राजस्थान निकाय चुनाव: Kota नगर निगम में BJP को मिला 55 वार्डों के साथ स्पष्ट बहुमत
राजस्थान के शहरी निकाय चुनाव में भाजपा ने कोटा नगर निगम में बहुमत हासिल करते हुए 100 में से 55 वार्ड जीते, जबकि कांग्रेस को 40 और निर्दलीयों को तीन वार्ड में जीत मिली। अधिकारियों ने बताया कि कुछ वार्ड में ईवीएम में तकनीकी गड़बड़ी के कारण कोटा और सुकेत में सभापति और उपसभापति पद के चुनाव स्थगित कर दिए गए। मुख्य निर्वाचन अधिकारी और सचिव राजेश वर्मा द्वारा जारी आधिकारिक आदेशों के अनुसार, ईवीएम में खराबी के बाद कोटा नगर निगम के वार्ड संख्या 87, वार्ड संख्या 44 और वार्ड संख्या 11 तथा सुकेत नगरपालिका के वार्ड संख्या 4 के एक निर्धारित मतदान केंद्र की मतगणना और परिणाम को रोक दिया गया है।
इसके परिणामस्वरूप, स्थानीय निकाय चुनाव के अंतिम नतीजे घोषित करने से पहले प्रभावित मतदान केंद्रों पर 16 सितंबर को पुनर्मतदान कराने का कार्यक्रम तय किया गया है। इनकी मतगणना 17 सितंबर को होगी। वार्ड 87 से कांग्रेस प्रत्याशी लक्ष्मी शर्मा ने पार्टी नेता शालिनी गौतम और युवा कांग्रेस सचिव शुभम गोचर के साथ जेडीबी कॉलेज के बाहर धरना देकर परिणाम घोषित करने की मांग की।
बाद में कोटा कांग्रेस अध्यक्ष राखी गौतम भी मतगणना केंद्र पहुंचीं और पारदर्शिता की मांग की। अधिकारियों ने कलेक्टर और एडीएम की मौजूदगी में मशीन सील कर निर्वाचन आयोग को रिपोर्ट भेजी। भाजपा के विवेक राजवंशी ने वार्ड 54 से लगातार चौथी बार जीत दर्ज की।
उन्होंने कांग्रेस के मनीष को 2,226 मतों से हराया। भाजपा के गोपाल राम मांडा ने भी लगातार पांचवीं जीत दर्ज करते हुए कांग्रेस के संजय यादव को 899 मतों से हराया। हालांकि, भाजपा ने कुल मिलाकर बोर्ड पर नियंत्रण कायम किया, लेकिन कांग्रेस और निर्दलीय उम्मीदवारों ने कुछ महत्वपूर्ण वार्ड में जीत दर्ज की।
वार्ड 86 में युवा कांग्रेस के अर्पित जैन ने भाजपा के पूर्व उप महापौर योगेंद्र खींची को 250 मतों से हराया। वार्ड 71 में निर्दलीय वंदना फौजदार ने भाजपा की मीनाक्षी सेन को 160 मतों से हराया। बूंदी में भाजपा 29 वार्ड जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनी, लेकिन बहुमत से दो सीट पीछे रह गई।
कांग्रेस को 20 और निर्दलीयों को 11 सीटें मिलीं। हालांकि, बाद में तीन निर्दलीय उम्मीदवार - वार्ड एक की प्रभात देवी, वार्ड तीन के आत्माराम चोपदार और वार्ड 16 के विशाल शर्मा भाजपा में शामिल हो गए। इसके साथ ही भाजपा को बोर्ड बनाने के लिए पूर्ण बहुमत मिल गया।
कांग्रेस के कुछ नेताओं ने दावा किया कि पार्टी इस बार भी बोर्ड बनाने की स्थिति में थी, लेकिन टिकट वितरण में भेदभाव के कारण उसे नुकसान हुआ। पूर्व पार्षद देवराज गोचर, अंकित बुलीवाल और जीशान अली को कांग्रेस का टिकट नहीं मिला था और उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़कर वार्ड 54, 44 और 19 से जीत दर्ज की। इस बीच, बूंदी शहर के पूर्व भाजपा अध्यक्ष सुशील मेहता वार्ड 16 में निर्दलीय उम्मीदवार से हार गए।
कांग्रेस शहर अध्यक्ष शैलेश सोनी और युवा कांग्रेस नेता निशांत नूवाल ने क्रमश: वार्ड 25 और 47 से जीत दर्ज की।
Umar Khalid पर वृत्तचित्र की स्क्रीनिंग रोकने के लिए ABVP ने केंद्र से मांगी मदद
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने जेल में बंद कार्यकर्ता उमर खालिद पर आधारित वृत्तचित्र के बेंगलुरु स्थित नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी (एनएलएसयूआई) में प्रस्तावित प्रदर्शन को स्थायी रूप से रद्द करने के लिए केंद्र सरकार से हस्तक्षेप की सोमवार को मांग की। संगठन ने केंद्र सरकार से प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर एनएलएसयूआई प्रशासन के खिलाफ उच्चस्तरीय जांच का आदेश देने का भी आग्रह किया। एबीवीपी की बेंगलुरु इकाई ने एक बयान में कहा कि उसने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी और विधि एवं न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अर्जुन राम मेघवाल को पत्र भेजकर मामले में हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया है।
इससे पहले, आयोजकों ने ललित वाचानी के निर्देशन में बनी वृत्तचित्र “प्रिजनर नंबर 626710 इज प्रेजेंट” के प्रदर्शन को सुरक्षा और प्रशासनिक कारणों का हवाला देते हुए स्थगित कर दिया था।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
prabhasakshi









