Gold Price 15 September : सोने में आई गिरावट, जानिए मंगलवार का भोपाल-इंदौर का 24K, 22K और 18K गोल्ड का लेटेस्ट रेट
फेस्टिवल सीजन से पहले सोने-चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव का क्रम जारी है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर 24 कैरेट शुद्ध सोने का भाव गिरकर 1,52,560 रुपये प्रति 10 ग्राम पर दर्ज किया गया है, वहीं चांदी का रेट 2,31,777 रुपये प्रति किलो के आसपास चल रहा है।
इंडियन बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) पर 24 कैरेट सोने का भाव करीब 1.53 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी करीब 2.34 लाख रुपये प्रति किलो पर बना हुआ है। गुडरिटर्न्स पर 24 कैरेट सोने का भाव 1,53,320 रुपये प्रति 10 ग्राम पर दर्ज किया गया है, वहीं चांदी की कीमत 2,45,000 रुपये प्रति किलो पर बनी हुई है।
भोपाल-इंदौर का सोने-चांदी का ताजा भाव
भोपाल और इंदौर में 24 कैरेट सोने का भाव 1,52,220 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास चल रहा है। गहने बनाने में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला 22 कैरेट सोने का भाव 1,40,450 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बना हुआ है। 18 कैरेट सोने की कीमत 1,14,930 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गई है। चांदी का भाव 2,44,900 रुपये प्रति किलो के आसपास बना हुआ है।
दिल्ली-लखनऊ समेत बड़े शहरों में क्या है रेट?
दिल्ली, जयपुर, चंडीगढ़ और लखनऊ जैसे शहरों में 24 कैरेट सोने का भाव 1,53,320 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास है। 22 कैरेट सोना 1,40,550 रुपये और 18 कैरेट सोना 1,15,030 रुपये प्रति 10 ग्राम के करीब चल रहा है।
मुंबई, पुणे, नागपुर, जयपुर, दिल्ली और लखनऊ में चांदी का भाव करीब 2,44,900 रुपये प्रति किलो है। वहीं चेन्नई, हैदराबाद, विजयवाड़ा, विशाखापत्तनम और केरल में एक किलो चांदी की कीमत करीब 2,49,900 रुपये बताई जा रही है।
अमेरिकी केंद्रीय बैंक की नीतिगत बैठक (FOMC) से पहले निवेशक सतर्क हैं, जिसका असर बुलियन मार्केट पर देखने को मिल रहा है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व बैंक द्वारा ब्याज दरों में वृद्धि करने की आशंकाओं से कीमती धातुओं पर दबाव बढ़ रहा है। अमेरिकी डॉलर इंडेक्स और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में जारी उतार चढ़ाव के कारण भी सोने-चांदी की कीमतें प्रभावित हुई हैं।
इसके अलावा कच्चे तेल की कीमतों में भी तेजी बनी हुई है जिससे एक बार फिर वैश्विक स्तर पर महंगाई का खतरा मंडराने लगा है। महंगे क्रूड ऑयल और मजबूत डॉलर के दोहरे दबाव में भारतीय रुपया कमजोर होकर ₹95.95 के स्तर पर आ गया है। वहीं डॉलर इंडेक्स मजबूत होकर 99.60 के स्तर पर पहुंच गया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गोल्ड रेट 4,350 डॉलर प्रति औन्स और सिल्वर रेट 64.015 डॉलर प्रति औन्स के आसपास बना हुआ है।
बाजार विश्लेषकों का मानना है कि अमेरिका-ईरान तनाव और अमेरिकी फेड रिजर्व के नीतिगत फैसलों तक बाजारों में अस्थिरता बनी रहेगी। निवेशकों को मौजूदा दरों पर एकमुश्त खरीदारी के बजाय गिरावट पर किश्तों में (SIP रूप में) निवेश करने की सलाह दी जा रही है।
काम की बातें
शनिवार, रविवार और केंद्र सरकार द्वारा घोषित अवकाश के दिनों में नए भाव जारी नहीं किए जाते हैं, इस दौरान बाजार बंद रहता है। शुक्रवार शाम को बंद हुए रेट ही शनिवार-रविवार को मान्य होते हैं। सोना खरीदते समय हमेशा BIS हॉलमार्क और HUID कोड जरूर जांचें। हॉलमार्क के निशान में BIS लोगो, कैरेट/शुद्धता, HUID नंबर और सेंटर मार्क होता है।
24 कैरेट सोने के आभूषण पर 999, 22 कैरेट पर 916 और 18 कैरेट पर 750 लिखा होता है। 24 कैरेट गोल्ड 99.9% शुद्ध होता है और 22 कैरेट में 91.6% शुद्धता ( 8.4% अन्य धातु जैसे तांबा, चांदी, जिंक) होती है।
नोट- ऊपर दी गई सोने-चांदी की कीमतों में जीएसटी, टीसीएस और मेकिंग चार्ज जैसे अन्य शुल्क शामिल नहीं हैं, इसलिए शोरूम या स्थानीय बाजार से आभूषण खरीदते समय कीमतों में अंतर देखने को मिल सकता है। सटीक दरों के लिए अपने स्थानीय जौहरी या ज्वैलर्स शॉप से संपर्क करें।
नर्मदापुरम में 25 दिनों से चल रहा आदिवासियों का धरना, जमीन का पट्टा और मुआवजा सहित ये है प्रमुख मांग
मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम में अपनी जमीन छीनकर विस्थापितों को देने के विरोध में आदिवासी समाज पिछले 25 दिनों से अनिश्चितकालीन धरने पर बैठा हुआ है। अब दूसरे संगठन भी इस आंदोलन को अपना समर्थन देते नजर आए। मंगलवार यानी आज धरना स्थल पर आमसभा का आयोजन किया जाने वाला है।
जानकारी के मुताबिक आदिवासियों के इस धरने को समर्थन देने के लिए राष्ट्रीय क्रांति मोर्चा, ग्रामीण मजदूर संघ, जयस और गोंडवाना समग्र क्रांति जैसे संगठन आगे आए हैं। आम सभा के जरिए यह सभी संगठन एकत्रित होंगे और आंदोलन को किस तरह से आगे बढ़ाया जाए इस पर चर्चा करेंगे।
क्या है आरोप
धरना दे रहे आदिवासी परिवारों का कहना है कि वह 25 सालों से सरकारी जमीन पर रहकर खेती कर रहे थे। लेकिन जब प्रशासन ने विस्थापित आदिवासियों को जमीन आवंटित की तब उनकी खड़ी मूंग की फसल पर जेसीबी चला दी गई। जमीन से उनका कब्जा भी छीन लिया गया और नुकसान की क्षतिपूर्ति भी नहीं की गई। उन्हें मुआवजा और न्याय दोनों मिलना चाहिए। आदिवासियों का ये भी आरोप की लगभग डेढ़ साल से वो प्रशासन से अपनी मांगों को लेकर गुहार लगा रहे हैं लेकिन अब तक किसी भी तरह के ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
क्या है प्रमुख मांग
धरना दे रहे इन आदिवासियों की मांग है कि डागरपुरा और खाखरापुरा क्षेत्र के जिन परिवारों से जमीन का कब्जा हटाया गया है उन्हें पट्टा दिया जाए। जिन्हें पट्टा नहीं दिया जा रहा है, उन्हें मुआवजा उपलब्ध करवाया जाए। इसके अलावा आदिवासी फसल क्षति का मुआवजा भी मांग रहे हैं। उनका कहना है की जेसीबी से उनकी खड़ी फसलें को नष्ट कर दिया गया था, जिसकी क्षतिपूर्ति परिवारों को दी जानी चाहिए।
गुजरवाड़ और मनवाड़ा क्षेत्रों की जिन कृषि भूमियों पर आदिवासी परिवारों का आधिपत्य दिखाया गया है, उन्हें कब्जे से मुक्त कराने की मांग भी की गई है। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि उनके क्षेत्र में लंबे समय से चली आ रही बिजली और सड़क की समस्या का समाधान किया जाए।
25 दिन से चल रहा धरना
बता दें कि आंदोलनकारी 22 अगस्त से टेंट लगाकर धरना दे रहे हैं। अब तक सुनवाई करने के लिए कोई नहीं पहुंचा है। अगर उनकी मांगों को इसी तरह से अनदेखा किया गया तो आज होने वाली आमसभा में चक्का जाम, पुतला दहन और आंदोलन के घोषणा की जा सकती है।
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