Responsive Scrollable Menu

PM आवास पर विजय शर्मा VS भूपेश बघेल : रायपुर प्रेस क्लब में हो रही महाबहस, देखिए LIVE

रायपुर। छत्तीसगढ़ की सियासत में PM आवास योजना को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच चल रही बयानबाजी अब आमने-सामने की बहस तक पहुंच गई है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के बीच रायपुर प्रेस क्लब में आमने-सामने बहस हो रही है। 

विजय शर्मा ने दी थी खुली बहस की चुनौती
PM आवास योजना को लेकर कांग्रेस लगातार भाजपा सरकार पर सवाल उठाती रही है। वहीं, भाजपा सरकार ने सत्ता संभालने के बाद प्रदेश में 18 लाख PM आवास बनाने का ऐलान किया था। इसी मुद्दे पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सरकार पर लगातार आरोप लगाते रहे हैं। पिछले दिनों उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने भूपेश बघेल को PM आवास के मुद्दे पर खुली बहस की चुनौती दी थी। उन्होंने कहा था कि वे इस मुद्दे पर भूपेश बघेल से कहीं भी चर्चा के लिए तैयार हैं। बहस का मंच और विषय तय करने की जिम्मेदारी उन्होंने प्रेस क्लब पर छोड़ दी थी।

भूपेश बघेल ने स्वीकार की चुनौती
विजय शर्मा की चुनौती को पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने स्वीकार कर लिया। उन्होंने कहा था कि 15 सितंबर को रायपुर प्रेस क्लब में PM आवास के मुद्दे पर बहस के लिए वे तैयार हैं। बघेल ने यह भी कहा कि वे ही नहीं, बल्कि सभी कांग्रेसी इस बहस के लिए तैयार हैं। अब दोनों नेताओं के प्रेस क्लब पहुंचने के साथ ही यह सियासी मुद्दा सीधे आमने-सामने की बहस में बदलने जा रहा है। विजय शर्मा ने जारी किए PM आवास के आंकड़े
बहस से पहले उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा की ओर से PM आवास योजना से जुड़े आंकड़े जारी किए गए हैं। जारी दस्तावेज के अनुसार, 18 लाख आवासों के लक्ष्य से जुड़े विभिन्न घटकों में कुल 18,12,742 आवास शामिल हैं। आंकड़ों के मुताबिक, नई सरकार के गठन के बाद 13,17,352 आवास स्वीकृत किए गए हैं, जबकि 11,51,431 आवास पूर्ण हो चुके हैं।

अधूरे आवासों को लेकर भी दिए आंकड़े
दस्तावेज के अनुसार, वर्ष 2016 से 2023 तक शेष बचे अधूरे आवासों की संख्या 2,46,215 थी। इनमें से 1,95,441 आवास पूर्ण किए गए हैं। वहीं, स्थायी प्रतीक्षा सूची में शामिल परिवारों के लिए 6,99,438 आवास का विवरण दिया गया है। इनमें से 5,86,788 आवास नई सरकार के गठन के बाद स्वीकृत हुए और 4,69,782 आवास पूर्ण किए जा चुके हैं। इसके अलावा दस्तावेज में आवास प्लस के तहत 8,19,999 परिवार और मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत 47,090 आवास का भी उल्लेख किया गया है।

प्रेस क्लब में सुरक्षा के कड़े इंतजाम
दोनों नेताओं के आमने-सामने होने को लेकर रायपुर प्रेस क्लब में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। प्रेस क्लब परिसर में पुलिस बल तैनात किया गया है। इसके अलावा आसपास के क्षेत्र में भी पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके। आज होने वाली बहस में दोनों पक्ष PM आवास योजना से जुड़े अपने-अपने आंकड़े और दावे सामने रख सकते हैं। ऐसे में बहस के दौरान किसके आंकड़े भारी पड़ते हैं और दोनों नेता एक-दूसरे के आरोपों का किस तरह जवाब देते हैं, इस पर राजनीतिक गलियारों की नजर रहेगी।

Continue reading on the app

What Is Kishau Project: 6 राज्यों के बीच ऐतिहासिक समझौता; होगा उत्तर भारत के जल और ऊर्जा संकट का स्थायी समाधान

उत्तरी राज्यों में बढ़ती पानी और बिजली की मांग को पूरा करने के लिए केंद्र सरकार की पहल पर किशाऊ बहुउद्देशीय बांध परियोजना को धरातल पर उतारने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। लगभग 15,000 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली यह राष्ट्रीय परियोजना यमुना की सबसे बड़ी सहायक नदी 'टोंस' पर निर्मित की जाएगी।

यह प्रोजेक्ट पीने के पानी की किल्लत दूर करने, सिंचाई का दायरा बढ़ाने, पर्यावरण-अनुकूल बिजली पैदा करने और यमुना नदी के पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के लिए अंतर-राज्यीय समन्वय का एक अनूठा मॉडल बनकर उभरा है।

प्रोजेक्ट का स्थान और निर्माण संबंधी विशेषताएं
यह विशालकाय परियोजना उत्तराखंड के देहरादून जिले और हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले की सीमा पर बहने वाली टोंस नदी पर आकार लेगी। परियोजना के मुख्य ढांचे के रूप में टोंस नदी पर 236 मीटर ऊंचा कंक्रीट ग्रेविटी बांध बनाया जाएगा, जो जल संरक्षण की दृष्टि से बेहद मजबूत होगा।

इस विशाल बांध के पीछे एक विशाल जलाशय तैयार होगा, जिसमें 1,324 मिलियन क्यूबिक मीटर (MCM) पानी का जीवंत भंडारण किया जा सकेगा। यह जल संचय मानसूनी बारिश के पानी को सहेजकर साल भर इस्तेमाल में लाने की सुविधा देगा।

बिजली उत्पादन और ऊर्जा सुरक्षा
किशाऊ बांध केवल पानी के संचय तक सीमित नहीं है, बल्कि यह क्षेत्र के लिए स्वच्छ ऊर्जा का एक बड़ा केंद्र भी बनेगा। बांध स्थल पर 660 मेगावॉट की कुल क्षमता वाला एक भूमिगत जलविद्युत गृह स्थापित किया जाएगा, जिसमें 165 मेगावॉट की 4 बिजली उत्पादन इकाइयां शामिल होंगी।

इस जलविद्युत संयंत्र से हर साल लगभग 1,379 मिलियन यूनिट पर्यावरण-अनुकूल बिजली का उत्पादन होगा। उत्पादित बिजली से उत्तरी ग्रिड को मजबूती मिलेगी और गर्मियों में बिजली की बढ़ती मांग को पूरा करने में काफी मदद मिलेगी।

फंडिंग शेयरिंग और राज्यों के बीच समझौता
किशाऊ परियोजना को केंद्र सरकार द्वारा 'राष्ट्रीय परियोजना' घोषित किया गया है, जिसके चलते इसके वित्तीय ढांचे को काफी व्यावहारिक बनाया गया है। प्रोजेक्ट के 'जल घटक'  की कुल लागत का 90 प्रतिशत हिस्सा केंद्र सरकार द्वारा अनुदान के रूप में वहन किया जाएगा, जबकि शेष 10 प्रतिशत लागत सभी 6 लाभार्थी राज्यों (हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान) के बीच बांटी जाएगी।

वहीं, 'पावर कॉम्पोनेंट' का खर्च मुख्य रूप से हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड वहन करेंगे, जिसमें अतिरिक्त पानी प्राप्त करने वाले दिल्ली और राजस्थान जैसे राज्य भी वित्तीय योगदान देंगे।

यमुना का पुनरुद्धार और पेयजल आपूर्ति
गर्मी और गैर-मानसून के महीनों में यमुना नदी में पानी का प्रवाह बेहद कम हो जाता है, जिससे उसमें प्रदूषण का स्तर खतरनाक सीमा तक पहुंच जाता है। किशाऊ बांध में जमा पानी को शुष्क मौसम के दौरान नियंत्रित तरीके से यमुना नदी में छोड़ा जाएगा, जिससे नदी में न्यूनतम जल प्रवाह बना रहेगा और उसमें ऑक्सीजन का स्तर सुधरेगा।

इसके अतिरिक्त, इस परियोजना से दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और राजस्थान के कई शहरी क्षेत्रों को कुल 617 MCM अतिरिक्त शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे राजधानी और आसपास के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में जल संकट का स्थायी समाधान हो सकेगा।

कृषि क्षेत्र और सिंचाई क्षमता का विस्तार
उत्तरी भारत की कृषि प्रधान अर्थव्यवस्था के लिए यह परियोजना अत्यधिक लाभदायक साबित होगी। किशाऊ प्रोजेक्ट के पूर्ण चालू होने पर उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान के मैदानी इलाकों में 97,076 हेक्टेयर अतिरिक्त कृषि भूमि को सुनिश्चित और निर्बाध सिंचाई की सुविधा प्राप्त होगी।

नहरी नेटवर्क के माध्यम से खेतों तक पानी पहुंचने से फसलों की पैदावार में वृद्धि होगी, किसानों की आय बढ़ेगी और अत्यधिक ट्यूबवेल पंपिंग के कारण पाताल में जा रहे भूजल स्तर पर निर्भरता में काफी कमी आएगी।

Continue reading on the app

  Sports

0,0,0,0,0,0… जसप्रीत बुमराह ने पहली बार किया ये कारनामा, बना दिया वर्ल्ड रिकॉर्ड

IND vs AFG 2nd T20I: जसप्रीत बुमराह ने अफगानिस्तान के खिलाफ दूसरे टी20 मैच की शुरुआत मेडन ओवर के साथ की. इसी के साथ उन्होंने एक बड़ा वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया. Tue, 15 Sep 2026 19:51:59 +0530

  Videos
See all

UPI Charges Controversy: UPI कंट्रोवर्सी पर रत्नाकर त्रिपाठी को एंकर ने दिया करारा जवाब! #tmktech #vivo #v29pro
2026-09-15T14:40:49+00:00

गणपति महोत्सव के दूसरे दिन भक्ति और उत्साह से सजा पूरा प्रांगण #ganeshchaturthi #sudarshancharaja #tmktech #vivo #v29pro
2026-09-15T14:43:31+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers