स्वतंत्र भारद्वाज को बड़ी राहत, कोर्ट से 3 हफ्ते की मिली Interim Bail
दिल्ली की एक अदालत ने 'राइट-विंग इन्फ्लुएंसर' स्वतंत्र भारद्वाज को तीन हफ़्ते की अंतरिम ज़मानत दे दी है। उन पर जुलाई में दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान 'कॉकरोच जनता पार्टी' के एक कार्यकर्ता के पिता के साथ कथित मारपीट का आरोप है। यह आदेश एडिशनल सेशंस जज सौरभ प्रताप सिंह ललेर ने सुनाया। भारद्वाज को 50,000 रुपये के ज़मानती बॉन्ड और उतनी ही राशि की ज़मानत पर अंतरिम राहत दी गई।
यह मामला SC/ST एक्ट के तहत दर्ज किया गया है। 21 साल के इस युवक को पिछले हफ़्ते 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। इस इन्फ्लुएंसर को इस महीने की शुरुआत में बुलंदशहर में हिरासत में लिया गया था। यह कार्रवाई CJP द्वारा कथित हमले के मामले में उसकी गिरफ़्तारी की मांग को लेकर पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन के बाहर विरोध प्रदर्शन करने के कुछ घंटों बाद की गई थी।
उसे हिरासत में लेने का फ़ैसला एक इंटरव्यू को लेकर मचे हंगामे के बीच लिया गया। इस इंटरव्यू में भारद्वाज ने दावा किया था कि उसने विरोध प्रदर्शन के दौरान स्टूडेंट एक्टिविस्ट के पिता का "सिर फोड़ दिया था" और अपने राजनीतिक संपर्कों की वजह से गिरफ़्तारी से बच निकला था। बाद में उन्होंने दावा किया कि उन्होंने आत्मरक्षा में ऐसा किया था। दिल्ली पुलिस ने पहले कहा था कि छात्र एक्टिविस्ट के पिता को लगी चोटें मामूली थीं।
Karnataka में कम बारिश पर राजनीति न करें दल, DK Shivakumar ने किसानों को दिया मदद का भरोसा
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने मंगलवार को राजनीतिक दलों से अपील की कि वे कम बारिश के मुद्दे पर राजनीतिक विरोध-प्रदर्शन न करें और न ही ग्रामीण आबादी के बीच घबराहट फैलाएं। किसानों को भरोसा दिलाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार इस संकट के समय में उनकी मदद करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि खेती से जुड़ी बढ़ती चुनौतियों से निपटने के लिए ही मंगलुरु में कैबिनेट की बैठक बुलाई गई थी। उन्होंने कहा कि बारिश बहुत तेज़ी से कम हो रही है। मैं विधायकों से अपील करता हूं कि वे घबराएं नहीं। राजनीतिक विरोध-प्रदर्शन करने की कोई ज़रूरत नहीं है। सरकार इस मामले को लेकर बहुत ज़्यादा चिंतित है। मैंने किसानों के मुद्दे पर एक विशेष सत्र बुलाया और मंगलुरु में ही कैबिनेट की बैठक की।
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इसके अलावा, शिवकुमार ने मशहूर इंजीनियर सर एम. विश्वेश्वरैया को श्रद्धांजलि देकर इंजीनियर्स डे मनाया और घोषणा की कि राज्य सरकार अब से हर साल आधिकारिक तौर पर यह दिन मनाएगी। उन्होंने कहा कि आज इंजीनियर्स डे मनाया जा रहा है। मैं सरकार की ओर से सर एम. विश्वेश्वरैया को श्रद्धांजलि दे रहा हूं। इंजीनियर इस देश की बड़ी संपत्ति हैं, वैज्ञानिक रिसर्च कर रहे हैं और हमारे सभी इंजीनियर मेहनती हैं। सर एम. विश्वेश्वरैया इस देश के लिए एक बेहतरीन रोल मॉडल हैं। हमारे राज्य में उनका योगदान बहुत बड़ा है। उन्होंने खुद मांग की थी कि सरकार को इंजीनियर्स डे मनाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने बताया कि कर्नाटक में हर साल एक लाख से ज़्यादा इंजीनियर तैयार होते हैं, जो भारत में सबसे ज़्यादा है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि इंजीनियरिंग समुदाय के सम्मान में पूरे राज्य में इंजीनियर्स डे को मान्यता देने वाला सरकारी आदेश तुरंत जारी किया जा रहा है।
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उन्होंने कहा कि हमारे राज्य में हर साल एक लाख से ज़्यादा इंजीनियर तैयार हो रहे हैं। अगर भारत में इंजीनियरों की संख्या की बात करें, तो हम सभी जानते हैं कि हमारे राज्य में सबसे ज़्यादा इंजीनियर हैं। इसलिए, उन्हें सम्मान देना मेरा फ़र्ज़ है। मैंने तय किया है कि सरकार इस दिन को 'इंजीनियर्स डे' के तौर पर मनाएगी। मैं आज ही इसका आदेश जारी कर रहा हूँ। राज्य भर के सभी इंजीनियरों को इस बात का ध्यान रखना चाहिए। आपको सम्मान देना हमारा फ़र्ज़ है।
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