Sagar शराब कांड का असर: टीकमगढ़ में महिलाओं ने Liquor Shop में की तोड़फोड़, 25 लाख का माल नष्ट
मध्यप्रदेश के सागर में जहरीली शराब से हुयी मौत के बाद गुस्साई महिलाओं ने टीकमगढ़ जिले के एक लाइसेंसी शराब दुकान पर हमला कर दिया और करीब 25 लाख रुपये की देसी एवं भारत में निर्मित विदेशी शराब नष्ट कर दी। पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी। शराब विरोधी नारे लगाते हुए और शोक संतप्त परिवारों के लिए न्याय की मांग करते हुए प्रदर्शनकारियों ने रविवार को जिले के बम्होरी गांव में एक दुकान पर धावा बोला।
जिला आबकारी अधिकारी नरेश प्रताप सिंह ने बताया कि जिला मुख्यालय से करीब 35 किलोमीटर दूर जतारा उपमंडल के बम्होरी में यह घटना हुई। उन्होंने बताया कि महिलाओं के एक दल ने मां गहौली वाइन द्वारा संचालित एक दुकान को निशाना बनाया और इस दौरान 25 लाख रुपये मूल्य की देसी और भारत में निर्मित विदेशी शराब (आईएमएफएल) नष्ट कर दी।
टीकमगढ़ और सागर मध्यप्रदेश के आर्थिक रूप से पिछड़े बुंदेलखंड क्षेत्र के जिलों में से हैं, जो उत्तर प्रदेश की सीमा से सटा हुआ है। आबकारी अधिकारी ने आरोप लगाया कि बम्होरी गांव के सरपंच ने शराब की दुकान के खिलाफ माहौल बनाने के लिए सागर त्रासदी का इस्तेमाल किया और अपने स्थानीय राजनीतिक प्रभाव को मजबूत करने के प्रयास में लोगों को लामबंद किया।
डिगोडा पुलिस थाने के अंतर्गत बम्होरी बीट पर तैनात एक पुलिसकर्मी ने कहा कि दुकान के एक कर्मचारी ने एक आवेदन देकर अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है। पुलिस ने हाल ही में हुये सागर जहरीली शराब त्रासदी मामले में अब तक 19 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें दो आरोपियों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने दावा किया है कि पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश के ललितपुर का एक संदिग्ध गिरोह नकली शराब के निर्माण और आपूर्ति से जुड़ा था, जिसमें 16 लोगों की जान चली गई थी।
Goa Nightclub Fire: Supreme Court से याचिका खारिज होने के बाद 3 मुख्य आरोपियों ने किया सरेंडर
गोवा के नाइटक्लब ‘बर्च बाय रोमियो लेन’ अग्निकांड के मामले में जमानत रद्द किए जाने के खिलाफ दायर याचिकाएं उच्चतम न्यायालय द्वारा खारिज किए जाने के दो सप्ताह बाद तीन मुख्य आरोपियों ने सोमवार को गोवा की एक अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। शीर्ष अदालत के निर्देश के बाद नाइटक्लब के मालिक सौरभ लूथरा और गौरव लूथरा तथा उनके कारोबारी साझेदार अजय गुप्ता ने मापुसा की अपर जिला एवं सत्र अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण किया। उत्तरी गोवा के अरपोरा स्थित ‘बर्च बाय रोमियो लेन’ नाइटक्लब में छह दिसंबर 2025 को लगी भीषण आग में 25 लोगों की मौत हो गई थी और कई अन्य घायल हो गए थे।
आरोपियों की ओर से पैरवी कर रहीं अधिवक्ता सौम्या ड्रागो ने पुष्टि की कि अदालत ने उनके मुवक्किलों का आत्मसमर्पण स्वीकार कर लिया और आवश्यक हिरासत संबंधी आदेश जारी किए। मुंबई उच्च न्यायालय ने आरोपियों की जमानत रद्द कर उन्हें दो सप्ताह के भीतर आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया था। इसके विरोध में आरोपियों ने अपील की थीं।
उच्चतम न्यायालय ने आरोपियों की याचिकाओं को 31 अगस्त को खारिज कर दिया था। शीर्ष अदालत ने अधीनस्थ अदालत को मामले की सुनवाई में तेजी लाने का भी निर्देश दिया था। ड्रागो ने संवाददाताओं से कहा कि उनके मुवक्किलों के चिकित्सा संबंधी दस्तावेजों और चिकित्सकों की सलाह के आधार पर अदालत में एक आवेदन दायर कर कुछ चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है। उन्होंने बताया कि अदालत ने दवाओं और गद्दे से संबंधित अनुरोध स्वीकार कर लिए, लेकिन विशेष जूतों की मांग पर कोई फैसला नहीं किया और इस संबंध में जांच अधिकारी से जवाब मांगा है। उन्होंने कहा कि अदालत अगले कार्य दिवस पर इस अनुरोध पर विचार कर सकती है।
मुंबई उच्च न्यायालय ने मामले की गंभीरता और कानूनी कार्यवाही की आवश्यकता का हवाला देते हुए तीनों आरोपियों को दी गई जमानत 18 अगस्त को रद्द कर दी थी। इसके बाद तीनों ने उच्चतम न्यायालय का रुख किया था, लेकिन शीर्ष अदालत ने उच्च न्यायालय के आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया।
मामले में दाखिल आरोपपत्र के अनुसार, आरोपियों के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या, मानव जीवन को खतरे में डालने वाले कृत्य, आग और ज्वलनशील पदार्थों के संबंध में लापरवाही बरतने, धोखाधड़ी एवं जालसाजी, जाली दस्तावेजों को असली के रूप में इस्तेमाल करने तथा आपराधिक साजिश से संबंधित भारतीय न्याय संहिता के विभिन्न प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है। आरोपपत्र में दावा किया गया है कि आरोपियों के “गैर-जिम्मेदाराना कृत्यों” के परिणामस्वरूप हुए हादसे में 25 लोगों की मौत हो गई।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
prabhasakshi






