Delhi: शाहबाद डेयरी में ई-रिक्शा चालक की चाकू मारकर हत्या, पुलिस ने 5 आरोपियों को दबोचा
राष्ट्रीय राजधानी में बाहरी उत्तरी दिल्ली के शाहबाद डेयरी इलाके में एक बाइक और स्कूटर की टक्कर के बाद हुई लड़ाई में बीच-बचाव कराने के दौरान एक ई-रिक्शा चालक की कथित रूप से चाकू घोंपकर हत्या करने के मामले में दो युवतियों समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि मृतक की पहचान 24 वर्षीय अभिषेक के तौर पर हुई है।
यह घटना 12 सितंबर को हुई थी। पुलिस ने कहा कि आरोपियों की पहचान अनुज (19), हिमांशु (20), सचिन उर्फ संतोष (22), नंदिनी तिवारी (19) और कुंति उर्फ विशाखा (18) के तौर पर हुई है। बाहरी उत्तरी दिल्ली के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) शोभित डी सक्सेना ने बताया कि मामला तब शुरू हुआ जब एक मोटरसाइकिल और स्कूटर की टक्कर हो गई और टक्कर के बाद हुए विवाद में अभिषेक ने हस्तक्षेप किया।
अधिकारी ने कहा कि अभिषेक के हस्तक्षेप के बाद उसका एक आरोपी हिमांशु के साथ टकराव हुआ और झगड़े के दौरान अभिषेक ने हिमांशु को कथित तौर पर थप्पड़ मारा और उसका गला पकड़ लिया। डीसीपी ने बताया कि इसके बाद एक अन्य आरोपी अनुज ने ई-रिक्शा चालक को पीछे से पकड़ा और तभी सचिन उर्फ संतोष ने चाकू निकाला और अभिषेक पर कथित रूप से वार कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। अधिकारी ने बताया कि घायल को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया लेकिन बाद में उसकी मौत हो गई।
मृतक के पिता शोभाराम प्रजापति ने आरोप लगाया कि जब आरोपियों ने उनके बेटे को चाकू घोंपा तो उसकी मदद के लिए कोई आगे नहीं आया और वह खून से लथपथ सड़क पर पड़ा रहा। प्रजापति ने अपने रिश्तेदारों के साथ बेटे की हत्या के विरोध में उसके शव को सड़क पर रखकर जाम लगा दिया और न्याय की मांग की। प्रजापति ने आरोप लगाया कि समय पर हस्तक्षेप से उनके बेटे की जान बच सकती थी।
प्रजापति ने कहा, उसे एक सरकारी अस्पताल ले जाया गया और बहुत अधिक खून बह जाने के कारण उसकी मृत्यु हो गई। पुलिस के मुताबिक, अपराध में प्रयुक्त चाकू और मोटरसाइकिल और स्कूटर बरामद कर लिए गए हैं। पुलिस ने कहा कि दोनों महिलाएं अन्य आरोपियों के साथ घटना के समय मौके पर मौजूद थीं।
पुलिस ने कहा कि जांच से उनकी संलिप्तता साबित हुई।
Maharashtra Drought: 18 जिलों में सूखे जैसे हालात, कैबिनेट में रिपोर्ट रखेंगे बावनकुले
महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने सोमवार को कहा कि कम बारिश के कारण राज्य के 18 जिलों में सूखे जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है और इससे संबंधित आंकड़े मंगलवार को मंत्रिमंडल के समक्ष रखे जाएंगे। मंत्री ने उम्मीद जताई कि अगले आठ से 10 दिनों में और बारिश होने से राज्य में स्थिति में सुधार आएगा। बावनकुले ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘आज 18 जिलों के आंकड़े मेरे पास आए हैं।
ये आंकड़े कल मंत्रिमंडल के समक्ष रखे जाएंगे। हमने 18 ऐसे जिलों की पहचान की है जहां स्थिति विशेष रूप से खराब है और मुझे इसकी रिपोर्ट मिल गई है।’’ उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने स्थिति का आकलन करने के लिए पूरे महाराष्ट्र में सर्वेक्षण का आदेश दिया है और जिलाधिकारी रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं। बावनकुले ने कहा कि जिन जिलों में हाल में अच्छी बारिश हुई है, वहां स्थिति का दोबारा आकलन करने के लिए नये सर्वेक्षण के आदेश दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि कम बारिश के कारण महाराष्ट्र के करीब आधे किसान फिलहाल सूखे जैसी स्थिति का सामना कर रहे हैं। मंत्री ने कहा, ‘‘रविवार को कुछ बारिश हुई थी। भगवान गणेश के आगमन के साथ और बारिश होगी, जिससे राज्य में पानी की कमी और सूखे जैसी स्थिति कम करने में मदद मिलेगी।’’ उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि अगले आठ से 10 दिनों में बारिश की कमी पूरी हो जाएगी और सूखे जैसी स्थिति खत्म होने लगेगी।
बावनकुले ने सभी राजनीतिक दलों और लोगों से 10 दिवसीय गणेश उत्सव के दौरान प्रदर्शन नहीं करने की अपील भी की। इसे मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे के प्रस्तावित आंदोलन के संदर्भ में देखा जा रहा है। जरांगे ने 19 सितंबर से मुंबई के आजाद मैदान में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करने के लिए मुंबई जाने की घोषणा की है।
गणेश उत्सव सोमवार को शुरू हुआ और 25 सितंबर को अनंत चतुर्दशी तक चलेगा। बावनकुले ने कहा, ‘‘ये दिन राज्य में किसी भी आंदोलन के लिए नहीं हैं।’’ मंत्री ने सभी से एकजुटता बनाए रखने और यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि त्योहार के दौरान कोई ऐसी घटना या कार्य ना हो जिससे महाराष्ट्र, समाज या किसी व्यक्ति की छवि खराब हो। बावनकुले ने कहा कि सरकार चाहती है कि 10 दिवसीय उत्सव खुशियां, उत्साह और एकता की भावना लेकर आए तथा लोग अपने स्वास्थ्य और महाराष्ट्र के विकास के लिए संकल्प लें।
उन्होंने कहा कि देवेंद्र फडणवीस सरकार ने अपने कार्यकाल में राजस्व विभाग से संबंधित 107 मंत्रिमंडलीय फैसले किए हैं, जिनका उद्देश्य किसानों, कृषि मजदूरों और नागरिकों की संपत्ति तथा अधिकारों की रक्षा करना है। उन्होंने कहा कि सरकार जल्द ही दो-तीन महत्वपूर्ण कानून लाएगी, जिनमें भूमि स्वामित्व कानून भी शामिल है। उनके अनुसार, यह कानून 80 देशों में लागू है, लेकिन भारत के किसी अन्य राज्य ने इसे अब तक नहीं अपनाया है।
उन्होंने कहा कि प्रस्तावित कानून के तहत नागरिकों को उनकी संपत्ति के निश्चित स्वामित्व वाले कार्ड मिलेंगे।
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