'उस व्यक्ति से झगड़ा..' ट्रॉफी विवाद पर राजीव शुक्ला का बयान वायरल, जानिए मोहसिन नकवी पर ऐसा क्या बोला?
India vs Pakistan : भारत और पाकिस्तान के बीच ट्रॉफी विवाद अब बढ़ता जा रहा है. पाकिस्तान क्रिकेट चीफ मोहसिन नकवी एशिया कप 2026 जीतने के बाद भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने ट्रॉफी लेने से मना कर दिया. इससे पहले पुरुष एशिया कप 2025 भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम ने फाइनल में पाकिस्तान को हराया था और नकवी से ट्रॉफी लेने से मना कर दिया था. इसके बाद नकवी ट्रॉफी अपने साथ ले गए थे. अब एक बार फिर से ऐसा होने के बाद ये मामला विवादों में आ गया है.
ऐसे में भारतीय फैंस और क्रिकेट जानकार मोहसिन नकवी को इंडियन क्रिकेट टीम की 2 ट्रॉफी लेकर बैठने वाला बता रहे हैं, वहीं पाकिस्तान में भारत के नकवी से ट्रॉफी न लेने को राजनीतिक एंगल दिया जा रहा है. पाकिस्तान में कहा जा रहा है कि, ये खेल की हार है. इससे खेल भावना धीरे-धीरे खत्म हो रही है.
Mohsin Naqvi crossed all limits of shamelessness. He knew that Devajit Saikia and Rajiv Shukla were talking to Team India about not accepting the trophy from him, yet he still went and stood on the podium and shamelessly kept looking at the Indian team.???????????? pic.twitter.com/ec8sQvvCXw
— ????????????????????????????⁴⁵ (@rushiii_12) September 13, 2026
राजीव शुक्ला ने मोहसिन नकवी पर दिया बयान
अब इस सबके बीच बीसीसीआई के वाइस प्रेसिडेंट राजीव शुक्ला ने पाकिस्तान क्रिकेट चीफ मोहसिन नकवी पर बड़ा बयान दिया है. भारतीय महिला क्रिकेट के ACC प्रेसिडेंट और पाकिस्तान क्रिकेट चीफ मोहसिन नकवी से महिला एशिया कप ट्रॉफी लेने से मना करने पर उन्होंने क्या कहा है, आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं.
राजीव शुक्ला ने कहा कि, 'हम एशिया कप चैंपियन बने, हमारी महिलाओं ने एक बार फिर हमें गर्व महसूस कराया है. हम आगे भी जीतते रहेंगे. टीम अब जापान जा रही है और हमें पूरा भरोसा है कि हम वहां भी जीत हासिल करेंगे. हमारी महिला खिलाड़ी जोश से भरी हैं और बहुत अच्छा प्रदर्शन करेंगी'.
राजीव शुक्ला ने आगे कहा कि, 'हमने इस मामले पर बात की थी और पहले ही तय कर लिया था कि हम उस खास व्यक्ति से इसे (ट्रॉफी) नहीं लेंगे. उन्होंने बस ट्रॉफी उसे दे दी, जिसे लेने के लिए चुना गया था, उसे दे दी और चले गए. कोई झगड़ा नहीं हुआ और कोई टकराव नहीं हुआ'.
#WATCH | Delhi: BCCI Vice President Rajeev Shukla says, "We became Asia Cup champions; our women have once again made us proud, and we will continue to win in the future. The team is now heading to Japan, and we are fully confident that we will secure a victory there as well. Our… pic.twitter.com/YVsRppxlJ2
— ANI (@ANI) September 14, 2026
आपको बता दें कि, बीते रविवार यानी 13 सितंबर को महिला एशिया कप 2026 का फाइनल मैच श्रीलंका और भारत के बीच खेला गया था. इस मैच में भारत ने टॉस जाती और पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 5 विकेट खोकर 183 रन बनाए. टीम के लिए स्मृति मंधाना ने 59 और शेफाली वर्मा ने 68 रनों की पारी खेली.
Pure joy and unfiltered emotions ????
— BCCI Women (@BCCIWomen) September 14, 2026
???? Catch #TeamIndia's heartwarming ???????????? ???????????????????????????????????? moments after sealing the #WomensAsiaCup triumph ????????????#INDvSL pic.twitter.com/e4zYfBAvSE
इस लक्ष्य का पीछा करते हुए श्रीलंका क्रिकेट टीम 20 ओवर में 10 विकेट खोकर 111 रन ही बना पाई और खिताबी मुकाबले को 72 रनों से हार गई. श्रीलंका के लिए सबसे ज्यादा 36 रनों की पारी कप्तान चमारी अथापट्टू ने खेली. वहीं भारत के लिए सबसे ज्यादा 4 विकेट श्री चरणी ने लिए और 3 विकेट दीप्ति शर्मा को मिले थे.
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शरीर में बहती हैं 5 प्राण ऊर्जाएं, जानिए इनके रंग और काम
नई दिल्ली, 13 सितंबर (आईएएनएस)। योग और आयुर्वेद की परंपरा में शरीर को सिर्फ हड्डियों, मांसपेशियों और अंगों का ढांचा नहीं माना गया, बल्कि इसे एक ऐसी सूक्ष्म ऊर्जा प्रणाली के रूप में भी देखा गया है, जिसमें प्राण यानी जीवन ऊर्जा का लगातार प्रवाह होता रहता है। इसी प्राण ऊर्जा को पांच मुख्य भागों में बांटा गया है, जिन्हें पंच प्राण या पंच वायु भी कहा जाता है। माना जाता है कि शरीर की अलग-अलग गतिविधियों को संचालित करने में इनकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
प्राण वायु रक्तवर्ण और मणि के समान चमकीला होता है। इसका संबंध मुख्य रूप से छाती और हृदय क्षेत्र से माना जाता है। इसकी गति भीतर की ओर होती है। सांस लेना, ऊर्जा ग्रहण करना और इंद्रियों व मन को सक्रिय बनाए रखना इसके प्रमुख कार्य बताए गए हैं।
अपान वायु इंद्रगोप कीट के समान प्रभायुक्त होती है। अपान वायु की गति नीचे की ओर मानी जाती है। इसका स्थान निचले पेट और श्रोणि क्षेत्र में बताया गया है। शरीर से मल-मूत्र और अन्य अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालना, प्रजनन जैसी शारीरिक प्रक्रियाओं से इसका संबंध माना जाता है।
समान वायु – गौ-दुग्ध के समान श्वेत होती है। यह शरीर के मध्य भाग, खासकर नाभि और पेट के आसपास सक्रिय मानी जाती है। इसका मुख्य संबंध पाचन और भोजन से मिलने वाले पोषक तत्वों के अवशोषण से है। इसे शरीर में संतुलन बनाए रखने वाली ऊर्जा भी माना जाता है। भोजन को पचाने और उससे ऊर्जा प्राप्त करने की प्रक्रिया को इससे जोड़ा जाता है।
उदान वायु पाण्डुर यानी फीका श्वेताभ होती है। इसकी गति ऊपर की ओर मानी जाती है। इसका संबंध मुख्य रूप से कंठ और सिर के क्षेत्र से बताया गया है। बोलने, अपनी बात व्यक्त करने, उत्साह, विकास और विचारों को ऊंचे स्तर तक ले जाने जैसी गतिविधियों से इसे जोड़ा जाता है। इसलिए इसे ऊपर उठाने वाली ऊर्जा के रूप में समझा जा सकता है।
व्यान वायु अग्नि की ज्वाला के समान होती है। इसको पूरे शरीर में फैली हुई ऊर्जा माना जाता है। यह किसी एक हिस्से तक सीमित नहीं रहती, बल्कि पूरे शरीर में इसके संचार की बात कही गई है। रक्त, पोषक तत्वों और तंत्रिका संकेतों के संचार तथा शरीर के विभिन्न हिस्सों के बीच समन्वय से इसे जोड़ा जाता है।
--आईएएनएस
पीआईएम/पीएम
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