Multani Mitti Uses: चेहरे का ग्लो बढ़ाने के लिए मुल्तानी मिट्टी लगाते हैं? इस तरीके से करें यूज, वरना स्किन हो सकती है ड्राई
Multani Mitti Uses: चेहरे की अतिरिक्त ऑयलनेस और चिपचिपाहट से परेशान लोग अक्सर मुल्तानी मिट्टी का इस्तेमाल करते हैं। यह त्वचा को कुछ समय के लिए साफ, फ्रेश और मैट लुक देने में मदद कर सकती है। यही वजह है कि घरेलू स्किन केयर में मुल्तानी मिट्टी का इस्तेमाल लंबे समय से किया जाता रहा है।
लेकिन हर बार चेहरे पर मुल्तानी मिट्टी लगाना या इसे त्वचा पर पूरी तरह सूखने तक छोड़ देना सही तरीका नहीं है। जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल त्वचा की नमी कम कर सकता है, जिससे ड्राईनेस, खिंचाव और जलन महसूस हो सकती है। लंबे समय तक त्वचा में नमी की कमी रहने पर महीन रेखाएं और झुर्रियां ज्यादा नजर आ सकती हैं। इसलिए ग्लो पाने के लिए मुल्तानी मिट्टी का इस्तेमाल सही तरीके से करना जरूरी है।
ऑयली स्किन वालों के लिए हो सकती है फायदेमंद
मुल्तानी मिट्टी ऑयली त्वचा पर अतिरिक्त तेल और गंदगी को हटाने में मदद कर सकती है। इससे चेहरा कुछ समय के लिए साफ और कम ऑयली दिखाई देता है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं कि इसे रोजाना चेहरे पर लगाया जाए। त्वचा की जरूरत के हिसाब से ही इसका इस्तेमाल करना बेहतर है।
पूरी तरह सूखने तक न छोड़ें
मुल्तानी मिट्टी लगाने की सबसे आम गलती है इसे चेहरे पर तब तक छोड़ना, जब तक यह पूरी तरह सूखकर खिंचने न लगे। इससे त्वचा में रूखापन और खिंचाव बढ़ सकता है। खासकर ड्राई या संवेदनशील त्वचा वाले लोगों को इस तरीके से बचना चाहिए।
मुल्तानी मिट्टी को चेहरे पर लगाकर हल्का सूखने दें और बहुत ज्यादा खिंचाव महसूस होने से पहले सामान्य पानी से धो लें। चेहरे को रगड़कर साफ करने से भी बचें।
मुल्तानी मिट्टी में मिलाएं मॉइश्चराइजिंग चीज
अगर त्वचा रूखी या सामान्य है तो मुल्तानी मिट्टी को अकेले लगाने के बजाय इसमें त्वचा के अनुकूल मॉइस्चराइजिंग सामग्री मिलाई जा सकती है। जैसे दही या एलोवेरा जेल का इस्तेमाल किया जा सकता है, बशर्ते इनसे आपको पहले से कोई एलर्जी या जलन न होती हो।
ऑयली स्किन के लिए भी बहुत ज्यादा मात्रा में मुल्तानी मिट्टी लगाने के बजाय पतली परत लगाना बेहतर है।
लगाने के बाद मॉइश्चराइजर जरूरी
मुल्तानी मिट्टी धोने के बाद चेहरे को धीरे से सुखाएं और अपनी त्वचा के अनुसार मॉइस्चराइजर लगाएं। यह कदम खास तौर पर उन लोगों के लिए जरूरी है जिनकी त्वचा जल्दी ड्राई हो जाती है। दिन में बाहर निकलना हो तो सनस्क्रीन लगाना भी न भूलें।
किन लोगों को सावधानी रखनी चाहिए?
बहुत ड्राई, संवेदनशील या पहले से जलन वाली त्वचा पर मुल्तानी मिट्टी परेशानी बढ़ा सकती है। चेहरे पर सक्रिय रैश, कट या संक्रमण हो तो घरेलू फेस पैक लगाने से बचें। पहली बार इस्तेमाल करने पर छोटे हिस्से पर पैच टेस्ट करना भी बेहतर है।
(Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई सामग्री सिर्फ जानकारी के लिए है। हरिभूमि इनकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी सलाह या सुझाव को अमल में लेने से पहले किसी विशेषज्ञ/डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।)
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लेखक: (कीर्ति)
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Ginger Side Effects: अदरक हर किसी के लिए फायदेमंद नहीं! इन 5 हेल्थ कंडीशन में बना लें दूरी
Ginger Side Effects: अदरक को भारतीय रसोई में स्वाद और सेहत दोनों के लिए खास माना जाता है। चाय से लेकर सब्जी और काढ़े तक, इसका इस्तेमाल कई तरह से किया जाता है। पाचन बेहतर करने, मतली कम करने और सर्दी-जुकाम में राहत के लिए भी लोग अदरक का सेवन करते हैं। लेकिन हर व्यक्ति के लिए अदरक का सेवन एक जैसा फायदेमंद हो, यह जरूरी नहीं है।
कुछ स्वास्थ्य समस्याओं में अदरक का ज्यादा या नियमित सेवन परेशानी बढ़ा सकता है। खासकर अगर आप पहले से किसी बीमारी की दवा ले रहे हैं, तो अदरक को घरेलू नुस्खे के तौर पर ज्यादा मात्रा में लेने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर है।
इन 5 स्थितियों में अदरक हो सकता है नुकसानदायक
ब्लीडिंग डिसऑर्डर में सावधानी
अदरक में ऐसे कंपाउंड पाए जाते हैं जो प्लेटलेट्स के काम और ब्लड क्लॉटिंग को प्रभावित कर सकते हैं। इसलिए जिन लोगों को ब्लीडिंग से जुड़ी समस्या है, उन्हें अदरक का ज्यादा सेवन करने से बचना चाहिए। खासकर अगर किसी व्यक्ति को आसानी से चोट लगने या खून बहने की समस्या रहती है, तो डॉक्टर से सलाह जरूरी है।
ब्लड थिनर दवा लेने वाले लोग
जो लोग खून को पतला करने वाली दवाएं लेते हैं, उन्हें अदरक की अधिक मात्रा से सावधान रहना चाहिए। अदरक और कुछ दवाओं का प्रभाव मिलकर ब्लीडिंग का जोखिम बढ़ा सकता है। इसलिए ऐसे लोगों को अदरक की चाय, जूस या सप्लीमेंट का नियमित और ज्यादा सेवन शुरू करने से पहले चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।
लो ब्लड प्रेशर की समस्या
अदरक कुछ लोगों में ब्लड प्रेशर को कम करने में योगदान दे सकता है। ऐसे में जिन लोगों का ब्लड प्रेशर पहले से कम रहता है, उनके लिए ज्यादा मात्रा में अदरक का सेवन चक्कर, कमजोरी या असहजता जैसी परेशानी पैदा कर सकता है। अगर आप लो BP की दवा लेते हैं, तो विशेष सावधानी जरूरी है।
पित्ताशय की पथरी में रहें सतर्क
गॉल ब्लैडर यानी पित्ताशय में पथरी की समस्या वाले लोगों को अदरक का ज्यादा सेवन करने से पहले डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए। अदरक पित्त के प्रवाह को प्रभावित कर सकता है, इसलिए कुछ परिस्थितियों में यह परेशानी बढ़ा सकता है। ऐसी स्थिति में घरेलू नुस्खे के रूप में अदरक की अधिक मात्रा लेना सही नहीं माना जाता।
एसिडिटी और पेट की संवेदनशीलता
अदरक का सेवन कुछ लोगों में पाचन संबंधी परेशानी कम कर सकता है, लेकिन ज्यादा मात्रा में लेने पर उल्टा असर भी हो सकता है। संवेदनशील पेट वाले लोगों में सीने में जलन, पेट में असहजता या गैस जैसी समस्या महसूस हो सकती है। खासकर खाली पेट अदरक का ज्यादा सेवन करने से ऐसे लक्षण बढ़ सकते हैं।
कितनी मात्रा में लें अदरक?
अदरक को सामान्य भोजन में मसाले के तौर पर थोड़ी मात्रा में इस्तेमाल करना और इसे बड़ी मात्रा में सप्लीमेंट या घरेलू नुस्खे के रूप में लेना अलग बातें हैं। स्वास्थ्य संबंधी समस्या, गर्भावस्था या नियमित दवाओं के सेवन की स्थिति में अदरक की अधिक मात्रा लेने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है।
(Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई सामग्री सिर्फ जानकारी के लिए है। हरिभूमि इनकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी सलाह या सुझाव को अमल में लेने से पहले किसी विशेषज्ञ/डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।)
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