Responsive Scrollable Menu

Meta Child Safety India | 'सुरक्षा से नो कॉम्प्रोमाइज', Meta अब सुरक्षा एजेंसियों से साझा करेगा बच्चों के यौन शोषण का डेटा, सरकार की चेतावनी के बाद फैसला

डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा और हानिकारक कंटेंट को लेकर केंद्र सरकार द्वारा अपनाए गए सख्त रुख के बाद आखिरकार टेक दिग्गज मेटा (Meta) झुकने को मजबूर हो गया है। मेटा अब बच्चों के यौन शोषण (CSAM/CSEAM) और उनकी सुरक्षा से जुड़े गंभीर मामलों की जानकारी भारत की सही कानून लागू करने वाली एजेंसियों (Law Enforcement Agencies) के साथ साझा करने पर सहमत हो गया है। ऑनलाइन स्पेस में बच्चों की सुरक्षा को लेकर सरकार ने साफ कर दिया है कि देश में काम करने वाली किसी भी सोशल मीडिया कंपनी के लिए यह एक बुनियादी और गैर-समझौतावादी शर्त (Non-negotiable principle) है।

सरकार ने साफ कर दिया है कि भारत में काम करने वाली सोशल मीडिया कंपनियों के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बच्चों की सुरक्षा एक ज़रूरी शर्त है और इस मामले में कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

सरकारी सूत्रों के हवाले से समाचार एजेंसी ANI ने बताया, "भारत में किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के काम करने के लिए बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा एक बुनियादी सिद्धांत है और इस पर कोई समझौता नहीं किया जा सकता।" सूत्रों के मुताबिक, मेटा का बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मामलों की जानकारी कानून लागू करने वाली एजेंसियों को देने का फ़ैसला, डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करने वाले बच्चों की सुरक्षा को मज़बूत करने की दिशा में एक शुरुआती कदम है। हालांकि, सरकार ने संकेत दिया है कि बच्चों के लिए ऑनलाइन प्लेटफॉर्म को और सुरक्षित बनाने के लिए और भी कदम उठाने की ज़रूरत होगी।

सूत्रों ने कहा, "मेटा बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मामलों की जानकारी सही कानून लागू करने वाली एजेंसियों को देने पर सहमत हो गया है। यह प्लेटफॉर्म को बच्चों के लिए सुरक्षित बनाने की दिशा में पहला कदम है और अभी बहुत कुछ किया जाना बाकी है।"

सरकार अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के साथ भी बातचीत कर रही है

सरकार की बातचीत सिर्फ़ मेटा तक ही सीमित नहीं है। सूत्रों के मुताबिक, सरकार अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के साथ भी बातचीत कर रही है ताकि हानिकारक कंटेंट, खासकर बच्चों के लिए जोखिम पैदा करने वाली सामग्री की पहचान करने और उसे हटाने के लिए उन्हें प्रोत्साहित किया जा सके। सूत्रों ने ANI को बताया, "सरकार ऐसे कंटेंट की पहचान करने और उसे हटाने के लिए अन्य प्लेटफॉर्म के साथ लगातार बातचीत कर रही है।" सरकार ने यह भी चेतावनी दी है कि अगर प्लेटफॉर्म बच्चों को ऑनलाइन हानिकारक कंटेंट से बचाने के लिए सक्रिय कदम नहीं उठाते हैं, तो उनके ख़िलाफ़ कार्रवाई हो सकती है। सूत्रों ने आगे कहा, "सरकार उन प्लेटफॉर्म के ख़िलाफ़ कार्रवाई करेगी जो बच्चों की सुरक्षा के लिए सक्रिय कदम नहीं उठाते हैं।"

NCPCR ने मेटा इंडिया को तलब किया

यह घटनाक्रम नेशनल कमीशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ़ चाइल्ड राइट्स (NCPCR) द्वारा मेटा के ख़िलाफ़ शुरू की गई कार्रवाई के बाद हुआ है। यह कार्रवाई बच्चों के यौन शोषण और दुर्व्यवहार से जुड़ी सामग्री (CSEAM) से जुड़े विज्ञापनों के आरोपों को लेकर की गई थी। NCPCR द्वारा अपनी जांच के सिलसिले में कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर और मेटा इंडिया के प्रमुख को तलब किए जाने के बाद, मेटा इंडिया के प्रतिनिधि 9 सितंबर को NCPCR के सामने पेश हुए।

NCPCR ने मेटा के स्वामित्व वाले प्लेटफॉर्म पर कथित विज्ञापनों से जुड़ी BBC Eye की एक रिपोर्ट का स्वतः संज्ञान लिया था। इसके बाद, कमीशन ने 3 जुलाई, 2026 को मेटा प्लेटफ़ॉर्म्स, इंक. को नोटिस जारी करके इन आरोपों पर सफ़ाई मांगी। नोटिस जारी होने के एक हफ़्ते बाद मेटा ने कमीशन को अपना जवाब सौंपा।

बच्चों के अधिकारों के लिए काम करने वाली संस्था की इस कार्रवाई से इस बात पर जांच और बढ़ गई है कि सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म बच्चों के यौन शोषण और दुर्व्यवहार से जुड़े कंटेंट का पता कैसे लगाते हैं, उसे कैसे रोकते हैं और उसकी रिपोर्ट कैसे करते हैं।इसे भी पढ़ें: UCC पर Sanjay Jha जल्द मिलेंगे Amit Shah से, 14 सितंबर की रात तक की मुख्य खबरें

मेटा पर लगे आरोपों की NHRC जांच क्या है?
नेशनल ह्यूमन राइट्स कमीशन (NHRC) ने भी इन आरोपों पर संज्ञान लिया और दिल्ली पुलिस को उन दावों की व्यापक जांच करने का निर्देश दिया जिनमें कहा गया था कि मेटा के मालिकाना हक वाले इंस्टाग्राम पर दिखाए जाने वाले पेड विज्ञापनों ने भारत में चाइल्ड सेक्सुअल अब्यूज़ मटीरियल (CSAM) को बढ़ावा दिया। NHRC ने पुलिस से यह भी जांचने को कहा कि क्या मेटा और संबंधित अन्य संस्थाओं ने 'प्रोटेक्शन ऑफ़ चिल्ड्रेन फ़्रॉम सेक्सुअल ऑफ़ेंसेज़' (POCSO) एक्ट के तहत अनिवार्य रिपोर्टिंग नियमों का पालन किया था।इसे भी पढ़ें: BRICS में भारत की शानदार कूटनीतिक सफलता ने 'Brand Modi' को और मजबूत कर दिया है

यह जांच इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इन आरोपों में न केवल ऑनलाइन हानिकारक कंटेंट की मौजूदगी का मामला शामिल है, बल्कि यह सवाल भी उठता है कि ऐसे कंटेंट की पहचान होने पर क्या उचित रिपोर्टिंग और रोकथाम के तरीकों का पालन किया गया था।

Continue reading on the app

फ्री में नहीं होगा UPI से पौसों का लेन देन! सरकार ने ऑनलाइन पेमेंट को लेकर दूर किया कनफ्यूजन, जानें नया नियम

UPI Transaction New Rule : क्या UPI से पैसे भेजने पर टैक्स लगेगा? सरकार ने ₹2000 तक के UPI पेमेंट पर कोई भी शुल्क न लेने का ऐलान किया है. जानिए इस नए नियम का आम ग्राहक पर क्या असर होगा.

The post फ्री में नहीं होगा UPI से पौसों का लेन देन! सरकार ने ऑनलाइन पेमेंट को लेकर दूर किया कनफ्यूजन, जानें नया नियम appeared first on Prabhat Khabar.

Continue reading on the app

  Sports

Success Story: कभी चैंपियंस को व्हीलचेयर से देखती थीं, अब उन्हीं को शूटिंग में हराकर मोना अमेरिका में लहराएंगी तिरंगा

Shooter Mona Agarwal Success Story: मोना अग्रवाल की कहानी संघर्ष, जुनून और सफलता की मिसाल है. जयपुर की रहने वाली मोना ने शूटिंग से पहले वॉलीबॉल खेला, लेकिन टोक्यो पैरालिंपिक में अवनी लेखरा की सफलता देखकर उन्होंने निशानेबाजी को अपना लक्ष्य बना लिया. जयपुर की एकलव्य शूटिंग अकादमी से प्रशिक्षण शुरू करने वाली मोना के पास शुरुआती दिनों में उच्च स्तर के शूटिंग उपकरण भी नहीं थे. इसके बावजूद उन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में लगातार शानदार प्रदर्शन किया. सर्बिया के नोवी सैड में डब्ल्यूएसपीएस विश्व कप और पैरा शूटिंग वर्ल्ड कप-2023 में कांस्य पदक जीतने के बाद उन्होंने पेरिस पैरालिंपिक में इंडिविजुअल ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया. अब चांगवोन में रजत पदक जीतकर 2028 लॉस एंजिल्स पैरालिंपिक के लिए क्वालिफाई किया है. मोना अपनी सफलता का श्रेय कोच योगेश शेखावत को भी देती हैं. Tue, 15 Sep 2026 12:50:57 +0530

  Videos
See all

Gurugram Hit-and-Run Case | Victim Sia का बड़ा बयान.. आरोपी के दावे पर उठाए सवाल, रखी ये मांग ! #tmktech #vivo #v29pro
2026-09-15T07:40:23+00:00

PM मोदी ने किए बप्पा के दर्शन! पीयूष गोयल के घर पहुंचे #tmktech #vivo #v29pro
2026-09-15T07:45:40+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers