IRCTC का नया रिकॉर्ड: एक दिन में 20 लाख से ज्यादा टिकट बुक, 1.74 करोड़ लॉगिन भी संभाले
नई दिल्ली। त्योहारी सीजन में रेल टिकटों की बढ़ती मांग के बीच IRCTC के ऑनलाइन टिकट बुकिंग सिस्टम ने नया रिकॉर्ड बनाया है। 7 सितंबर 2026 को IRCTC के NGeT (Next Generation e-Ticketing) सिस्टम पर एक ही दिन में 20,06,353 टिकट बुक किए गए।
यह अब तक का सबसे बड़ा सिंगल-डे बुकिंग आंकड़ा है। इसके अगले दिन 8 सितंबर को भी 19,50,699 टिकट बुक हुए।
पिछले साल त्योहारी सीजन में 19 अगस्त को एक दिन में 18,40,203 टिकट बुक हुए थे। इस लिहाज से इस बार का आंकड़ा काफी अधिक रहा। रिकॉर्ड बुकिंग के दौरान बड़ी संख्या में यात्री एक साथ ऑनलाइन आए, लेकिन IRCTC के मुताबिक NGeT सिस्टम में कोई फेलियर या आउटेज नहीं हुआ।
शुरुआती 15 मिनट में सबसे ज्यादा दबाव
रेल टिकटों की बुकिंग शुरू होने के बाद शुरुआती कुछ मिनटों में सिस्टम पर सबसे ज्यादा दबाव रहता है। सुबह 8 से 9 बजे के बीच दिन की कुल बुकिंग का करीब 8.43 से 14.14 प्रतिशत हिस्सा बुक होता है। इनमें भी सुबह 8 से 8:15 बजे के बीच सबसे ज्यादा यात्री टिकट बुक करने की कोशिश करते हैं।
इसके बावजूद NGeT सिस्टम ने शुरुआती ARP बुकिंग वाले दिनों में 1.33 करोड़ से 1.74 करोड़ तक लॉगिन और 17 से 20 लाख तक टिकट बुकिंग को संभाला है।
नए सर्वर से दोगुनी हुई क्षमता
IRCTC ने NGeT सिस्टम की क्षमता बढ़ाने के लिए पुराने सर्वरों को नए सर्वरों से बदला है। इससे सिस्टम की क्षमता करीब दोगुनी हो गई है। इसके साथ ही सॉफ्टवेयर में सुधार और सिस्टम आर्किटेक्चर को बेहतर किया गया है।
IRCTC ने 15 जुलाई 2026 से नए यूजर इंटरफेस का बीटा वर्जन भी शुरू किया है। इसमें यात्रियों को अलग-अलग क्लास की उपलब्धता एक ही स्क्रीन पर देखने की सुविधा मिलती है। इससे स्लीपर, एसी थ्री टियर और एसी टू टियर जैसे विकल्पों की तुलना करना आसान हुआ है।
एंटी-बॉट तकनीक से 65% तक संदिग्ध ट्रैफिक रोका
IRCTC ने वेबसाइट पर फर्जी या स्वचालित बॉट ट्रैफिक को नियंत्रित करने के लिए एंटी-बॉट तकनीक और CDN (Content Delivery Network) का इस्तेमाल बढ़ाया है। इसके जरिए हाल के महीनों में करीब 55 से 65 प्रतिशत तक संदिग्ध बॉट ट्रैफिक को रोका गया है।
CDN की वजह से वेबसाइट की सामान्य सामग्री का लोड मुख्य NGeT सिस्टम पर कम हुआ है। इससे वास्तविक यात्रियों के लिए टिकट बुकिंग का अनुभव बेहतर हुआ है। IRCTC की नेटवर्क सिक्योरिटी टीम फर्जी वेबसाइटों और IRCTC के नाम से चल रहे नकली मोबाइल ऐप पर भी कार्रवाई कर रही है।
एजेंटों की शुरुआती बुकिंग पर भी रोक
आरक्षित टिकटों की शुरुआती बुकिंग में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए अधिकृत टिकट एजेंटों को सुबह 8 से 8:10 बजे तक पहले 10 मिनट में ARP टिकट बुक करने की अनुमति नहीं है। इसमें YTSK, RTSA और IRCTC एजेंट शामिल हैं।
इसके अलावा 12 अक्टूबर 2025 से शुरुआती ARP विंडो में टिकट बुक करने के लिए आधार-प्रमाणित यूजर होना जरूरी किया गया है।
3.04 करोड़ यूजर आईडी निष्क्रिय
टिकट बुकिंग में गड़बड़ी और दुरुपयोग रोकने के लिए IRCTC ने बड़े स्तर पर कार्रवाई की है। अब तक 3.04 करोड़ यूजर आईडी निष्क्रिय की जा चुकी हैं, जबकि 6.33 करोड़ आईडी को दोबारा सत्यापन के लिए रखा गया है।
इसके अलावा 16,041 संदिग्ध ई-मेल डोमेन ब्लॉक किए गए हैं और साइबर क्राइम पोर्टल पर 592 शिकायतें दर्ज कराई गई हैं। इन शिकायतों में करीब 4.21 लाख संदिग्ध PNR शामिल हैं।
IRCTC के मुताबिक रिकॉर्ड स्तर की टिकट बुकिंग और करोड़ों लॉगिन के दबाव के बावजूद NGeT प्लेटफॉर्म लगातार चालू रहा। रेलवे टिकट बुकिंग को तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने के लिए तकनीकी और सुरक्षा सुधार आगे भी जारी रहेंगे।
RCFL case: सीबीआई ने रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड मामले में दाखिल की सप्लीमेंट्री चार्जशीट, 17 नए नाम शामिल
RCFL case: केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने मुंबई स्थित एक विशेष सीबीआई अदालत के समक्ष रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड (RCFL) से जुड़े धोखाधड़ी मामले में अपनी पहली सप्लीमेंट्री चार्जशीट दायर कर दी है। इस नवीनतम चार्जशीट में कुल 17 नए आरोपियों के नाम जोड़े गए हैं, जिनमें रिलायंस एडीए (ADA) ग्रुप के तीन वरिष्ठ अधिकारी, आठ अलग-अलग कंपनियां और छह बैंक अधिकारी शामिल हैं।
किन धाराओं के तहत दर्ज हुआ मामला?
जांच एजेंसी द्वारा इन सभी नामजद आरोपियों पर भारतीय दंड संहिता (IPC) के प्रावधानों के अंतर्गत आपराधिक साजिश रचने, आपराधिक विश्वासघात (हेराफेरी) और धोखाधड़ी जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इसके अलावा, इन पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) के सुसंगत नियमों के तहत भी कानूनी कार्रवाई का शिकंजा कसा गया है।
फंड के हेरफेर और वित्तीय नुकसान का खुलासा
सामने आई जांच रिपोर्ट के अनुसार, यह बात प्रकाश में आई है कि आरसीएफएल (RCFL) द्वारा प्राप्त किए गए कुल 6,229.54 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि को विभिन्न मध्यवर्ती (intermediary) कंपनियों और अन्य माध्यमों का उपयोग करके रिलायंस एडीए ग्रुप की दूसरी अन्य कंपनियों में डायवर्ट कर दिया गया था। इस कथित हेरफेर और वित्तीय अनियमितता के कारण बैंकों तथा वित्तीय संस्थानों को बड़ा नुकसान उठाना पड़ा है।
विभिन्न बैंकों, वित्तीय संस्थानों और अन्य कर्जदाताओं को हुए इस समग्र वित्तीय नुकसान का कुल आकलन लगभग 9,280 करोड़ रुपये लगाया गया है। इस नई सप्लीमेंट्री चार्जशीट के दाखिल होने के बाद, अब इस बहुचर्चित मामले में कुल अभियुक्तों की संख्या बढ़कर 24 हो गई है। फिलहाल, इस पूरे प्रकरण से जुड़ी आगे की तहकीकात और जांच अभी भी जारी है।
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