और अन्य विपक्षी पार्टियों पर तंज कसते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि अतीत में अपराधिक तत्वों की पुष्पनाही करने वालों के पास आज सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाने का कोई इखलाकी हक नहीं है. उन्होंने कहा, "हर दुखांत पर राजनीति करके इतने नीचे न गिरें, पंजाब ऐसी राजनीति के कारण पहले ही बहुत संताप भोग चुका है." मुख्यमंत्री ने स्पष्ट तौर पर कहा कि लोग हल चाहते हैं, विवाद नहीं. मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "सूबा सरकार नशों और संगठित अपराध के खिलाफ अपने रोडमैप पर बिना किसी समझौते के काम करना जारी रखेगी. पंजाब नशों के खिलाफ लड़ाई में मोहरी होकर उभरा है, पंजाब पुलिस ने बड़ी बरामदगी की है और सप्लाई नेटवर्क को तबाह किया है."

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