भारत-अफगानिस्तान दूसरा टी-20 आज:चोटिल वरुण की जगह रवि बिश्नोई को मिल सकता है मौका; सीरीज में टीम इंडिया 1-0 से आगे
भारत-अफगानिस्तान के बीच दूसरा टी-20 मैच आज दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेला जाएगा। मुकाबला शाम 7:30 बजे से शुरु होगा। तीन मैचों की सीरीज में टीम इंडिया 1-0 से आगे है। भारत ने पहला मैच 7 विकेट से जीता था। इस मैच में भारतीय टीम के प्लेइंग-11 में एक बदलाव तय है। मिस्ट्री स्पिनर वरुण चक्रवर्ती मांसपेशियों में खिंचाव के कारण सीरीज से बाहर हो गए हैं। उनकी जगह लेग स्पिनर रवि बिश्नोई को मौका मिल सकता है। सबसे बड़ा सवाल- सूर्यवंशी आज खेलेंगे या नहीं? भारतीय टीम के सामने सबसे बड़ी चुनौती वैभव सूर्यवंशी के प्लेइंग-11 में सिलेक्शन को लेकर है। सूर्यवंशी ने मैच से पहले सूर्यवंशी ने नेट सेशन में काफी पसीना बहाया है। पहले मैच में अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन ओपनिंग करते उतरे थे। अभिषेक ने 32 गेंद पर 82 रन की पारी खेली, जबकि सैमसन सिर्फ 10 रन बना सके। हालांकि इसके बावजूद टीम इंडिया इसी ओपनिंग कॉम्बिनेशन के साथ मैदान पर उतर सकती है। अफगानिस्तान को भारत के खिलाफ पहली जीत का इंतजार भारत इंटरनेशनल क्रिकेट में अब तक अफगानिस्तान से एक भी मैच नहीं हारा है। दोनों टीमों के बीच अब तक कुल 10 मुकाबले खेले गए हैं। इनमें से भारत ने 9 मैचों में जीत दर्ज की है, जबकि 1 मैच बेनतीजा रहा है। ईशान किशन ने इस साल टी-20 में 854 रन बनाए ईशान किशन साल 2026 में भारत के सबसे सफल टी-20 बल्लेबाज रहे हैं। उन्होंने 24 मैचों में 173.57 की स्ट्राइक रेट से 854 रन बनाए हैं। इस दौरान 103 रन उनका बेस्ट स्कोर रहा है। गेंदबाजी में अर्शदीप सिंह ने इस साल 20 मुकाबलों में 28 विकेट हासिल किए हैं। वे टीम के टॉप विकेट टेकर हैं। 51 रन देकर 5 विकेट उनका बेस्ट प्रदर्शन रहा है। राशिद 200 टी-20 विकेट लेने से 7 विकेट दूर राशिद खान टी-20 इंटरनेशनल में 200 विकेट लेने से 7 विकेट दूर हैं। उनके नाम 193 विकेट हैं। वे ऐसा करना वाले दुनिया के पहले क्रिकेटर बनेंगे। उनका साथ अजमतुल्लाह उमरजई देंगे, जो इस साल 7 मैचों में 12 विकेट चटका चुके हैं। अफगानिस्तान को उनके कप्तान इब्राहिम जादरान से बड़ी पारी की उम्मीद होगी। वे इस साल 8 मैचों में 318 रन बनाकर टीम के टॉप स्कोरर हैं। पिच रिपोर्ट और वेदर अरुण जेटली स्टेडियम की पिच आमतौर पर बल्लेबाजों के मुफीद मानी जाती है। छोटी बाउंड्री के कारण ज्यादा चौके-छक्के लगने की उम्मीद है। मैच बढ़ने के साथ स्पिनरों को भी थोड़ी मदद मिल सकती है। दिल्ली में शाम के समय मौसम साफ रहने की उम्मीद है। तापमान 27 से 29 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। मैच में बारिश की संभावना नहीं के बराबर है। दोनों टीमों की पॉसिबल प्लेइंग-11 भारत: अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन/वैभव सूर्यवंशी, ईशान किशन (विकेटकीपर), श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा, अक्षर पटेल, शिवम दुबे, नितिश कुमार रेड्डी, रवि बिश्नोई, अर्शदीप सिंह, जसप्रीत बुमराह। अफगानिस्तान: रहमानुल्लाह गुरबाज (विकेटकीपर), इब्राहिम जादरान (कप्तान), गुलबदीन नायब, सेदीकुल्लाह अटल, दरविश रसूली, अजमतुल्लाह उमरजई, मोहम्मद नबी, राशिद खान, मुजीब उर रहमान, नूर अहमद, फजलहक फारूकी/नवीन-उल-हक।
फिजिकल हेल्थ- कमर में दर्द को इग्नोर न करें:हो सकता है एंकिलोजिंग स्पॉन्डिलाइटिस, डॉक्टर से जानें इसके लक्षण और बचाव के तरीके
कमर दर्द की शिकायत बहुत कॉमन है। ज्यादातर लोग इसे थकान, गलत पोस्चर या बढ़ती उम्र का असर मान लेते हैं। लेकिन अगर यह दर्द बार-बार हो रहा है और कई महीनों से बना हुआ है तो यह एंकिलोजिंग स्पॉन्डिलाइटिस (AS) हो सकता है। यह एक क्रॉनिक इंफ्लेमेटरी बीमारी है। इसमें रीढ़ और जोड़ों में लंबे समय तक सूजन बनी रहती है, जिससे दर्द और जकड़न की समस्या होती है। हेल्थकेयर डेटा और एनालिटिक्स फर्म ‘ग्लोबल डेटा’ के अनुसार, भारत में एंकिलोजिंग स्पॉन्डिलाइटिस के करीब 16.5 लाख मरीज हैं। यह संख्या हर साल लगभग 2.95% की दर से बढ़ रही है। वहीं, जागरूकता की कमी के कारण कई मरीजों का समय पर सही डायग्नोसिस नहीं हो पाता। इसीलिए आज 'फिजिकल हेल्थ' में एंकिलोजिंग स्पॉन्डिलाइटिस पर बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि- एक्सपर्ट- डॉ. हेमंत बंसल, सीनियर कंसल्टेंट, ऑर्थोपेडिक्स एंड जॉइंट रिप्लेसमेंट, नारायणा हॉस्पिटल, गुरुग्राम सवाल- एंकिलोजिंग स्पॉन्डिलाइटिस क्या है? क्या ये एक तरह का अर्थराइटिस है? जवाब- हां, एंकिलोजिंग स्पॉन्डिलाइटिस (AS) एक तरह का इंफ्लेमेटरी अर्थराइटिस है। इसे एक्सियल स्पॉन्डायलोआर्थराइटिस (Axial Spondyloarthritis) भी कहते हैं। पॉइंटर्स से समझिए- सवाल- एंकिलोजिंग स्पॉन्डिलाइटिस क्यों होता है? जवाब- एंकिलोजिंग स्पॉन्डिलाइटिस होने की वजह पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। हेल्थ एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह तब होता है, जब इम्यून सिस्टम शरीर के ही जोड़ों और रीढ़ पर हमला करने लगता है। कुछ जीन, खासकर HLA-B27, इस बीमारी का रिस्क बढ़ा सकते हैं। यही वजह है कि जिन लोगों के परिवार में यह बीमारी रही है, उनमें इसका जोखिम अपेक्षाकृत ज्यादा होता है। सवाल- एंकिलोजिंग स्पॉन्डिलाइटिस के लक्षण क्या हैं? जवाब-एंकिलोजिंग स्पॉन्डिलाइटिस का सबसे कॉमन लक्षण कमर के निचले हिस्से और कूल्हों में लगातार दर्द व अकड़न है। यह परेशानी आमतौर पर सुबह उठने पर या लंबे समय तक बैठने के बाद ज्यादा महसूस होती है। सभी लक्षण ग्राफिक में देखिए- सवाल- क्या एंकिलोजिंग स्पॉन्डिलाइटिस और सामान्य कमर दर्द में अंतर होता है? जवाब- हां, एंकिलोजिंग स्पॉन्डिलाइटिस का दर्द सामान्य कमर दर्द से अलग होता है। ग्राफिक से दोनों के बीच का फर्क समझिए- सवाल- एंकिलोजिंग स्पॉन्डिलाइटिस के रिस्क फैक्टर्स क्या हैं? जवाब- एंकिलोजिंग स्पॉन्डिलाइटिस किसी को भी हो सकता है, लेकिन कुछ लोगों में इसका खतरा ज्यादा होता है। यह बीमारी अक्सर किशोरावस्था के आखिर या 20-30 साल की उम्र में शुरू होती है। ग्राफिक में सभी रिस्क फैक्टर्स देखिए- सवाल- अगर एंकिलोजिंग स्पॉन्डिलाइटिस का ट्रीटमेंट न हो तो इससे और किन बीमारियों का रिस्क बढ़ जाता है? जवाब- यह कई गंभीर कॉम्प्लिकेशन्स का कारण बन सकता है, जैसेकि- सवाल- एंकिलोजिंग स्पॉन्डिलाइटिस डायग्नोज कैसे होता है? जवाब- पॉइंटर्स से समझिए- सवाल- एंकिलोजिंग स्पॉन्डिलाइटिस का इलाज कैसे किया जाता है? जवाब- पॉइंटर्स से समझिए- सवाल- क्या एंकिलोजिंग स्पॉन्डिलाइटिस में एक्सरसाइज फायदेमंद है? जवाब- हां, सही तरह की एक्सरसाइज करने से दर्द और जकड़न कम करने, रीढ़ की लचक बनाए रखने, शरीर का मूवमेंट बेहतर करने और पोस्चर सुधारने में मदद मिलती है। इसमें ये एक्सरसाइज शामिल हैं- ध्यान रहे, किसी भी नई एक्सरसाइज की शुरुआत डॉक्टर या फिजियोथेरेपिस्ट की सलाह से ही करें। सवाल- एंकिलोजिंग स्पॉन्डिलाइटिस से कैसे बचें? जवाब- फिलहाल एंकिलोजिंग स्पॉन्डिलाइटिस को पूरी तरह रोकने का कोई तरीका नहीं है, क्योंकि इसके सटीक कारण स्पष्ट नहीं हैं। हालांकि, समय पर पहचान और इलाज से बीमारी को बढ़ने से रोका जा सकता है। ग्राफिक में बचाव के सभी टिप्स देखिए- समय पर पहचान और सही इलाज से एंकिलोजिंग स्पॉन्डिलाइटिस के दर्द व जकड़न को काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है। जागरूकता और लाइफस्टाइल में सुधार इस बीमारी के मैनेजमेंट की सबसे बड़ी कुंजी है। ************** ग्राफिक्स- विपुल शर्मा ……………….. फिजिकल हेल्थ से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए फिजिकल हेल्थ- पेट अक्सर खराब रहता है: हो सकता है ग्लूटेन इन्टॉलरेंस, डॉक्टर से जानें इस बीमारी के लक्षण, कारण, इससे कैसे बचें गैस बनना या बार-बार दस्त होना कॉमन डाइजेस्टिव इश्यू हैं। ज्यादातर लोग इन्हें सामान्य अपच या खानपान की गड़बड़ी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन अगर ये समस्याएं लंबे समय तक बनी रहें या बार-बार होती रहें, तो इसके पीछे ‘ग्लूटेन इन्टॉलरेंस’ एक कारण हो सकता है। पूरी खबर पढ़िए…
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