Trump ने बताया वेजेनुएला का प्लान, तेल और चुनाव पर हैरान करने वाला खुलासा
ट्रंप के वेनेजुएला अटैक को अब तीन दिन हो गए हैं और बड़ा सवाल यह सामने आ रहा है कि अब आगे क्या वेनेजुएला का भविष्य चुनाव से नहीं ट्रंप के ब्लूप्रिंट से डिसाइड होगा। जिसमें सेंटर स्टेज पर ऑयल है और अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपना प्लान साफ कर दिया है। ट्रंप ने वेनेजुएला को लेकर अपने प्लान का खुलासा कर दिया है। फोकस इलेक्शन- इकॉनमी पर है। ट्रंप के मुताबिक वेनेजुएला में इमीडिएट इलेक्शन तो पॉसिबल ही नहीं है। उन्होंने कहा है कि ग्राउंड सिचुएशन अभी इतनी अनस्टेबल है इंफ्रास्ट्रक्चर डैमेज है और अभी लोग वोट करने की कंडीशन में बिल्कुल भी नहीं है। इसलिए अगले 30 दिन में इलेक्शन का बिल्कुल कोई प्लान नहीं है।
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पहले देश को ठीक करेंगे ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका वेनेजुएला के साथ किसी युद्ध में नहीं है और वहां जल्द चुनाव कराने का कोई दबाव भी नहीं डालेगा। एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि अगले 30 दिनों में वेनेजुएला में चुनाव नहीं होंगे। वहां की जमीनी स्थिति ऐसी नहीं है कि चुनाव कराए जा सकें। हमें पहले देश को ठीक करना होगा। अगर लोग वोट ही नहीं दे सकते, तो आप चुनाव नहीं करा सकते। वेनेजुएला पर अमेरिकी कार्रवाई और निकोलस मादुरो को गिरफ्तार करने के बाद डेल्सी रोड्रिग्ज ने अंतरिम राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली है। ट्रंप ने कहा कि जल्द ही यह तय किया जाएगा कि रोड्रिग्ज पर लगे प्रतिबंध जारी रहेंगे या नहीं। जब उनसे पूछा गया कि आखिर वेनेजुएला का संचालन कौन कर रहा है, तो ट्रंप ने कहा- 'मैं।'
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वेनेजुएला कार्रवाई पर अमेरिकी जनमत बंटा
हालिया जनमत सर्वेक्षणों के मुताबिक लेकर अमेरिकी जनता की राय साफ तौर पर बंटी हुई है। हालांकि राष्ट्रपति ट्रंप के कई समर्थक इस सैन्य कदम का समर्थन कर रहे हैं, लेकिन व्यापक स्तर पर अमेरिकी दिखते। AP-NORC सर्वे के अनुसार, अधिकांश अमेरिकी चाहते हैं कि सरकार का फोकस स्वास्थ्य सेवाओं, महंगाई और आर्थिक चुनौतियों जैसे घरेलू मुद्दों पर रहे।
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तीन से पांच करोड़ बैरल तेल
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वेनेजुएला में अंतरिम प्रशासन’ अमेरिका को बाजार मूल्य पर तीन से पांच करोड़ बैरल उच्च गुणवत्ता वाला तेल उपलब्ध कराएगा। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया मंच ट्रुथ सोशल पर लिखा कि तेल जहाजों द्वारा सीधे अमेरिका पहुंचाया जाएगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति के रूप में धन पर उनका नियंत्रण होगा लेकिन इसका उपयोग वेनेजुएला और अमेरिका के लोगों के लाभ के लिए किया जाएगा। इसके अलावा, अमेरिकी राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास एवं कार्यालय व्हाइट हाउस वेनेजुएला के संबंध में तेल कंपनियों के अधिकारियों के साथ ओवल ऑफिस में शुक्रवार को एक बैठक आयोजित करेगा। इसमें एक्सॉन, शेवरॉन और कोनोको फिलिप्स के प्रतिनिधियों के शामिल होने की उम्मीद है। मामले से परिचित एक व्यक्ति ने नाम उजागर न करने की शर्त पर उक्त जानकारी दी। तेल की कीमत करीब 56 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल है जिससे ट्रंप द्वारा मंगलवार देर रात घोषित किया गया यह सौदा 2.8 अरब अमेरिकी डॉलर तक का हो सकता है। अमेरिकी ऊर्जा सूचना प्रशासन के अनुसार, अमेरिका औसतन प्रतिदिन करीब दो करोड़ बैरल तेल एवं संबंधित उत्पादों की खपत करता है। इसलिए वेनेजुएला से आने वाली यह खेप लगभग ढाई दिन की आपूर्ति के बराबर होगी।
पहले हिंदू देवी-देवताओं पर पोस्ट, फिर मस्जिद पर हमला, आखिर कैसे शुरू हुआ नेपाल का पूरा विवाद
नेपाल में एक बार फिर हिंसा भड़क उठी है। भारत से सटे नेपाल के परसा और धनुष धाम जिलों में हालात बेकाबू हो गए हैं। कई इलाकों से तोड़फोड़, आगजनी और हिंसक झड़पों की खबरें आई हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए भारत नेपाल सीमा को सील कर दिया गया है। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन को अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात करना पड़ा है। हालात इतने तनावपूर्ण हैं कि सुरक्षा बलों को उपद्रवियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्यवाही के निर्देश भी दिए गए हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर नेपाल में यह हिंसा क्यों भड़की और मौजूदा हालात क्या है?
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कैसे हुई विवाद की शुरुआत
नेपाल के तराई क्षेत्र के परसा जिले में स्थित बीरगंज शहर में धार्मिक तनाव लगातार गहराता जा रहा है। तनाव की शुरुआत रविवार को हुई जब जनकपुर (धनुषा जिला) के हैदर अंसारी और अमानत अंसारी नाम के दो युवकों ने टिकटॉक पर एक वीडियो पोस्ट किया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि वीडियो से धार्मिक भावनाएं आहत हुई। वीडियो सामने आते ही इलाके में विरोध शुरू हो गया, जिसके बाद पुलिस ने दोनों युवकों को हिरासत में ले लिया। इस बीच धनुषा जिले के कमला नगरपालिका वार्ड-6 में एक मस्जिद में तोड़फोड़ की घटना सामने आई, जिससे गुस्सा और भड़क गया। मस्जिद को नुकसान पहुंचाए जाने की खबर फैलते ही बीरगंज और आसपास के इलाकों में प्रदर्शन शुरू हो गए। प्रदर्शनकारियों ने आगजनी की, नारेबाजी की। इसके बाद जिला प्रशासन ने बीरगंज में कर्फ्यू लगा दिया। नेपाल में बढ़ते तनाव को देखते हुए भारत-नेपाल सीमा पर भी सतर्कता बढ़ा दी गई है। 21 घंटे बाद कर्फ्यू हटने पर आवाजाही सामान्य हुई।
गृहमंत्री का निर्देश, हाई अलर्ट पर सभी सुरक्षा एजेंसियां
काठमांडू स्थित केंद्र सरकार ने भी सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। केंद्रीय गृह मंत्री ओम प्रकाश आर्याल और वरिष्ठ अधिकारियों ने 21 जिलों के जिला प्रशासकों और पुलिस प्रमुखों को सामाजिक और सांस्कृतिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
सीमा पर हर गतिविधि पर निगरानी
सुरक्षा एजेंसियों को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर कड़ी नजर रखी जाए, ताकि हालात सीमा पार न फैलें। सुरक्षा एजेंसियां हालात पर नजर बनाए हुए हैं और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की जा रही है।
सुरक्षाबलों को गोली मारने के आदेश
प्रशासन ने पहले सोमवार शाम 6 बजे से मंगलवार सुबह 8 बजे तक कर्फ्यू लगाया था, जिसे दोपहर 1 बजे और फिर शाम 6 बजे तक बढ़ा दिया गया। कर्फ्यू के दौरान सुरक्षा बलों को दिखते ही गोली मारने का अधिकार दिया गया।
नेपाल के बीरगंज में कर्फ्यू हटा लिया गया
नेपाल के भारत-सीमावर्ती बीरगंज में हालात सुधरने पर प्रशासन ने कर्फ्यू हटा लिया। सर्वदलीय बैठक में सहमति के बाद यह फैसला हुआ। हालिया सांप्रदायिक हिंसा के बाद लगाए गए प्रतिबंध हटने से जनजीवन धीरे-धीरे सामान्य हो रहा है।
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