Kal Ka Mausam: बंगाल की खाड़ी में बन रहा चक्रवाती परिसंचरण, 22 राज्यों में मूसलाधार बारिश और आंधी का अलर्ट
कल का मौसम, 15 सितंबर: मानसून जाते-जाते एक बार फिर पूरे देश में अपना रौद्र रूप दिखाने के लिए तैयार है. मौसम विभाग ने कल यानी 15 सितंबर को लेकर एक बेहद गंभीर और बड़ा अलर्ट जारी किया है. देश के उत्तरी, मध्य, पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों के 22 राज्यों में मूसलाधार बारिश और भीषण आंधी का अनुमान जताया गया है. इस दौरान कई जगहों पर 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चल सकती हैं. मौसम में आ रहे इस बड़े बदलाव की मुख्य वजह बंगाल की खाड़ी में सक्रिय तेज हवाएं और ऊपरी हवा में बना चक्रवाती परिसंचरण है. इसके साथ ही मध्य भारत के ऊपर निम्न दबाव का क्षेत्र बना हुआ है, जिससे कई राज्यों में अधिकतम तापमान में तीन से चार डिग्री तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है. यह स्थिति जहां आम जनता के लिए आफत बन सकती है, वहीं किसानों और बाहर निकलने वाले मुसाफिरों के लिए भी सतर्क रहने का कड़ा संदेश लेकर आई है.
पहाड़ों पर भूस्खलन का खतरा और तेज हवाओं की मार
पहाड़ी राज्यों में कल का दिन काफी संभलकर बिताने वाला है. उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के पर्वतीय अंचलों में भारी बारिश के साथ जमीन खिसकने यानी लैंडस्लाइड का भारी खतरा जताया गया है. उत्तराखंड के पिथौरागढ़, नैनीताल, पौड़ी गढ़वाल, अल्मोड़ा, टिहरी, चमोली, रुद्रप्रयाग, ऋषिकेश और हरिद्वार में भारी मेघ बरसने के आसार हैं. यहां देहरादून में अधिकतम पारा 28 डिग्री और न्यूनतम 21 डिग्री रहने की संभावना है. हिमाचल प्रदेश के कुल्लू, मंडी, किन्नौर, कांगड़ा, सोलन, चंबा, बिलासपुर और हमीरपुर में मध्यम से भारी बारिश के साथ 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलेगी. मनाली में पारा गिरकर न्यूनतम 5 डिग्री तक पहुंच सकता है. उधर जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा, पुंछ, अनंतनाग, रियासी, बारामूला और किश्तवाड़ में भी भारी बारिश और आंधी की आशंका है. मौसम विभाग ने सलाह दी है कि जब तक बहुत जरूरी न हो, पहाड़ी मार्गों पर सफर करने से बचें.
उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में तेज आंधी और बारिश
राजधानी दिल्ली समेत पूरे उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में कल मौसम का मिजाज काफी बदला हुआ रहेगा. दिल्ली में 15 सितंबर को मध्यम से भारी बारिश और तेज आंधी चलने का अनुमान है, जहां अधिकतम तापमान 33 और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहेगा. पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश में मौसम विभाग ने व्यापक स्तर पर चेतावनी दी है. मेरठ, गाजियाबाद, मुजफ्फरनगर, मुरादाबाद, गौतमबुद्ध नगर, आगरा, मथुरा, कानपुर, सहारनपुर, बिजनौर, रामपुर, सीतापुर, गोंडा, बस्ती, हरदोई, बलरामपुर, संतकबीर नगर, मऊ, पीलीभीत, कन्नौज, उन्नाव, अयोध्या, प्रयागराज, देवरिया, बलिया और गोरखपुर में 50 किलोमीटर की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलेंगी और बारिश होगी. लखनऊ में दिन का पारा 33 और रात का 26 डिग्री रहने की उम्मीद है. इसके अलावा पंजाब के संगरूर, अमृतसर, लुधियाना, बठिंडा, जालंधर और चंडीगढ़ में 70 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चलने वाली हवाएं भारी तबाही मचा सकती हैं. हरियाणा और राजस्थान के करौली, दौसा, भरतपुर, टोंक, पाली, बाड़मेर, कोटा और जयपुर में भी भारी बारिश और तेज हवाएं लोगों को परेशान करेंगी.
दैनिक मौसम परिचर्चा (14-09-2026)
— India Meteorological Department (@Indiametdept) September 14, 2026
दक्षिण-पश्चिम राजस्थान और उससे सटे उत्तरी गुजरात के ऊपर बने कम दबाव वाले क्षेत्र के असर से, आज 14 सितंबर, 2026 को सौराष्ट्र एवं कच्छ में कहीं-कहीं बहुत भारी वर्षा तथा गुजरात क्षेत्र में कहीं-कहीं भारी वर्षा होने की संभावना है।
19 सितंबर, 2026 के…
बिहार और झारखंड में वज्रपात की बड़ी आशंका
पूर्वी भारत के राज्यों में मूसलाधार बारिश के साथ आसमानी बिजली गिरने यानी वज्रपात का बड़ा संकट गहरा गया है. बिहार के पटना, गया, औरंगाबाद, रोहतास, चंपारण, सिवान, गोपालगंज, वैशाली, दरभंगा, मधुबनी, कटिहार, पूर्णिया, सहरसा, बेगूसराय और भागलपुर समेत कई जिलों में भारी आंधी-बारिश की चेतावनी दी गई है. इस दौरान 60 किलोमीटर की रफ्तार से हवाएं चलेंगी और पटना का अधिकतम तापमान 33 डिग्री रहेगा. झारखंड के रांची, दुमका, पलामू, जमशेदपुर, चतरा, देवघर, बोकारो और हजारीबाग में भी 50 किलोमीटर की गति से आंधी चलने का अनुमान है. खेतों में काम कर रहे किसानों और खुले में रहने वाले लोगों को आकाशीय बिजली से बेहद सावधान रहने की हिदायत दी गई है, क्योंकि इस दौर में आकाशीय बिजली जानलेवा साबित हो सकती है.
मध्य और तटीय राज्यों में नदियों का बढ़ेगा जलस्तर
मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, गुजरात और महाराष्ट्र में भी मौसम का भारी प्रभाव दिखने वाला है. मध्य प्रदेश के इंदौर, भोपाल, सागर, रतलाम, मंदसौर, नीमच, होशंगाबाद और विदिशा समेत 20 जिलों में येलो अलर्ट है और 60 किलोमीटर की रफ्तार से आंधी चलेगी. छत्तीसगढ़ के रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग और कोरबा में 65 किलोमीटर की तूफानी हवाएं चलेंगी. पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग, कालिम्पोंग, हावड़ा, मेदिनीपुर और कोलकाता में 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और मूसलाधार बारिश का अलर्ट है. ओडिशा, गुजरात और महाराष्ट्र के नासिक, पालघर, ठाणे में भारी बारिश के चलते नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है, जिससे निचले इलाकों में पानी भरने का डर बना हुआ है. प्रशासन ने राहत और बचाव टीमों को पूरी तरह तैयार रहने का निर्देश दिया है.
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स्मार्टफोन अपनाने को बढ़ावा देने के लिए सरकार को मोबाइल फोन पर जीएसटी घटाकर 5 प्रतिशत करना चाहिए: उद्योग संगठन
नई दिल्ली, 14 सितंबर (आईएएनएस)। इंडिया सेल्युलर एंड इलेक्ट्रॉनिक्स एसोसिएशन (आईसीईए) ने सोमवार को सरकार से मोबाइल फोन पर वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) को मौजूदा 18 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत करने की मांग की। उद्योग संगठन ने कहा कि इस प्रस्ताव को जीएसटी परिषद की अगली बैठक में रखा जाना चाहिए ताकि स्मार्टफोन को अधिक किफायती बनाया जा सके।
उद्योग जगत के संगठन ने एक बयान में कहा कि देश में अभी भी करीब 25 करोड़ लोग फीचर फोन का इस्तेमाल कर रहे हैं। स्मार्टफोन की ऊंची कीमतें कम आय वाले और ग्रामीण परिवारों के लिए बड़ी बाधा बनी हुई हैं। ऐसे में जीएसटी दर कम करने से स्मार्टफोन की पहुंच बढ़ेगी और अधिक लोग डिजिटल सेवाओं से जुड़ सकेंगे।
आईसीईए ने कहा कि आज के समय में स्मार्टफोन सिर्फ संचार का माध्यम नहीं रह गया है, बल्कि यह डिजिटल भुगतान, सरकारी सेवाओं, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, बैंकिंग और संचार का प्रमुख माध्यम बन चुका है। इसलिए स्मार्टफोन को अधिक सुलभ और किफायती बनाना सीधे तौर पर भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था में भागीदारी बढ़ाने से जुड़ा हुआ है।
उद्योग संगठन ने बताया कि भारत में मोबाइल फोन निर्माण वित्त वर्ष 2014-15 के 18,900 करोड़ रुपए से बढ़कर वित्त वर्ष 2025-26 में 6.27 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गया है। इसी अवधि में मोबाइल फोन निर्यात 1,566 करोड़ रुपए से बढ़कर 2.60 लाख करोड़ रुपए हो गया है। भारत अब मात्रा के आधार पर दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल फोन निर्माता बन चुका है और वित्त वर्ष 2025-26 में मोबाइल फोन देश का सबसे बड़ा निर्यात उत्पाद रहा।
हालांकि, संगठन का कहना है कि विनिर्माण और निर्यात में हुई इस प्रगति के मुकाबले घरेलू मांग उतनी तेजी से नहीं बढ़ी है। हैंडसेट की खपत कमजोर हुई है, मोबाइल बदलने का चक्र लंबा हो गया है और एंट्री-लेवल स्मार्टफोन सेगमेंट दबाव में है।
आईसीईए ने कहा कि यदि घरेलू बाजार में मांग नहीं बढ़ी, तो विनिर्माण क्षेत्र के अगले चरण की वृद्धि प्रभावित हो सकती है। इसलिए भारत को अपने घरेलू बाजार में फिर से मांग को गति देने की आवश्यकता है।
उद्योग संगठन का मानना है कि जीएसटी दर कम करने से स्मार्टफोन की शुरुआती कीमत घटेगी, पहली बार स्मार्टफोन खरीदने वाले उपभोक्ताओं को प्रोत्साहन मिलेगा और अधिक लोग औपचारिक डिजिटल अर्थव्यवस्था का हिस्सा बन सकेंगे।
आईसीईए ने यह भी कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित डेटा सेंटरों की मजबूत मांग के कारण वैश्विक स्तर पर मोबाइल डीआरएएम और नैंड फ्लैश मेमोरी की आपूर्ति पर दबाव बढ़ा है, जिससे मोबाइल फोन निर्माण लागत में वृद्धि हुई है। निर्माता इस अतिरिक्त लागत का केवल एक हिस्सा ही अपने स्तर पर वहन कर पा रहे हैं।
उद्योग जगत के संगठन ने याद दिलाया कि उसने वर्ष 2025 में जीएसटी ढांचे की समीक्षा के दौरान भी मोबाइल फोन पर जीएसटी घटाने की वकालत की थी। उस समय कई उपभोक्ता श्रेणियों में कर दरों को कम किया गया था ताकि खपत और वहनीयता को बढ़ावा मिल सके।
आईसीईए के अनुसार, बड़ा घरेलू बाजार मोबाइल फोन की बिक्री बढ़ाएगा, औपचारिक बाजार को मजबूत करेगा, उत्पादन क्षमता के बेहतर उपयोग में मदद करेगा और भारत के मोबाइल फोन एवं कंपोनेंट विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र में नए निवेश को प्रोत्साहित करेगा।
--आईएएनएस
डीबीपी
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