स्वामी प्रसाद मौर्य ने अयोध्या गोलीकांड के विरोध में केजीएमयू पोस्टमार्टम हाउस पर हंगामा किया. पार्वती मौर्य की मौत के बाद न्याय की मांग करते हुए उन्होंने सड़क जाम की और पुलिस से तीखी नोकझोंक भी हुई.
उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के छाता में 19 वर्षों से बंद पड़ी चीनी मिल में अब एथनॉल संयंत्र लगाया जाएगा, जो एक वर्ष में तीन करोड़ 96 लाख लीटर एथनॉल का उत्पादन करेगा। इस प्रस्ताव को मंगलवार को मंत्रिमंडल ने मंजूरी दे दी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में कुल 23 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
यहां लोकभवन में वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना की मौजूदगी में गन्ना विकास एवं चीनी मिल मामलों के मंत्री चौधरी लक्ष्मीनारायण ने पत्रकारों को बताया कि छाता स्थित चीनी मिल 19 साल पहले बंद हो गई थी। मंत्रिमंडल ने वहां एथनॉल लगाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है, जिसमें गन्ना, मक्का और धान से एथनॉल बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि पहले गन्ने से एथनॉल बनाया जाएगा और गन्ने की उपलब्धता समाप्त होने के बाद मक्का और धान से उत्पादन किया जाएगा।
यह संयंत्र वर्ष में 11 महीने चलेगा और सालाना 3.96 करोड़ लीटर एथनॉल का उत्पादन होगा। मंत्री ने बताया कि इस संयंत्र की स्थापना पर लगभग 200 करोड़ रुपये से अधिक की लागत आएगी। इसकी विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा, छाता राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित है और वहां से नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (जेवर) के कार्गो टर्मिनल तक की दूरी मुश्किल से 40 मिनट की है, इसलिए इस परियोजना में और भी संभावनाएं हैं।
उन्होंने कहा कि परियोजना के तहत गोदाम और परिसर बनाने की भी योजना है। इसके लिए 96 एकड़ जमीन उपलब्ध है, जिससे हजारों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। उन्होंने दावा किया कि इसी वर्ष मुख्यमंत्री द्वारा छाता में एथनॉल का शिलान्यास भी किया जाएगा।
एक सवाल के जवाब में चौधरी ने कहा कि चीनी मिल चलाने के लिए 45-50 लाख क्विंटल गन्ना चाहिए, इसलिए गन्ना किसानों के हित में गन्ने से एथनॉल बनाया जाएगा और गन्ना समाप्त होने पर मक्का व धान से उत्पादन होगा। उन्होंने कहा कि किसानों के लिए पिछले दो वर्षों से वहां गन्ने के तीन क्रय केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। उन्होंने पूर्ववर्ती समाजवादी पार्टी सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि 19 साल पहले चीनी मिल बंद हुई थी।
2002 से 2007 तक सपा सरकार में किसानों को एक रुपये का भी भुगतान नहीं हुआ और पांच साल तक भुगतान न होने के कारण यह मिल बंद हो गई।
मुंबई। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की 95वीं सालाना आम बैठक (AGM) शुक्रवार, 18 सितंबर 2026 को मुंबई स्थित BCCI मुख्यालय में हुई। बैठक में IPL गवर्निंग काउंसिल, वित्तीय मामलों, अंपायरों और मैच रेफरी की पेमेंट, BCCI की नीतियों और भारतीय क्रिकेट के शताब्दी समारोह से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए।
BCCI के मानद सचिव देवाजीत सैकिया की ओर से जारी मीडिया एडवाइजरी के मुताबिक, AGM में लिए गए प्रमुख फैसले इस प्रकार हैं।
IPL गवर्निंग काउंसिल में 2 नए प्रतिनिधि चुने गए AGM में जनरल बॉडी के दो प्रतिनिधियों को IPL गवर्निंग काउंसिल में शामिल किया गया है। इनमें शामिल हैं:
अरुण सिंह धूमल
एम खैरुल जमाल मजूमदार
दोनों को जनरल बॉडी के प्रतिनिधि के तौर पर IPL गवर्निंग काउंसिल में चुना गया।
2027 में IPL के 20वें संस्करण का होगा भव्य आयोजन BCCI जनरल बॉडी ने 2027 में होने वाले IPL के 20वें संस्करण को भव्य तरीके से मनाने का फैसला किया है।
IPL का 20वां संस्करण भारतीय क्रिकेट की इस लोकप्रिय टी20 लीग के सफर में एक महत्वपूर्ण पड़ाव होगा। AGM में इसे विशेष रूप से मनाने का फैसला सर्वसम्मति से लिया गया।
2028 में BCCI की 100वीं वर्षगांठ का जश्न BCCI ने अपने शताब्दी समारोह की तैयारियों की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। बोर्ड 2028 में अपनी स्थापना के 100 वर्ष पूरे करेगा।
फैसले के मुताबिक, शताब्दी समारोह दिसंबर 2027 से शुरू होकर पूरे 2028 तक चलने वाले कार्यक्रमों के जरिए मनाया जाएगा। BCCI के मुताबिक, यह भारतीय क्रिकेट के इतिहास में एक अहम पड़ाव होगा।
अंपायरों और मैच रेफरी की पेमेंट स्ट्रक्चर में बदलाव AGM में अंपायरों और मैच रेफरी से जुड़ा भी अहम फैसला हुआ। जनरल बॉडी ने बेहतर पेमेंट स्ट्रक्चर और ग्रेड के रीक्लासिफिकेशन को सर्वसम्मति से मंजूरी दी। इसका उद्देश्य अंपायरों और मैच रेफरी के लिए मौजूदा भुगतान व्यवस्था और ग्रेडिंग को बेहतर बनाना है।
वित्त वर्ष 2025-26 के ऑडिटेड अकाउंट्स को मंजूरी BCCI जनरल बॉडी ने वित्त वर्ष 2025-26 के ऑडिट किए गए अकाउंट्स स्टेटमेंट को मंजूरी दे दी। इसके अलावा वित्त वर्ष 2026-27 के सालाना बजट को भी जनरल बॉडी की मंजूरी मिल गई।
2026-27 के लिए ऑडिटर नियुक्त AGM में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए ऑडिटर की नियुक्ति को भी मंजूरी दी गई। यह BCCI की नियमित वित्तीय और प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा है।
BCCI की नई इंटरनल कमिटी बनाई गई BCCI की Prevention of Sexual Harassment Policy के तहत नई इंटरनल कमिटी के गठन को भी मंजूरी दी गई। यह कमिटी BCCI की कार्यप्रणाली में यौन उत्पीड़न की रोकथाम से जुड़ी नीति के तहत काम करेगी।
Age Verification Policy को किया गया अपडेट AGM में BCCI की Age Verification Policy को अपडेट करके अपनाया गया। यह नीति खिलाड़ियों की आयु से जुड़े सत्यापन की प्रक्रिया और नियमों से संबंधित है।
दिव्यांग क्रिकेटरों के लिए सुविधाओं पर चर्चा BCCI जनरल बॉडी ने दिव्यांग क्रिकेटरों को सपोर्ट करने के उपायों पर राज्य क्रिकेट इकाइयों के साथ चर्चा की। इसमें दिव्यांग क्रिकेटरों के विकास और प्रगति के लिए जरूरी सुविधाओं और संसाधनों पर विचार किया गया।
अजीत अगरकर के भविष्य पर भी चर्चा AGM के दौरान सीनियर सेलेक्शन कमिटी के चेयरमैन अजीत अगरकर का भविष्य भी चर्चा में रहा। हालांकि, BCCI की आधिकारिक मीडिया एडवाइजरी में अगरकर के कार्यकाल को बढ़ाने या उनके स्थान पर किसी नए व्यक्ति की नियुक्ति का फैसला घोषित नहीं किया गया है।
बैठक के बाद BCCI के एक वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से रिपोर्टों में कहा गया कि पदाधिकारियों को सेलेक्शन कमिटी से जुड़े मामलों पर फैसला लेने का अधिकार दिया गया है।
अगरकर का मौजूदा कार्यकाल अगले महीने की शुरुआत में खत्म होने की बात रिपोर्टों में कही गई है। ऐसे में सेलेक्शन कमिटी के चेयरमैन के भविष्य को लेकर आगे फैसला BCCI पदाधिकारियों के स्तर पर लिया जा सकता है।
जूनियर सेलेक्शन कमिटी की पांचों सीटों पर भी नजर सीनियर सेलेक्शन कमिटी के चेयरमैन के भविष्य के अलावा BCCI जूनियर सेलेक्शन कमिटी की सभी पांचों पोस्ट भरने पर भी विचार कर रही है।
हालांकि, AGM की आधिकारिक मीडिया एडवाइजरी में जूनियर सेलेक्शन कमिटी की नियुक्तियों को लेकर कोई अंतिम फैसला घोषित नहीं किया गया है।
मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन ने रखी अहम मांग AGM के दौरान मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन (MCA) की ओर से BCCI के सामने एक अनुरोध भी रखा गया। MCA ने बोर्ड से कहा कि भविष्य में अहम मुकाबलों की मेजबानी सौंपते समय मुंबई को भी ध्यान में रखा जाए।
BCCI AGM 2026: एक नजर में बड़े फैसले
मुद्दा
फैसला
IPL गवर्निंग काउंसिल
अरुण सिंह धूमल और एम खैरुल जमाल मजूमदार चुने गए
IPL 2027
20वें संस्करण को भव्य तरीके से मनाने का फैसला
BCCI शताब्दी
दिसंबर 2027 से 2028 तक सालभर कार्यक्रम
अंपायर/मैच रेफरी
बेहतर पेमेंट स्ट्रक्चर और ग्रेड रीक्लासिफिकेशन मंजूर
वित्त वर्ष 2025-26
ऑडिटेड अकाउंट्स को मंजूरी
वित्त वर्ष 2026-27
सालाना बजट मंजूर
ऑडिटर
2026-27 के लिए नियुक्ति
यौन उत्पीड़न नीति
नई इंटरनल कमिटी का गठन
Age Verification
अपडेटेड नीति को मंजूरी
दिव्यांग क्रिकेट
सुविधाओं और संसाधनों पर राज्य इकाइयों के साथ चर्चा
अजीत अगरकर
सेलेक्शन कमिटी से जुड़े फैसले का अधिकार पदाधिकारियों को
जूनियर सेलेक्शन कमिटी
पांचों पद भरने पर विचार
निष्कर्ष: BCCI की 95वीं AGM में तत्काल प्रशासनिक फैसलों के साथ भारतीय क्रिकेट के अगले कई वर्षों से जुड़े कार्यक्रमों पर भी निर्णय लिए गए। 2027 के IPL के 20वें संस्करण को विशेष रूप से मनाने और दिसंबर 2027 से 2028 तक BCCI की शताब्दी का सालभर जश्न मनाने का फैसला बैठक के प्रमुख बिंदुओं में रहा। वहीं अंपायरों और मैच रेफरी की पेमेंट व्यवस्था, आयु सत्यापन नीति और दिव्यांग क्रिकेटरों के लिए सुविधाओं को लेकर भी फैसले लिए गए।