Kandahar Hijack के बाद Taliban ने Osama Bin Laden को सुरक्षा बढ़ाने के लिए कहा था, CIA का खुलासा
(सागर कुलकर्णी) वाशिंगटन, 14 सितंबर अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए की ओर से जारी खुफिया दस्तावेजों से खुलासा हुआ है कि 1999 के अंत में इंडियन एयरलाइंस के एक विमान के कंधार में अपहरण के बाद अफगानिस्तान में तालिबान शासन ने अलकायदा के आतंकवादी ओसामा बिन लादेन को अपनी सुरक्षा बढ़ाने के लिए आगाह किया था। तालिबान की ओर से आगाह किये जाने का उल्लेख जनवरी 2000 में तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन के समक्ष प्रस्तुत किए गए ‘प्रेसिडेंशियल डेली ब्रीफ्स (पीडीबी)’ में किया गया था। ये दस्तावेज 11 सितंबर 2001 के हमलों की 25वीं बरसी के मौके पर जारी किए गए ऐसे 71 दस्तावेजों में शामिल हैं।
तीन जनवरी, 2000 के इस दस्तावेज में कहा गया, ‘‘तालिबान ने... (कुछ अंश हटाए गए हैं) पिछले हफ्ते लादेन को अपनी सुरक्षा बढ़ाने के लिए आगाह किया था, ताकि कंधार में बंधक संकट का इस्तेमाल...। इससे पता चलता है कि... बिन लादेन का मुख्य समर्थक बना हुआ है।’’ काठमांडू से नयी दिल्ली जा रहे इंडियन एयरलाइंस के एक विमान का 24 दिसंबर, 1999 को हरकत-उल-मुजाहिदीन के आतंकवादियों ने अपहरण कर लिया था और उसे जबरन कंधार ले जाया गया था। उड़ान संख्या आईसी 814 से जुड़ा यह संकट 31 दिसंबर, 1999 को उस समय खत्म हुआ, जब भारत ने तीन आतंकवादियों को रिहा कर उन्हें तालिबान को सौंप दिया।
क्लिंटन के समक्ष 28 अगस्त, 1998 को प्रस्तुत एक अन्य पीडीबी में संकेत दिया गया था कि लादेन मिस्र, अरब प्रायद्वीप—विशेषकर कुवैत, सऊदी अरब और यमन—भारत, पाकिस्तान, युगांडा और संभवतः नाइजीरिया में हमले करने की साजिश रच रहा था। इसमें कहा गया था कि उत्तरी अमेरिका, यूरोप और पूर्वी एशिया में लादेन के मजबूत नेटवर्क से संकेत मिलता है कि वह इन क्षेत्रों में भी अमेरिका से जुड़े प्रतिष्ठानों को निशाना बना सकता है। सबसे शुरुआती दस्तावेज 13 फरवरी, 1998 का था।
इसमें कहा गया था कि बिन लादेन और अन्य इस्लामी चरमपंथियों ने ‘‘... (हटाए गए अंश) से मुलाकात की और खुले बाजार से अज्ञात रासायनिक, जैविक और परमाणु पदार्थ हासिल करने पर सहमति जताई।’’ रिपोर्ट में कहा गया था कि लादेन के पास ‘‘वैध कंपनियां, कारोबारी संबंध और एक वित्तीय साम्राज्य है, जो उसे’’ ऐसे हथियार हासिल करने के प्रयास में मदद कर सकते हैं। सीआईए द्वारा जारी किए गए कुछ पीडीबी तत्कालीन राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू. बुश के लिए 12 अक्टूबर, 2000 को यमन के अदन बंदरगाह में युद्धपोत यूएसएस कोल पर हुए बम हमले की अमेरिका-यमन जांच के शुरुआती नतीजों के आधार पर तैयार किए गए थे। सीआईए की ओर से जारी दस्तावेज़ों में आखिरी दस्तावेज 12 सितंबर, 2001 का है।
यह तारीख वर्ल्ड ट्रेड सेंटर और पेंटागन से विमानों के टकराने के अगले दिन की है। ‘‘स्थिति रिपोर्ट’’ में हमले से पहले लादेन से जुड़ी नवीनतम खुफिया जानकारी का विवरण दिया गया था, जिसमें उसकी संभावित संलिप्तता से जुड़े ब्योरे भी शामिल थे। रिपोर्ट में कहा गया, ‘‘उपलब्ध साक्ष्यों से संकेत मिलता है कि अफगानिस्तान और फारस की खाड़ी क्षेत्र के सुन्नी चरमपंथियों को लादेन के निर्देश पर होने वाले हमलों की भनक थी।
S Jaishankar बोले- MAHASAGAR विजन और ASEAN साझेदारी में Vietnam भारत का मजबूत स्तंभ
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोमवार को कहा कि जॉइंट कमीशन की पिछली बैठक के बाद से भारत और वियतनाम के बीच द्विपक्षीय संबंधों में "काफी प्रगति" हुई है। उन्होंने दोनों देशों के बीच अपग्रेडेड व्यापक रणनीतिक साझेदारी पर ज़ोर दिया। वियतनाम के विदेश मंत्री ले होआई ट्रुंग के साथ बैठक में जयशंकर ने कहा कि मुझे यह देखकर बहुत खुशी हो रही है कि जॉइंट कमीशन की पिछली बैठक जो तीन साल पहले हुई थी। उसके बाद से हमारे द्विपक्षीय संबंधों में काफी प्रगति हुई है। वियतनाम से दो महत्वपूर्ण राजकीय दौरे हुए हैं, जिनमें सबसे हालिया दौरा वियतनाम के राष्ट्रपति तो लाम का है। इस दौरे के दौरान, हमारे नेताओं ने इसे एक बेहतर व्यापक रणनीतिक साझेदारी का रूप दिया। उन्होंने कहा कि इसलिए, यह 19वीं J.C.M. हमें किए गए वादों की समीक्षा करने और उच्चतम स्तर पर बनी राजनीतिक गति को अपने लोगों के लिए ठोस और स्पष्ट नतीजों में बदलने का एक बहुत ही मूल्यवान अवसर देती है।
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जयशंकर ने भारत की क्षेत्रीय पहुंच में वियतनाम की भूमिका पर भी ज़ोर दिया और कहा, "हमारे लिए, इंडो-पैसिफिक में 'महासागर' (MAHASAGAR) के हमारे विज़न और भारत की 'एक्ट ईस्ट पॉलिसी' में वियतनाम एक अहम पार्टनर है।" उन्होंने आगे कहा, "आसियान के साथ हमारी व्यापक रणनीतिक साझेदारी के ढांचे में भी वियतनाम उतना ही महत्वपूर्ण पार्टनर है।" जयशंकर ने 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए प्रधानमंत्री हंग का भी धन्यवाद किया और कहा, "हम कल हुए 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री हंग की सार्थक भागीदारी के लिए उन्हें धन्यवाद देते हैं। मैं आज आपके साथ एक उपयोगी और सार्थक चर्चा करने के लिए उत्सुक हूं।" इससे पहले शनिवार को, ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान वियतनाम के विदेश मंत्री ले होआई ट्रुंग राष्ट्रीय राजधानी पहुंचे। विदेश मंत्रालय की एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से इतर वियतनाम के प्रधानमंत्री ले मिन्ह हंग से मुलाकात की और द्विपक्षीय संबंधों में हुई प्रगति की समीक्षा की।
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बैठक के दौरान, पीएम मोदी ने 'पार्टनर कंट्री' के तौर पर ब्रिक्स समिट में वियतनाम की भागीदारी का स्वागत किया। विदेश मंत्रालय ने बताया कि दोनों नेताओं ने आपसी संबंधों में हुई प्रगति की समीक्षा की। मई में वियतनाम की कम्युनिस्ट पार्टी के जनरल सेक्रेटरी और राष्ट्रपति 'तो लाम' की भारत यात्रा के दौरान इन संबंधों को 'एनहैंस्ड कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप' (बेहतर व्यापक रणनीतिक साझेदारी) का दर्जा दिया गया था। विदेश मंत्रालय की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, दोनों नेताओं ने आपसी महत्व के विभिन्न क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया और भारत-वियतनाम साझेदारी को और मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत और वियतनाम के बीच एक पुरानी और भरोसेमंद दोस्ती है, जो साझा सभ्यतागत विरासत, आपसी विश्वास और समझ पर आधारित है। मंत्रालय ने आगे कहा कि वियतनाम 'भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी' का एक मुख्य स्तंभ है और दक्षिण-पूर्व एशिया के साथ भारत के व्यापक जुड़ाव में एक महत्वपूर्ण भागीदार है।
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