शुभेंदु अधिकारी के सहयोगी की मां हसीरानी रथ को भाजपा का नंदीग्राम टिकट, 1.1 लाख के अंतर पर नजर
बीजेपी नंदीग्राम उपचुनाव के लिए हसीरानी रथ को अपना उम्मीदवार घोषित किया। हसीरानी रथ, सुवेंदु अधिकारी के पूर्व सहयोगी चंद्रनाथ रथ की माँ हैं, जिनकी मई में हत्या कर दी गई थी। पार्टी ने रेजीनगर विधानसभा सीट के लिए मुर्शिदाबाद ज़िले के अपने पूर्व अध्यक्ष सखाराव सरकार को भी उम्मीदवार बनाया। रथ ने पार्टी का आभार जताया और पत्रकारों से कहा कि उन्हें जीत का भरोसा है। उन्होंने इस सीट को रिकॉर्ड 1.1 लाख वोटों से जीतने का लक्ष्य रखा है। रथ ने कहा कि नंदीग्राम संगठन और पार्टी नेतृत्व ने उनका समर्थन किया है और आगे भी करते रहेंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लक्ष्य हासिल कर लिया जाएगा। नंदीग्राम में बीजेपी के प्रदर्शन को याद करते हुए रथ ने कहा कि जब उस निर्वाचन क्षेत्र में तृणमूल कांग्रेस मजबूत थी, तब सुवेंदु अधिकारी ने पूर्व मुख्यमंत्री को 1,956 वोटों से हराया था।
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रथ ने कहा कि अधिकारी 2026 के चुनावों में लगभग 10,000 वोटों से नंदीग्राम जीते। उन्होंने कहा कि अगर वे 2026 में दो सीटों से चुनाव न लड़ते और नंदीग्राम को ज़्यादा समय दे पाते, तो उनकी जीत का अंतर और भी ज़्यादा होता। रथ ने अपने बेटे चंद्रनाथ रथ से जुड़ी जांच के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा कि जांच चल रही है और परिवार को मुख्यमंत्री पर पूरा भरोसा है। हसीरानी रथ के नॉमिनेशन से नंदीग्राम में बीजेपी के कैंपेन को एक भावनात्मक पहलू मिला है, वहीं रेजीनगर के लिए उम्मीदवार का चयन पार्टी की संगठन के स्तर पर अनुभवी नेता को प्राथमिकता देने की सोच को दिखाता है। नंदीग्राम उपचुनाव की ज़रूरत तब पड़ी जब अधिकारी, जिन्होंने 2026 के विधानसभा चुनावों में नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों सीटें जीती थीं, ने भवानीपुर सीट अपने पास रखने और नंदीग्राम सीट छोड़ने का फ़ैसला किया। नंदीग्राम में कई पार्टियों के बीच मुक़ाबला होने की उम्मीद है; यहाँ वोटिंग 6 अक्टूबर को होगी, नॉमिनेशन की आखिरी तारीख 16 सितंबर है और वोटों की गिनती 9 अक्टूबर को होगी।
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अधिकारी के पर्सनल असिस्टेंट के तौर पर काम कर चुके चंद्रनाथ रथ 6 मई को मध्यमग्राम में कार से जा रहे थे, तभी मोटरसाइकिल सवार हमलावरों ने उन पर कथित तौर पर गोलीबारी की। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उनकी मौत हो गई, जबकि ड्राइवर घायल हो गया। इस मामले की जांच पहले राज्य पुलिस और एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम ने की थी, जिसके बाद इसे CBI को सौंप दिया गया। नंदीग्राम में हसीरानी रथ की उम्मीदवारी को लेकर अटकलें लगाई जा रही थीं। मंगलवार को, BJP द्वारा आधिकारिक तौर पर उनके नाम की घोषणा करने से पहले, उन्होंने सिद्धेश्वर शिव मंदिर और जानकीनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना करके इसके संकेत दिए। बाद में दिन में उन्होंने हल्दिया में अपना नामांकन भी दाखिल किया, जिसमें पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों का एक बड़ा जुलूस उनके साथ था। उम्मीद है कि अधिकारी भी वहां मौजूद रहेंगे। रथ ने कहा कि वह 1998 से राजनीति में सक्रिय हैं और दो बार पंचायत सदस्य तथा तीन बार पंचायत समिति सदस्य के तौर पर काम कर चुकी हैं।
Gurugram में महिला Biker को टक्कर मारने वाला चालक Rajasthan से गिरफ्तार, हत्या के प्रयास का केस
(तस्वीरों के साथ) नयी दिल्ली, 15 सितंबर बाइकर शिवानी चौहान के भाई ने राजस्थान से मंगलवार को गिरफ्तार किए गए कार चालक के इस दावे को खारिज किया कि हरियाणा के गुरुग्राम में हुई टक्कर की घटना गलती से हुई थी। दीपांकर चौहान ने पीटीआई-वीडियो से कहा, ‘‘आरोपी खुद को बचाने के लिए कह रहा है कि सबकुछ सामान्य था। उसका दावा है कि टक्कर गलती से हुई।
मैं बस इतना ही कहूँगा: अगर यह गलती थी, तो उसे रुकना चाहिए था।’’ आरोपी कल्याण बैंसला को राजस्थान के राजगढ़ से गिरफ़्तार किया गया। बैंसला की तेज़ रफ़्तार मारुति सियाज़ ने दो दिन पहले गुरुग्राम के गोल्फ़ कोर्स रोड पर शिवानी चौहान उर्फ सिया की अप्रिलिया आरएस 457 बाइक को टक्कर मार दी थी, जिससे वह बाइक से गिरने के बाद सड़क पर काफी दूर तक घिसटती चली गई थी। यह गिरफ़्तारी तब हुई जब गुरुग्राम पुलिस ने सीसीटीवी फ़ुटेज और चौहान के वीडियो बयान की पड़ताल के बाद भारतीय न्याय संहिता की धारा 109 के तहत हत्या के प्रयास का आरोप जोड़ा।
चौहान सोशल मीडिया पर खुद को ‘‘सिया’’ बताती है। गुरुग्राम के पुलिस आयुक्त शिबास कविराज ने कहा, ‘‘हमने कार चालक कल्याण बैंसला को आज राजस्थान से गिरफ्तार कर लिया। गहन जांच और सीसीटीवी फुटेज के विस्तृत विश्लेषण के बाद मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 109 के तहत हत्या के प्रयास का आरोप जोड़ा गया है।’’ चौहान का परिवार लगातार यह कह रहा था कि इस घटना को आम सड़क दुर्घटना नहीं माना जाना चाहिए।
उनके पिता रोशन चौहान ने आरोप लगाया था कि कार ने उनकी बेटी का पीछा किया और चालक से बार-बार दूरी बनाए रखने के लिए कहे जाने के बावजूद उसने टक्कर मार दी। रोशन चौहान ने कहा, ‘‘उसने (सिया) उसे (कार चालक) कई बार दूरी बनाए रखने की चेतावनी दी थी। अगर उसके बाद भी कोई व्यक्ति दुर्घटना को अंजाम देता है, तो साफ़ है कि उसका इरादा टक्कर मारने का ही था।
अगर आपको कोई समस्या है, तो आप उस पर अपनी कार थोड़े ही चढ़ा देंगे? आप आगे गाड़ी रोककर, शांति से बात कर सकते हैं।’’ सहायक पुलिस आयुक्त (मुख्यालय) अभिलक्ष जोशी के अनुसार, पुलिस ने घटना का स्वतः संज्ञान लेते हुए शुरुआत में गुरुग्राम के सेक्टर 56 थाने में बीएनएस की धारा 281 (तेज़ और लापरवाही से गाड़ी चलाना) तथा धारा 125 (चोट पहुँचाना) के तहत मामला दर्ज किया। दीपांकर ने कहा कि परिवार अब तक की कार्रवाई से संतुष्ट है, लेकिन उन्हें लगता है कि जांच के बाद और भी आरोप लग सकते हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘हां, उन्होंने हत्या के प्रयास की धारा जोड़ी है। अभी तो बस यही है, लेकिन बाद में और धाराएं जोड़ी जा सकती हैं।’’ परिवार ने कार में सवार लोगों और इसके मालिक के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की है। रोशन ने पहले कहा था, ‘‘हम चाहते हैं कि इसमें शामिल सभी लोगों को गिरफ़्तार किया जाए -- कार में बैठे लोग भी और वह व्यक्ति भी जिसने उसे गाड़ी दी थी।
ऐसे लोगों के ख़िलाफ़ पूरे देश में एक संदेश जाना चाहिए। अगर गुरुग्राम जैसे हाई-टेक शहर में दिन-दहाड़े ऐसी घटनाएँ होती हैं, तो महिलाएँ कहाँ सुरक्षित हैं?’’ उन्होंने कहा, ‘‘अच्छी बात यह थी कि वह सुरक्षा के लिए ज़रूरी उपकरण पहने हुए थी, जिससे वह बच गई। वरना, जिस तरह बाइक पलटी और वह गिरी, उसे देखते हुए तो ऐसा लगता है कि उसे मारने में कोई कसर नहीं छोड़ी गई।’’ बैंसला ने कहा है कि ‘यू-टर्न’ पर कार से उसका नियंत्रण खो गया था।
इस दावे का रोशन ने खंडन किया और आरोप लगाया कि कार में सवार लोग नशे में थे।
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