मंदसौर में दर्दनाक हादसा, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर ट्रक से टकराई कार, 3 युवकों की मौके पर मौत, जांच में जुटी पुलिस
मंदसौर: मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले के गरोठ थाना क्षेत्र में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर मंगलवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया है। क्सप्रेसवे पर चढ़ रहे ट्रक में पीछे से तेज रफ्तार कार जा घुसी। हादसा इतना भयंकर था कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। इतना ही नहीं तीन युवकों की मौके पर मौत एवं एक के घायल होने की भी खबर है।
जानकारी अनुसार, कार सवार चारों युवक गुरुग्राम से राजस्थान के बांसवाड़ा के पास स्थित प्रसिद्ध पर्यटन स्थल चाचाकोटा जा रहे थे। हादसे की सूचना मिलते ही गरोठ थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को सड़क से हटवाने की कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजा।
तीन लोगों की मौते पर हुई मौत
मृतकों में गुड़गांव, हरियाणा के सिकंदरपुर निवासी अरविंद अहीर (39), नाथूपुर निवासी बिन्दर अहीर (33) और अलवर, राजस्थान के बहरोड़ थाना क्षेत्र के पहेल निवासी कैलाश चंद्र गुर्जर (34) शामिल हैं। वहीं, गुड़गांव (हरियाणा) के जितेंद्र अहीर (40) गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
घायल विजेंदर ने बताया कि जब ट्रक ड्राइवर एक्सप्रेस वे पर ट्रक लेकर आया तो ट्रक के पीछे की लाइट बंद थी। साथ ही बारिश होने के कारण भी ट्रक दिखी नहीं। और यह हादसा हो गया। हालांकि पुलिस ने मामला दर्ज कर दुर्घटना की जांच शुरू कर दी है।
Space War Escalation: चीनी सैटेलाइट के रहस्यमयी तरीके से टूटने से हड़कंप; 'स्पेस वॉर' और एंटी-सैटेलाइट मिसाइल की आशंका
मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच अंतरिक्ष से जुड़ी इस रहस्यमयी घटना ने अमेरिका और चीन के बीच कूटनीतिक और सैन्य गतिरोध को बढ़ा दिया है। रक्षा और खुफिया रिपोर्टों के अनुसार, जॉर्डन के 'मुवफ्फक साल्टी एयर बेस' पर हुए ईरानी बैलिस्टिक मिसाइल हमले से पहले और बाद की हाई-रेजोल्यूशन तस्वीरें चीनी संस्थाओं द्वारा ईरान को उपलब्ध कराई गई थीं। इस घटनाक्रम के तुरंत बाद चीन के एक खुफिया सैटेलाइट का अचानक कक्षा में विखंडित होना किसी बड़ी अंतरिक्ष जंग के संकेतों के रूप में देखा जा रहा है।
अमेरिकी सैनिकों पर हमले में चीनी सैटेलाइट तस्वीरों का इस्तेमाल
जॉर्डन में अमेरिकी वायुसेना के बेस पर हुए मिसाइल हमले में 3 अमेरिकी सैनिक मारे गए थे और कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए थे। अमेरिकी रक्षा अधिकारियों के अनुसार, ईरान के पास हमले के सटीक लोकेशन की जानकारी चीनी सैटेलाइट्स द्वारा मुहैया कराई गई खुफिया तस्वीरों से मिली थी।
हालांकि, वाशिंगटन ने सीधे तौर पर चीन सरकार को जिम्मेदार न ठहराते हुए चीन-आधारित कंपनियों पर यह संवेदनशील डेटा लीक करने का आरोप लगाया है, जिसके बाद अमेरिकी प्रशासन ने संबंधित कंपनियों पर प्रतिबंध लगाने की कार्रवाई भी शुरू की है।
ऑर्बिट में रहस्यमयी विखंडन और 'स्पेस वॉर' की आशंकाएं
सैटेलाइट डेटा शेयरिंग के आरोपों के बीच चीन का खुफिया निगरानी सैटेलाइट अचानक अपनी कक्षा में अस्वाभाविक गतिविधि दिखाते हुए विखंडित हो गया। अंतरराष्ट्रीय रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटना केवल एक सामान्य तकनीकी खराबी या ईंधन टैंक का विस्फोट नहीं हो सकती, बल्कि इसके पीछे किसी एंटी-सैटेलाइट (ASAT) हथियार या निर्देशित ऊर्जा हथियार का प्रयोग भी हो सकता है।
सैटेलाइट के इस तरह अचानक टूटने से अंतरिक्ष में भारी मात्रा में खतरनाक 'स्पेस मलबे' का जमावड़ा हो गया है, जिससे अन्य व्यावसायिक व सैन्य सैटेलाइट्स के लिए जोखिम बढ़ गया है।
अमेरिका-चीन संबंधों पर कूटनीतिक असर और चीन की सफाई
अमेरिकी विदेश विभाग और पेंटागन ने इस घटना को बेहद गंभीरता से लिया है और चीन से ऐसे संवेदनशील सैन्य डेटा के हस्तांतरण पर जवाब मांगा है। दूसरी ओर, चीन के विदेश मंत्रालय और वाशिंगटन स्थित चीनी दूतावास ने अमेरिकी आरोपों का खंडन करते हुए कहा है कि चीन का ईरान के साथ सभी प्रकार का सहयोग अंतरराष्ट्रीय नियमों के दायरे में है और अमेरिका बिना किसी पुख्ता सबूत के उस पर मनगढ़ंत आरोप लगा रहा है। बहरहाल, इस घटना ने अमेरिका और चीन के बीच पहले से जारी तनाव को अब धरती से निकालकर अंतरिक्ष तक पहुंचा दिया है।
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