गाजियाबाद पुलिस पर FIR के लिए Supreme Court पहुंचे पूर्व मेयर, याचिका खारिज
उच्चतम न्यायालय ने गाजियाबाद पुलिस के अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के अनुरोध वाली दिल्ली के पूर्व महापौर फरहाद सूरी की याचिका पर मंगलवार को विचार करने से इनकार कर दिया। याचिका में सूरी ने एक आपराधिक मामले के सिलसिले में एक पत्रकार की तलाश में दिल्ली स्थित अपने आवास पर ‘‘अवैध’’ छापेमारी का आरोप लगाया था। प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने सूरी को सीधे शीर्ष अदालत का रुख करने के लिए संविधान के अनुच्छेद 32 का सहारा लेने के बजाय प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए दिल्ली पुलिस से संपर्क करने का निर्देश दिया।
पीठ ने अपने आदेश में कहा, ‘‘उत्तर प्रदेश पुलिस के अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का अनुरोध याचिकाकर्ता द्वारा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 175(3) के तहत संबंधित थाने का रुख करने पर उचित तरीके से निपटाया जा सकता है। हमें इस बात पर संदेह करने का कोई कारण नहीं है कि सक्षम पुलिस कानून के मुताबिक सख्ती से कार्रवाई नहीं करेगी।’’ सूरी ने आरोप लगाया था कि 22 और 23 अगस्त की मध्यरात्रि को गाजियाबाद पुलिस के अधिकारियों का एक बड़ा दल सड़क पर वाहन चलाने को लेकर हुए विवाद के एक मामले में आरोपी पत्रकार अभिषेक उपाध्याय की तलाश में बिना वारंट के दिल्ली स्थित उनके आवास में दाखिल हुआ था। सूरी की ओर से पेश अधिवक्ता अनूप प्रकाश अवस्थी ने पक्ष रखा।
पीठ ने अंतरराज्यीय पुलिस छापेमारी को नियंत्रित करने के लिए दिशा-निर्देश जारी करने के अनुरोध वाली सूरी की अन्य याचिका पर भी विचार करने से इनकार कर दिया। उत्तर प्रदेश सरकार के वकील ने याचिका का विरोध करते हुए कहा कि सूरी बीएनएसएस के तहत उपलब्ध कानूनी उपायों का इस्तेमाल किए बिना प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत सीधे शीर्ष अदालत का रुख नहीं कर सकते। सरकार के विधि अधिकारी ने पुलिस की छापेमारी को अवैध बताए जाने का भी विरोध किया।
उन्होंने कहा, ‘‘हम एक व्यक्ति को गिरफ्तार करने की कोशिश कर रहे थे। सामान्य डायरी (जीडी) में इसकी उचित प्रविष्टि मौजूद थी। पुलिस अधिकारियों ने केवल यह पता लगाने के लिए उस व्यक्ति के घर की घंटी बजाई कि क्या वह (उपाध्याय) वहां मौजूद था।
जब उन्होंने (सूरी) मना किया तो हम वहां से चले आए। हम उनके घर में दाखिल भी नहीं हुए।’’ सूरी के वकील ने राज्य सरकार की दलीलों का विरोध करते हुए आरोप लगाया कि अधिकारियों के बड़े दल करीब 15 पुलिस वाहनों में याचिकाकर्ता के आवास पर पहुंचे थे। उन्होंने यह भी दावा किया कि सामान्य डायरी में प्रविष्टि कथित छापेमारी के बाद दर्ज की गई थी।
उपाध्याय सड़क पर वाहन चलाने को लेकर हुए एक कथित विवाद के संबंध में गाजियाबाद पुलिस द्वारा दर्ज प्राथमिकी का सामना कर रहे हैं।
Periods से पहले के हर बदलाव को सामान्य PMS न समझें, ये हैं गंभीर Warning Signs
गौरतलब है कि पीरियड्स आने से पहले महिलाओं के शरीर और मूड में काफी बदलाव देखने को मिलते हैं। कुछ महिलाओं में पीरियड की डेट से कुछ दिन पहले होने लगता है। वहीं, कुछ महिलाओं को ये लक्षण 1-2 हफ्ते पहले से महसूस हो सकते हैं।
इसे PMS (प्रीमेंस्ट्रूअल सिंड्रोम) कहा जाता है, लेकिन ये किसी स्वास्थ्य समस्या की तरफ इशारा करती हैं। आइए आपको बताते हैं इस दौरान किन Warning Signs को बिल्कुल नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
क्या होते हैं PMS के सामान्य लक्षण?
- दरअसल, PMS के लक्षण खासतौर पर पीरियड्स शुरु होने से करीब एक-दो हफ्ते पहले दिखाई दे सकते हैं और पीरियड्स शुरु होने के बाद कम होने लगते हैं। वैसे इसके लक्षण काफी सामान्य है, जैसे कि पेट फूलना, हल्का पेट दर्द, सिरदर्द, ब्रेस्ट पेन या सेंसिटिविटी, थकान, नींद में बदलाव और मूड स्विंग्स शामिल हैं।
- इस दौरान कुछ महिलाओं को मीठा या नमकीन खाने की अधिक इच्छा होती है। यदि इसके लक्षण हर महीने आपको समान नजर आ रहे हैं और पीरियड्स शुरु होने के बाद ठीक हो जाते हैं, तो आपको इनके लिए परेशान होने की कोई जरुरत नहीं है।
किन Warning Signs को नहीं करना चाहिए नजरअंदाज?
- अगर आपको पीरियड्स से काफी पहले बहुत ही ज्यादा मूड स्विंग्स होता है, कई बार आपके लिए अपने इमोशंस पर कंट्रोल करना भी काफी मुश्किल होता है और आप रोजमर्रा के कामों को करने में भी परेशानी महसूस हो सकती है, तो इसे PMS मानकर सहना भी ठीक नहीं है।
- यदि आपको बहुत ही तेज या लगातार पेल्विक दर्दएंडोमेट्रियोसिस, फाइब्रॉइड या किसी अन्य हेल्थ कंडीशन से संबंधित माना गया है।
- हर महीने में पीरियड्स से पहले बहुत ज्यादा गुस्सा, एंग्जायटी या डिप्रेशन महसूस हो, तो इनके लिए एक्सपर्ट की सलाह लेनी चाहिए।
- यदि आपको पीरियड से पहले ब्रेस्ट में कोई गांठ नजर आए, तो बाद में न हो, तो इसे भी नजरअंदाज न करें।
ध्यान दें कि यह लक्षण आपको बार-बार नजर आ रहे हैं, तो डॉक्टर को एक बार जरुर दिखाएं।
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