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कानपुर, आगरा और झांसी के लिए बंगाल से चलेंगी पूजा स्पेशल ट्रेनें, टाइम-टेबल और रूट यहां देखें

पश्चिम बंगाल से उत्तर प्रदेश के तीन प्रमुख शहरों के लिए रेलवे द्वारा पूजा स्पेशल ट्रेनें चलायी जायेंगी. ये ट्रेनें दुर्गा पूजा, दिवाली और छठ महापर्व के दौरान यात्रियों की सुविधा के लिए चलायी जा रहीं हैं. ट्रेनों का टाइम-टेबल और रूट यहां देखें.

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ईशा कोप्पिकर बोलीं- बप्पा ने कई इच्छाएं पूरी नहीं कीं:अब समझ आता है, शायद मेरे जीवन के लक्ष्य के लिए जरूरी था

गणेश चतुर्थी 2026 के मौके पर अभिनेत्री ईशा कोप्पिकर के घर भी गणपति बप्पा विराजे। इस दौरान उन्होंने दैनिक भास्कर से खास बातचीत की। ईशा ने गणपति की तैयारियों, बचपन की यादों से लेकर बप्पा से अपनी आस्था और अध्यात्म को लेकर खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि इस बार उन्होंने घर पर साउथ इंडियन टेंपल की थीम पर डेकोरेशन कराया है। डेढ़ महीने पहले शुरू कर दी थीं तैयारियां ईशा ने बताया कि वह पिछले दो साल से गणपति के डेकोरेशन में फूलों पर ज्यादा फोकस कर रही थीं, लेकिन इस बार कुछ अलग करने का मन था। उन्होंने साउथ के मंदिरों की तर्ज पर गोल्डन थीम वाला डेकोरेशन कराया है। ईशा ने बताया कि इस बार उनके घर टिटवाला के गणपति विराजे हैं। पिछले साल उन्होंने दगड़ूशेठ के गणपति की स्थापना की थी। वह हर साल बप्पा के डेकोरेशन में कुछ बदलाव करने की कोशिश करती हैं। ईशा के मुताबिक, इस बार उन्होंने जुलाई के आखिर में ही तैयारियां शुरू कर दी थीं। उन्होंने कहा कि जब किसी से बहुत प्यार होता है तो उसके लिए किए जाने वाले काम में मेहनत महसूस नहीं होती, सब कुछ अपने आप और बिना किसी दबाव के हो जाता है। बचपन में बप्पा के लिए पढ़ाई तक भूल जाती थीं ईशा ने अपने बचपन की गणपति की यादें भी साझा कीं। उन्होंने बताया कि उनकी कॉलोनी में सार्वजनिक गणपति बैठते थे और पूरे 10 दिन तक उत्सव का माहौल रहता था। ईशा ने कहा कि बप्पा के लिए करीब दो महीने पहले से तैयारियां शुरू हो जाती थीं। नाटक, डांस शो और दूसरे कार्यक्रमों की रिहर्सल चलती रहती थीं। उस दौरान पढ़ाई पीछे छूट जाती थी। उन्होंने बताया कि स्कूल से आने के बाद बैग फेंककर सीधे गणपति की तैयारियों में निकल जाती थीं। घरवाले भी इस दौरान ज्यादा रोक-टोक नहीं करते थे। ईशा ने कहा कि बप्पा के विसर्जन के बाद घर और आसपास का माहौल एकदम खाली-खाली लगता था। उनके मुताबिक, बप्पा के चले जाने के बाद वह बेहद खालीपन महसूस करती थीं। पहले डेढ़ दिन रखते थे बप्पा, अब तीन दिन का किया उत्सव ईशा ने बताया कि पहले वह घर में डेढ़ दिन के लिए गणपति बप्पा की स्थापना करती थीं, लेकिन अब उन्होंने यह अवधि तीन दिन कर दी है। उन्होंने कहा कि डेढ़ दिन में लोगों के लिए अलग-अलग घरों में जाकर बप्पा के दर्शन करना मुश्किल हो जाता था। इसलिए उन्होंने तीन दिन तक बप्पा को घर में रखने का फैसला किया। ईशा ने बताया कि उनके स्टाफ के लोग भी गणेशोत्सव की तैयारियों में उनकी काफी मदद करते हैं। बप्पा से अपनी आस्था के बारे में बात करते हुए ईशा ने बताया कि पहले वह अपनी इच्छाओं की एक पूरी लिस्ट बनाकर मंदिर जाती थीं। वह लालबागचा राजा या सिद्धिविनायक के दर्शन करने पहुंचती थीं। ईशा ने कहा कि अब स्थिति बदल गई है। जैसे ही वह बप्पा के सामने जाती हैं, वह सब कुछ भूल जाती हैं। उन्होंने कहा कि बप्पा के प्रति इतना प्यार है कि उन्हें देखते ही आंखों में आंसू आ जाते हैं और फिर वह सिर्फ प्रणाम करके लौट आती हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें ऐसा महसूस होता है कि बप्पा हमेशा उनके आसपास हैं और उनका साथ दे रहे हैं। ईशा बोलीं- बप्पा ने कई चीजें नहीं दीं, अब समझ आता है क्यों ईशा ने कहा कि जिंदगी के अलग-अलग दौर में हमारी जरूरतें और इच्छाएं बदलती रहती हैं। जो चीज 10 साल पहले जरूरी थी, जरूरी नहीं कि आज भी उतनी ही महत्वपूर्ण हो। उन्होंने बताया कि उन्होंने जिंदगी में बप्पा से बहुत कुछ मांगा, लेकिन कई चीजें उन्हें नहीं मिलीं। हालांकि, अब वह समझती हैं कि इसके पीछे भी कोई वजह थी। ईशा के मुताबिक, अगर बप्पा उनकी हर इच्छा पूरी कर देते तो शायद वह अपने जीवन के असली लक्ष्य से भटक जातीं। उन्होंने कहा कि भगवान को पता होता है कि हमें जिंदगी में क्या बनना है और किस रास्ते पर जाना है। ईशा बोलीं- बचपन से ही अध्यात्म से जुड़ना चाहिए ईशा अध्यात्म को लेकर भी काफी सीरियस नजर आईं। उन्होंने कहा कि बच्चों और युवाओं को बचपन से ही अध्यात्म के प्रति जागरूक करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि भगवान के बारे में सिर्फ बुढ़ापे में सोचना सही नहीं है। जितनी कम उम्र में इंसान अपने अध्यात्म और भीतर की आवाज को समझना शुरू करेगा, उतना बेहतर होगा। बेटी रियाना ने बप्पा से मांगा पढ़ाई में अच्छा करने का आशीर्वाद बातचीत के दौरान ईशा की बेटी रियाना भी उनके साथ मौजूद थीं। जब उनसे पूछा गया कि उन्होंने बप्पा से क्या मांगा, तो उन्होंने पढ़ाई में अच्छा करने की इच्छा जताई। ईशा ने बताया कि रियाना पढ़ाई के साथ-साथ स्पोर्ट्स में भी काफी एक्टिव हैं। वह 100 और 200 मीटर दौड़ में हिस्सा लेती हैं और स्कूल की ओर से इंटर-स्कूल प्रतियोगिताओं में भी भाग लेती हैं। ईशा ने बताया कि रियाना ने बप्पा से अपनी पढ़ाई और खेल दोनों के लिए अच्छा करने की प्रार्थना की है।

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‘मेरी पत्नी भी चिल्लाने लगी’… वैभव सूर्यवंशी के साथ जो हुआ, उस पर इस दिग्गज क्रिकेटर ने उठाए सवाल

वैभव सूर्यवंशी उस रोमांच के पर्याय बन चुके हैं जो दर्शकों को स्टेडियम तक खींचते हैं. ऐसे में जब उनके साथ अफगानिस्तान के खिलाफ सीरीज में गलत हुआ तो दिग्गज क्रिकेटर ने सवाल उठा दिए. Tue, 15 Sep 2026 09:33:23 +0530

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