पीएम मोदी वर्ल्ड लीडर्स के साथ करेंगे डिनर:मेन्यू में यूपी के गलौटी कबाब, महाराष्ट्र की भाकरवड़ी और राजस्थान की कचौड़ी शामिल
नई दिल्ली में 12 और 13 सितंबर को 18वां BRICS लीडर्स समिट होगा। यह आयोजन भारत मंडपम में किया जाएगा। कल पीएम मोदी, पुतिन और शी जिनपिंग समेत कई वर्ल्ड लीडर्स को होस्ट करेंगे। डिनर के मेन्यू में यूपी के गलौटी कबाब, महाराष्ट्र की भाकरवड़ी और राजस्थान की कचौड़ी शामिल हैं। वहीं, लग्ज़री होटलों में मेहमानों के स्वागत की तैयारी कई हफ्तों से चल रही है। इसमें क्षेत्रीय भारतीय खान-पान, खास मेन्यू, पारंपरिक उपहार और कस्टमाइज्ड व्यक्तिगत सुविधाएं शामिल हैं। ITC मौर्या में रूस के राष्ट्रपति पुतिन और ताज पैलेस में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के ठहरने की उम्मीद है। वहीं, UAE के नेतृत्व वाला प्रतिनिधिमंडल द लीला पैलेस और मिस्र का प्रतिनिधिमंडल शेरेटन नई दिल्ली में ठहरेगा। समिट से होटलों में मांग बढ़ी समिट के बीच राजधानी के लग्जरी होटलों में कमरों की मांग तेजी से बढ़ी है। कई प्रमुख होटलों में समिट की तारीखों के आसपास कमरे बहुत कम बचे हैं या उपलब्ध नहीं हैं। प्रतिनिधिमंडलों, सुरक्षा कर्मियों, मीडिया और दूसरे अधिकारियों की मांग के कारण कमरों के किराए में भी तेज बढ़ोतरी हुई है। समिट के दौरान द ललित के 460 कमरों में करीब 90% कमरे भरे होंगे। होटल का औसत दैनिक किराया सामान्य से 30 से 40% ज्यादा रहेगा। द लीला पैलेस के मेन्यू में दाल मखनी, बिरयानी, दिल्ली स्टाइल चाट और भारतीय फलों के साथ सत्तू, बाजरा व रागी डोसा जैसे मिलेट व्यंजन शामिल हैं। यहाँ मिलेट्स कुकीज, ग्रेनोला बार और खास गुलाब, केसर व इलायची से बना खाने योग्य कमल भी परोसा जा रहा है। द ललित और ताज महल होटल में भी खास मेन्यू ताज महल होटल ने देश भर के मशहूर स्नैक्स पेश कर रहा है। इसमें कश्मीर के मसालेदार अखरोट, पुरानी दिल्ली का मैदा काजू, महाराष्ट्र की भाकरवड़ी, राजस्थान की मिनी कचौड़ी, बंगाल की कूचो निमकी और तमिलनाडु का मुरुक्कू शामिल हैं। द ललित में गलौटी कबाब, तंदूरी रोटियां और दक्षिण भारतीय डोसा व अप्पम के साथ बाजरा-ज्वार के मिलेट व्यंजन मिल रहे हैं। यहां मिलेट्स कुकीज, ग्रेनोला बार और खास गुलाब, केसर व इलायची से बना खाने योग्य कमल भी परोसा जा रहा है। डिनर डिप्लोमेसी के की अहमियत ब्रिक्स शिखर सम्मेलन जैसे बड़े आयोजनों में 'डिनर डिप्लोमेसी' का मतलब होता है औपचारिक बैठकों और सख्त प्रोटोकॉल से हटकर, रात के खाने की मेज पर अनौपचारिक बातचीत करना। एक साथ खाना खाते हुए नेताओं के बीच का माहौल सहज हो जाता है, जिससे तनाव कम करने, आपसी विश्वास बढ़ाने और विवादित मुद्दों पर खुलकर चर्चा करने में आसानी होती है। कई बार जो मुश्किल समझौते बंद कमरों की औपचारिक चर्चा में नहीं सुलझ पाते, उनकी जमीन ऐसे ही डिनर के दौरान अनौपचारिक बातचीत से तैयार होती है। भारत मंडपम में वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट के स्टॉल ब्रिक्स सम्मेलन में 'वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट' प्रदर्शनी भी लगाई गई है। इसमें देश भर के 70 अनोखे कला और हथकरघा उत्पाद दिखाए गए हैं। यह प्रदर्शनी 770 जिलों के 1,200 से अधिक अनोखे उत्पादों को दुनिया के सामने लाने की मुहिम का हिस्सा है। -------------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… कार डिप्लोमेसी, मोदी-पुतिन फिर कार में बैठे:12 दिनों में दूसरी बार; 2014 से मोदी 11 वर्ल्ड लीडर्स के साथ गाड़ी में बैठ चुके दिल्ली में शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की मुलाकात के बाद एक तस्वीर ने फिर ध्यान खींचा। पूरी खबर पढ़ें…
पुतिन का अमेरिका-यूरोप पर तंज:कमजोर देश खुद को G7 क्यों कहते हैं; मोदी बोले- ब्रिक्स देशों में दुनिया की 40% GDP
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन समेत ब्रिक्स लीडर्स ने शुक्रवार को ब्रिक्स बिजनेस फोरम में ग्लोबल ट्रेड पर बात की। इसमें सबसे अहम बयान पुतिन का रहा। उन्होंने अमेरिका और यूरोप पर तंज कसते हुए कहा, पश्चिम अब कमजोर हो रहा है, पता नहीं ये देश खुद को G7 क्यों कहते हैं। दुनिया की 40% से ज्यादा GDP BRICS देशों से आई, G7 की हिस्सेदारी सिर्फ 29% रही। इसके बाद PM मोदी ने भी बिजनेस फोरम को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स देशों में दुनिया की आधी आबादी रहती है। ये दुनिया की 40% GDP में हिस्सा रखते हैं। भारत व्यापार बढ़ाना चाहता है और इसके लिए सुरक्षित समुद्री रास्ते जरूरी हैं। BRICS आर्थिक ताकत में आगे, G7 सिस्टम पर हावी रूसी राष्ट्रपति पुतिन के मुताबिक, PPP के आधार पर ब्रिक्स की हिस्सेदारी दुनिया की अर्थव्यवस्था में करीब 40% है, जबकि G7 की 18%। यानी आर्थिक आकार में ब्रिक्स आगे है। हालांकि G7 को कमजोर नहीं माना जा सकता। डॉलर, बैंकिंग, निवेश और तकनीक में उसका प्रभाव अब भी बड़ा है। दूसरी तरफ ब्रिक्स की ताकत बड़ी आबादी, प्राकृतिक संसाधन और तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाएं हैं। बिजनेस फोरम में 4 ब्रिक्स नेताओं के अहम बयान प्रधानमंत्री मोदी, भारत: संघर्षों का समाधान डायलॉग और डिप्लोमेसी से ही निकलेगा, भारत शांति के प्रयासों में मदद के लिए तैयार है। राष्ट्रपति पजशकियान, ईरान: ब्रिक्स देशों को आपसी कारोबार में स्थानीय मुद्राओं का इस्तेमाल बढ़ाना चाहिए। राष्ट्रपति पुतिन, रूस: ब्रिक्स की अर्थव्यवस्था का आकार लगातार बढ़ रहा है। पश्चिमी देशों का दबदबा अब पहले जैसा नहीं रहा। राष्ट्रपति रामाफोसा, साउथ अफ्रीका: दुनियाभर के देशों को अपना खनिज देता रहे लेकिन वे अफ्रीकी देशों में निवेश न करे, ऐसा नहीं चलेगा। PM मोदी-पुतिन मुलाकात की 6 फोटोज पुतिन ने मोदी को रूस आने का न्योता दिया प्रधानमंत्री मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच भारत मंडपम में 45 मिनट बैठक हुई। इसके बाद दोनों नेता एक ही कार से इंडस्ट्रियल एग्जीबिशन पहुंचे। बैठक में भारत-रूस रिश्तों के साथ मिडिल ईस्ट और ब्लैक सी के हालात पर चर्चा हुई। पुतिन ने मोदी को 24वें भारत-रूस समिट के लिए रूस आने का न्योता दिया, जिसे PM ने स्वीकार कर लिया। खबर से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
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