Responsive Scrollable Menu

बेसिक सैलरी में DA मर्जर की मांग, कितनी बढ़ेगी केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी?

कई कर्मचारी संगठनों का कहना है कि जब महंगाई भत्ता यानी डीए 25 फीसदी तक पहुंच जाए, तो इसे बेसिक सैलरी में शामिल कर दिया जाना चाहिए। वहीं, कुछ कर्मचारी संगठन सालाना 6 से 7 फीसदी इंक्रीमेंट की मांग कर रहे हैं।

Continue reading on the app

स्कॉटलैंड-वेल्स और नॉर्दर्न आयरलैंड ने ब्रिटेन से आजादी मांगी:अलग होने पर पहली बार तीनों नेताओं की मीटिंग, कहा- लंदन हमें नहीं रोक सकता

स्कॉटलैंड, वेल्स और नॉर्दर्न आयरलैंड की आजादी की मांग करने वाली पार्टियों के नेता पहली बार एक साथ आए हैं। वेल्स की राजधानी कार्डिफ में हुई बैठक में तीनों ने कहा कि इन देशों के लोगों को अपना भविष्य खुद तय करने का अधिकार है। उन्होंने ब्रिटेन की संसद वेस्टमिंस्टर को संदेश दिया कि वह लोकतांत्रिक तरीके से आजादी की मांग को रोक नहीं सकती। तीनों पार्टियां अपने-अपने क्षेत्रों को ब्रिटेन से ज्यादा अधिकार देने और आगे चलकर अलग देश बनाने की मांग करती हैं। हालांकि, आजादी के लिए जनमत संग्रह कब और कैसे कराया जाए, इस पर तीनों की राय एक जैसी नहीं है। समझौते में कही गईं 8 अहम बातें ब्रिटेन से अलग होना इतना आसान क्यों नहीं? यूनाइटेड किंगडम चार हिस्सों से बना है- इंग्लैंड, स्कॉटलैंड, वेल्स और नॉर्दर्न आयरलैंड। स्कॉटलैंड, वेल्स और नॉर्दर्न आयरलैंड की अपनी संसद और सरकारें हैं। उन्हें कई मामलों में अपने फैसले लेने की ताकत मिली हुई है। लेकिन रक्षा और विदेश नीति जैसे बड़े मुद्दे अभी भी लंदन की सरकार के पास हैं। यह व्यवस्था अमेरिका या जर्मनी जैसी नहीं है, जहां केंद्र और राज्यों के अधिकार संविधान में साफ-साफ बांटे गए हैं। सबसे अहम बात यह है कि इन चारों में से कोई भी हिस्सा अपने दम पर ब्रिटेन से अलग होने का फैसला नहीं कर सकता। स्कॉटलैंड में पहले हो चुका है आजादी पर जनमत संग्रह स्कॉटलैंड में ब्रिटेन से अलग होने को लेकर 2014 में जनमत संग्रह हो चुका है। यह जनमत संग्रह वेस्टमिंस्टर की मंजूरी के बाद कराया गया था। इसमें लोगों से पूछा गया था कि क्या स्कॉटलैंड को ब्रिटेन से अलग होकर स्वतंत्र देश बनना चाहिए। नतीजे में 55% लोगों ने आजादी के खिलाफ और 45% ने इसके पक्ष में वोट दिया था। वेल्स में स्थिति अलग है। वहां की संसद सेनेड अपने दम पर आजादी के लिए जनमत संग्रह नहीं करा सकती। नॉर्दर्न आयरलैंड के लिए नियम कुछ अलग हैं। 1998 के गुड फ्राइडे समझौते के तहत अगर ब्रिटेन के नॉर्दर्न आयरलैंड सचिव को लगता है कि वहां बहुमत लोग आयरलैंड के साथ जुड़ने के पक्ष में वोट कर सकते हैं, तो ब्रिटिश सरकार को जनमत संग्रह कराना होगा। आजादी के समर्थन में कितने लोग हैं? हाल के कुछ सर्वे बताते हैं कि तीनों जगह ब्रिटेन की मौजूदा व्यवस्था बदलने की मांग को समर्थन मिल रहा है। हालांकि, तीनों जगह स्थिति अलग-अलग है। सर्वेशन के एक सर्वे में स्कॉटलैंड में 47% लोगों ने आजादी का समर्थन किया। लिवरपूल यूनिवर्सिटी के एक सर्वे में नॉर्दर्न आयरलैंड में 36% लोगों ने आयरलैंड के साथ जुड़ने के पक्ष में वोट करने की बात कही। वेल्स में सर्वेशन के सर्वे के मुताबिक 32% लोग आजादी के समर्थन में हैं। लेकिन इन आंकड़ों को तीनों देशों में एक जैसी स्थिति नहीं माना जा सकता। कार्डिफ यूनिवर्सिटी की लॉरा मैकएलिस्टर के मुताबिक, वेल्स की प्लेड कमरी पार्टी ने चुनाव के दौरान आजादी के मुद्दे पर ज्यादा जोर नहीं दिया था। वहीं, स्कॉटलैंड में आजादी का मुद्दा काफी बड़ा है और नॉर्दर्न आयरलैंड में इसका पूरा संदर्भ अलग है। ऐसे में कार्डिफ की यह बैठक इसलिए अहम है क्योंकि स्कॉटलैंड, वेल्स और नॉर्दर्न आयरलैंड की आजादी समर्थक पार्टियां पहली बार एक साथ आकर ब्रिटेन के भविष्य पर अपनी बात रख रही हैं। तीनों का कहना है कि आखिर में अपने भविष्य का फैसला करने का अधिकार इन देशों के लोगों के पास होना चाहिए।

Continue reading on the app

  Sports

ICC T20I Rankings: एशिया कप जीतने के बाद चमकीं भारतीय खिलाड़ी, दीप्ति शर्मा ने लगाई लंबी छलांग, शैफाली को भी फायदा

ICC T20I Rankings: भारत की महिला क्रिकेट टीम ने एशिया कप में शानदार प्रदर्शन करते हुए खिताब अपने नाम किया। अच्छे प्रदर्शन का असर ICC की ताजा T20I रैंकिंग में भी देखने को मिला है। भारतीय ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा ने गेंदबाजों की रैंकिंग में चार पायदान की छलांग लगाकर दूसरा स्थान हासिल कर लिया है। वहीं, विस्फोटक बल्लेबाज शैफाली वर्मा एक स्थान चढ़कर छठे पायदान पर पहुंच गई हैं।

एशिया कप में दीप्ति शर्मा भारत की सबसे सफल गेंदबाज रहीं। उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में 14 विकेट अपने नाम किए और सबसे ज्यादा विकेट लेने वाली गेंदबाज बनीं। उनके इस शानदार प्रदर्शन ने रैंकिंग में भी बड़ा फायदा पहुंचाया है।

गेंदबाजों की रैंकिंग में भारत की ही बाएं हाथ की स्पिनर एन श्री चरानी शीर्ष पर बनी हुई हैं। चरानी ने अपने करियर की सर्वश्रेष्ठ 804 रेटिंग पॉइंट्स हासिल कर लिए हैं। यह किसी भारतीय महिला गेंदबाज के सबसे ज्यादा रेटिंग पॉइंट्स हैं। उन्होंने 2011 में मिताली राज के 780 पॉइंट्स के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है। चरानी अब मेगन शट के ऑलटाइम रिकॉर्ड से सिर्फ दो पॉइंट पीछे हैं। शट ने 2018 में 806 पॉइंट्स हासिल किए थे।

बल्लेबाजों की रैंकिंग में भी शैफाली वर्मा को फायदा हुआ है। एशिया कप में उन्होंने बल्ले से जमकर रन बरसाए और 236 रन बनाए। इस दौरान उनके बल्ले से तीन अर्धशतक निकले। शैफाली ने पूरे टूर्नामेंट में 171.01 के शानदार स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी की।

शैफाली अब T20I बल्लेबाजों की रैंकिंग में छठे स्थान पर हैं। पांचवें नंबर पर मौजूद भारत की उपकप्तान स्मृति मंधाना और शैफाली के बीच सिर्फ चार रेटिंग पॉइंट्स का अंतर है। ऐसे में आने वाले मुकाबलों में शैफाली के पास मंधाना को पीछे छोड़ने का मौका भी होगा।

भारत ने रविवार को दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में श्रीलंका को 72 रन से हराकर एशिया कप का खिताब जीता। यह भारत का आठवां एशिया कप खिताब है।

वहीं, श्रीलंका की कप्तान चमारी अटापट्टू ने भी रैंकिंग में अपनी स्थिति मजबूत की है। इंडोनेशिया के खिलाफ उन्होंने सिर्फ पांच रन देकर सात विकेट चटकाए थे। वह T20I ऑलराउंडर्स की रैंकिंग में तीसरे स्थान पर बनी हुई हैं, जबकि गेंदबाजों की रैंकिंग में 27वें नंबर पर पहुंच गई हैं।

Tue, 15 Sep 2026 17:55:53 +0530

  Videos
See all

वाटरफॉल पर परिवार के ऊपर गिरा जब एक सांप #tmktech #vivo #v29pro
2026-09-15T12:45:21+00:00

Pakistan News LIVE | Jinping ने Pak के साथ किया खेला? Shehbaz-Munir हैरान! | Brics 2026 | PM Modi #tmktech #vivo #v29pro
2026-09-15T12:38:42+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers